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गुरुद्वारा अंब साहिब में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, नारेबाजी
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मोहाली। फेज-8 स्थित गुरुद्वारा अंब साहिब में विदेश जाने वाले कुछ लोगों द्वारा अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस मनाया गया। ऐसे में गुरुद्वारा साहिब पहुंचे लोगों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। उनका मांग थी कि कोविड-19 के कारण कई लोग कुछ निजी कारणों के चलते भारत लौटे थे, लेकिन कोरोना के चलते वे देश में फंसकर रह गए हैं। वहीं, इनमें सबसे अधिक लोगों का न्यूजीलैंड के लिए वीजा लगा हुआ था। उनका वीजा खत्म हो चुका है।
जानकारी के मुताबिक, न्यूजीलैंड से लौटे कुछ लोग अपने माता-पिता को देखने के लिए घर वापस आ गए थे। वहीं, किसी की शादी थी तो किसी के परिवार में मृत्यु हुई थी। कुछ ऐसे व्यक्ति हैं, जिनका न्यूजीलैंड में परिवार हैं और वे अपनी कोई गलती नहीं होने के कारण लगातार 20 महीनों से अधिक समय से उनसे दूर हैं। जबकि बहुत से लोग न्यूजीलैंड में नौकरी कर रहे थे, जो अब भारत रहते हुए बेरोजगार हो गए हैं। मार्च 2020 से आजतक में लगभग 600-700 के पास अस्थायी वर्क वीजा था, जिनकी आखिरी तारीख भी खत्म हो चुकी है।
कठिन समय में शांत रहकर किया इंतजार
न्यूजीलैंड सरकार द्वारा 20 मार्च 2020 को कोरोना वायरस के चलते प्रवासियों के लिए दरवाजे बंद करने का निर्णय लेते हुए वीजा होते हुए भी सभी को न्यूजीलैंड से बाहर कर दिया गया है। जगदीप सिंह ने बताया कि हमने स्वीकार किया कि समय कठिन था, इसलिए हम 20 महीने से अधिक समय तक शांत रहकर इंतजार कर रहे हैं। इसके बावजूद हम जंतर-मंतर पर रहते हुए प्रदर्शन कर चुके हैं, जिसके बाद हमारी मीटिंग विदेश मंत्री तक से हो चुकी है, लेकिन केंद्र द्वारा कोई प्रतिक्रिया अब तक नहीं दिखाई गई है। प्रवासी दिवस पर हम सभी केंद्र सरकार से निवेदन करते हैं कि न्यूजीलैंड सरकार से बात करके हमारे वीजे रिन्यू किए जाएं।
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जानकारी के मुताबिक, न्यूजीलैंड से लौटे कुछ लोग अपने माता-पिता को देखने के लिए घर वापस आ गए थे। वहीं, किसी की शादी थी तो किसी के परिवार में मृत्यु हुई थी। कुछ ऐसे व्यक्ति हैं, जिनका न्यूजीलैंड में परिवार हैं और वे अपनी कोई गलती नहीं होने के कारण लगातार 20 महीनों से अधिक समय से उनसे दूर हैं। जबकि बहुत से लोग न्यूजीलैंड में नौकरी कर रहे थे, जो अब भारत रहते हुए बेरोजगार हो गए हैं। मार्च 2020 से आजतक में लगभग 600-700 के पास अस्थायी वर्क वीजा था, जिनकी आखिरी तारीख भी खत्म हो चुकी है।
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कठिन समय में शांत रहकर किया इंतजार
न्यूजीलैंड सरकार द्वारा 20 मार्च 2020 को कोरोना वायरस के चलते प्रवासियों के लिए दरवाजे बंद करने का निर्णय लेते हुए वीजा होते हुए भी सभी को न्यूजीलैंड से बाहर कर दिया गया है। जगदीप सिंह ने बताया कि हमने स्वीकार किया कि समय कठिन था, इसलिए हम 20 महीने से अधिक समय तक शांत रहकर इंतजार कर रहे हैं। इसके बावजूद हम जंतर-मंतर पर रहते हुए प्रदर्शन कर चुके हैं, जिसके बाद हमारी मीटिंग विदेश मंत्री तक से हो चुकी है, लेकिन केंद्र द्वारा कोई प्रतिक्रिया अब तक नहीं दिखाई गई है। प्रवासी दिवस पर हम सभी केंद्र सरकार से निवेदन करते हैं कि न्यूजीलैंड सरकार से बात करके हमारे वीजे रिन्यू किए जाएं।
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