Mohali: शाहीमाजरा में कचरा निस्तारण केंद्र का विरोध, निगम कमिश्नर बोले-ताला न खोला तो कार्रवाई करनी होगी
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8बी में कूड़ा डालने पर एनजीटी की रोक लगने के बाद नगर निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत शाहीमाजरा और फेज-11 के पास जगतपुरा में कचरा निस्तारण केंद्र स्थापित किया था। शुरुआत से ही यहां से उठ रही दुर्गंध और प्रदूषण को लेकर स्थानीय लोग परेशान हैं।
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मोहाली में शाहीमाजरा के निवासियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) का गुस्सा कचरा निस्तारण केंद्र को लेकर लगातार बढ़ता जा रहा है। प्लांट से उठने वाली बदबू और धुएं के कारण आसपास के इलाके के लोगों का जीना दूभर हो गया है। लोगों का धरना मंगलवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। मंगलवार को निगम कमिश्नर परमिंदर पाल सिंह माैके पर पहुंचे और लोगों से बात की। लोग अपनी जिद पर अड़े रहे कि प्लांट का ताला नहीं खोलेंगे और धरना जारी रहेगा।
इसके बाद निगम कमिश्नर ने कहा कि अगर ताला नहीं खोला गया तो उनको मजबूरन कार्रवाई के लिए लिखना पड़ेगा। इससे पहले सोमवार को भी निगम कमिश्नर परमिंदरपाल सिंह ने विरोध कर रहे लोगों से बातचीत की थी।
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8बी में कूड़ा डालने पर एनजीटी की रोक लगने के बाद नगर निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत शाहीमाजरा और फेज-11 के पास जगतपुरा में कचरा निस्तारण केंद्र स्थापित किया था। शुरुआत से ही यहां से उठ रही दुर्गंध और प्रदूषण को लेकर स्थानीय लोग परेशान हैं। फेज-4, फेज-5, फेज-11 और शाहीमाजरा के लोग पहले भी कई बार विरोध दर्ज करवा चुके हैं। धरने का नेतृत्व कर रहे पूर्व पार्षद अशोक झा ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द यह केंद्र बंद नहीं किया गया, तो धरना अनिश्चितकालीन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक निगम कोई स्थाई समाधान नहीं करता, उनका विरोध जारी रहेगा। लोगों की मांग है कि इस केंद्र को किसी सुनसान इलाके में स्थानांतरित किया जाए, जहां आबादी न हो और न ही किसी को स्वास्थ्य संबंधी नुकसान पहुंचे।
प्लांट से उठती बदबू और धुएं ने किया लोगों का जीना हराम
कचरा निस्तारण केंद्र से लगातार उठ रही बदबू और धुएं के कारण शाहीमाजरा, फेज-4, फेज-5 और फेज-11 के निवासियों का जीना दूभर हो गया है। बच्चों और बुजुर्गों में सांस संबंधी समस्याएं बढ़ने लगी हैं। कई लोगों को एलर्जी, आंखों में जलन और सिरदर्द की शिकायत हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाके के बीचों-बीच ऐसा प्लांट चलाना पूरी तरह से गलत फैसला है। नगर निगम को चाहिए कि वह आबादी से दूर ऐसा केंद्र स्थापित करे, जिससे शहर के कचरे का निस्तारण भी हो और लोगों को स्वास्थ्य हानि भी न पहुंचे। लोगों ने चेताया है कि यदि उनकी मांगें न मानी गईं तो वे मजबूरन बड़ा आंदोलन करेंगे और नगर निगम कार्यालय का घेराव तक करेंगे। स्थानीय पार्षद भी लोगों के साथ मिलकर इस मुद्दे को उठाने की तैयारी कर रहे हैं।