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महीनों मेहनत कर तैयार किए प्रस्ताव, 10 मिनट में रद्द
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नयागांव। इलाके के विकास पर राजनीति पूरी तरह हावी है। करीब छह महीने के बाद हुई हाउस की बैठक पार्षदों के चाय-पकौड़े से आगे नहीं बढ़ पाई। अफसरों द्वारा महीनों की मेहनत से तैयार किए विकास के 19 प्रस्तावों में से दो को छोड़कर बाकी को पार्षदों ने बहुमत से रद्द कर दिया। पक्ष एवं विपक्ष दोनों के विकास को लेकर अपने-अपने दावे हैं।
नगर काउंसिल नयागांव में अकाली दल का प्रधान है लेकिन हाउस की बैठक में चुनाव के समय जो पार्षद उनके साथ थे, उन्होंने भी उनका साथ नहीं दिया। नगर काउंसिल की इस बैठक में इलाके के विकास संबंधी करीब 24 करोड़ के कामों का प्रस्ताव रखा गया था। बैठक के अंदर करीब 19 प्रस्तावों में तकरीबन 300 विकास के कार्य थे लेकिन बैठक में सिर्फ दो ही प्रस्तावों पर सहमति बन पाई है। बाकी सभी प्रस्तावों को विपक्ष के 12 पार्षदों ने बहुमत से खारिज कर दिया।
यह है पार्षदों की स्थिति
14 फरवरी 2021 को हुए नगर काउंसिल के चुनाव में कुल 21 पार्षदों में से 10 पार्षद अकाली दल, 6 कांग्रेस, तीन भाजपा और दो आजाद थे। अभी 10 में से तीन पार्षदों ने अकाली दल का साथ छोड़ दिया है। वही दो कांग्रेस के पार्षद अकाली दल के साथ आ गए हैं। इस तरह से वीरवार को हुई हाउस की बैठक में 9 पार्षद सत्ता पक्ष अकाली दल के साथ थे। बाकी सभी 12 पार्षद विपक्ष में इकट्ठे थे।
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विपक्ष इलाके में नहीं चाहता है विकास : सत्ता पक्ष
नयागांव के विकास के लिए हाउस की बैठक में एजेंडे को मंजूरी देना बहुत जरूरी था लेकिन विपक्ष के पार्षदों के ने एजेंडे को खारिज कर अपनी मानसिकता को दिखा दिया है। वे इलाके में विकास कार्य नहीं होने देना चाहते हैं। प्रस्ताव में सभी 21 वार्डों के विकास कार्य रखे गए थे। जनता सब कुछ देख रही है। आने वाले समय में जनता इन पार्षदों को जवाब देगी। एजेंडे पास होने के पक्ष में हरमेश कुमार, गुरबचन सिंह, तरनजीत कौर, बलविंदर कौर, अमनदीप कौर, सुनहरी देवी, मंशा राम, कुलविंदर कौर एवं विनोद विन्दोलिया थे।
ज्यादा था बजट, जनता के पैसे की बर्बादी कैसे होने देते : विपक्ष
हम इलाके में बिना भेदभाव के विकास करवाना चाहते हैं लेकिन प्रधान द्वारा लाए गए प्रस्ताव में कई खामियां थी। इसमें विकास कार्यों के लिए जो बजट लाया गया था। वह नगर काउंसिल के वार्षिक बजट से काफी ज्यादा था। इसके अलावा विकास कार्यों में बढ़ा-चढ़ाकर बजट बना रखा था। अगर हम इसे मंजूरी देते तो वह इलाके की जनता के पैसे की बर्बादी थी। जून 2021 में जो हाउस की बैठक हुई थी, उसमें पास किए गए प्रस्तावों का काम अभी तक शुरू नहीं किया गया है। पहले पुराने लंबित काम करवाए जाए। एजेंडे पास होने के विपक्ष में कुलविंदर कौर, तारो देवी, गुरप्रीत सिंह, गुरमीत कौर, सुशील कुमार, पूजा, ममता, अवतार सिंह तारी, कुलबीर बिष्ट, अर्चना कोरी, प्रमोद कुमार एवं रविंदर सिंह शामिल थे।
नगर काउंसिल की बैठक के ये हैं नियम
विशेषज्ञों के अनुसार पंजाब म्युनिसिपल एक्ट 2011 के अनुसार किसी भी नगर काउंसिल की आम बैठक महीने में एक बार होना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं होता है और बार-बार प्रस्ताव को रद्द कर दिया जाता है तो किसी की भी शिकायत पर स्थानक सरकार विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी द्वारा पार्षदों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है जिसमें पार्षदों की सदस्यता भी खत्म हो सकती है। वहीं एक बार जो प्रस्ताव हाउस से रद्द कर दिया जाता है, उसे दोबारा छह महीने बाद ही हाउस में लाया जा सकता है ।
यह थे कुछ मुख्य कार्य जो अटक गए
1. 21 वार्डों में अलग-अलग जगह पर सड़क निर्माण, मरम्मत एवं अन्य कार्यों के करीब 296 प्रस्ताव।
2. 136 सफाई कर्मचारियों का बीमा कराने का प्रस्ताव ।
3. आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए जीरकपुर में बनाए गए क्लस्टर संबंधी प्रस्ताव।
4. शहर से कूड़ा उठाने के लिए एक नई ट्रॉली खरीदने संबंधी प्रस्ताव।
5. बरसात के मौसम में मक्खी, मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों को रोकने के लिए फॉगिंग मशीन की दवा खरीदने संबंधी प्रस्ताव।
6. ठेका कर्मचारियों को बढ़े हुए डीसी रेट का एरियर देने का प्रस्ताव।
7. इलाके में सार्वजनिक शौचालय बनाने का प्रस्ताव।
8. वाटर सप्लाई एवं सैनिटेशन विभाग को नगर काउंसिल की हद में पानी सप्लाई के रखरखाव की बकाया राशि का भुगतान संबंधी प्रस्ताव।
9. होम्योपैथिक डिस्पेंसरी के भवन की मरम्मत का प्रस्ताव।
यह है पर्दे के पीछे की कहानी
सूत्रों के अनुसार प्रस्ताव रद्द होने के पीछे का कारण पार्षदों की आपसी खींचतान है। इससे पहले 20 जून को होने वाली नगर काउंसिल की बैठक से ठीक पहले विपक्षी 12 पार्षद पूर्व मंत्री एवं आम आदमी पार्टी के नेता जगमोहन कंग के घर इकट्ठे हुए थे। इस कारण वह बैठक रद्द कर दी गई थी। चुनाव के समय अकाली दल के पास 10 पार्षद थे। उस समय बीजेपी के एक पार्षद ने अपना वोट देकर अकाली दल का प्रधान बनाया था लेकिन अब उसी पार्षद के द्वारा प्रधान के पति पर भेदभाव का आरोप लगाया जा रहा है। बुधवार शाम तक अकाली दल के पास बहुमत होने का दावा था। चंडीगढ़ के एक निजी होटल में 9 अकाली समर्थक एवं दो बीजेपी के पार्षदों की एक गुप्त बैठक भी हुई थी लेकिन उसके बाद विपक्षी पार्षदों ने दोनों बीजेपी के पार्षदों को अपने में मिला लिया जिस कारण बैठक के समय विपक्षी पार्षदों का बहुमत हो गया।
कोट
विपक्ष को सदन में बहस करनी चाहिए। इस तरह से सभी प्रस्तावों को नामंजूर करने से उनकी मानसिकता साबित होती है कि वह इलाके में विकास ही नहीं होने देना चाहते हैं। -बलविंदर कौर, प्रधान नगर काउंसिल, नयागांव
प्रधान को पिछली बैठक में हुए प्रस्तावों पर काम करना चाहिए। उसके बाद ही नए प्रस्ताव मंजूर किए जाने चाहिए। -अवतार सिंह तारी, पार्षद नगर काउंसिल, नयागांव
कोट
हाउस की बैठक में प्रस्ताव पास करना एवं रद्द करना पार्षदों के हाथ में है लेकिन नयागांव के विकास के लिए प्रस्तावों पर चर्चा होना जरूरी था। जल्द ही सभी पार्षदों से बात कर दोबारा बैठक बुलाने की कोशिश की जाएगी।
वीरेंद्र जैन, कार्यकारी अधिकारी, नगर काउंसिल, नयागांव
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नगर काउंसिल नयागांव में अकाली दल का प्रधान है लेकिन हाउस की बैठक में चुनाव के समय जो पार्षद उनके साथ थे, उन्होंने भी उनका साथ नहीं दिया। नगर काउंसिल की इस बैठक में इलाके के विकास संबंधी करीब 24 करोड़ के कामों का प्रस्ताव रखा गया था। बैठक के अंदर करीब 19 प्रस्तावों में तकरीबन 300 विकास के कार्य थे लेकिन बैठक में सिर्फ दो ही प्रस्तावों पर सहमति बन पाई है। बाकी सभी प्रस्तावों को विपक्ष के 12 पार्षदों ने बहुमत से खारिज कर दिया।
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यह है पार्षदों की स्थिति
14 फरवरी 2021 को हुए नगर काउंसिल के चुनाव में कुल 21 पार्षदों में से 10 पार्षद अकाली दल, 6 कांग्रेस, तीन भाजपा और दो आजाद थे। अभी 10 में से तीन पार्षदों ने अकाली दल का साथ छोड़ दिया है। वही दो कांग्रेस के पार्षद अकाली दल के साथ आ गए हैं। इस तरह से वीरवार को हुई हाउस की बैठक में 9 पार्षद सत्ता पक्ष अकाली दल के साथ थे। बाकी सभी 12 पार्षद विपक्ष में इकट्ठे थे।
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विपक्ष इलाके में नहीं चाहता है विकास : सत्ता पक्ष
नयागांव के विकास के लिए हाउस की बैठक में एजेंडे को मंजूरी देना बहुत जरूरी था लेकिन विपक्ष के पार्षदों के ने एजेंडे को खारिज कर अपनी मानसिकता को दिखा दिया है। वे इलाके में विकास कार्य नहीं होने देना चाहते हैं। प्रस्ताव में सभी 21 वार्डों के विकास कार्य रखे गए थे। जनता सब कुछ देख रही है। आने वाले समय में जनता इन पार्षदों को जवाब देगी। एजेंडे पास होने के पक्ष में हरमेश कुमार, गुरबचन सिंह, तरनजीत कौर, बलविंदर कौर, अमनदीप कौर, सुनहरी देवी, मंशा राम, कुलविंदर कौर एवं विनोद विन्दोलिया थे।
ज्यादा था बजट, जनता के पैसे की बर्बादी कैसे होने देते : विपक्ष
हम इलाके में बिना भेदभाव के विकास करवाना चाहते हैं लेकिन प्रधान द्वारा लाए गए प्रस्ताव में कई खामियां थी। इसमें विकास कार्यों के लिए जो बजट लाया गया था। वह नगर काउंसिल के वार्षिक बजट से काफी ज्यादा था। इसके अलावा विकास कार्यों में बढ़ा-चढ़ाकर बजट बना रखा था। अगर हम इसे मंजूरी देते तो वह इलाके की जनता के पैसे की बर्बादी थी। जून 2021 में जो हाउस की बैठक हुई थी, उसमें पास किए गए प्रस्तावों का काम अभी तक शुरू नहीं किया गया है। पहले पुराने लंबित काम करवाए जाए। एजेंडे पास होने के विपक्ष में कुलविंदर कौर, तारो देवी, गुरप्रीत सिंह, गुरमीत कौर, सुशील कुमार, पूजा, ममता, अवतार सिंह तारी, कुलबीर बिष्ट, अर्चना कोरी, प्रमोद कुमार एवं रविंदर सिंह शामिल थे।
नगर काउंसिल की बैठक के ये हैं नियम
विशेषज्ञों के अनुसार पंजाब म्युनिसिपल एक्ट 2011 के अनुसार किसी भी नगर काउंसिल की आम बैठक महीने में एक बार होना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं होता है और बार-बार प्रस्ताव को रद्द कर दिया जाता है तो किसी की भी शिकायत पर स्थानक सरकार विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी द्वारा पार्षदों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है जिसमें पार्षदों की सदस्यता भी खत्म हो सकती है। वहीं एक बार जो प्रस्ताव हाउस से रद्द कर दिया जाता है, उसे दोबारा छह महीने बाद ही हाउस में लाया जा सकता है ।
यह थे कुछ मुख्य कार्य जो अटक गए
1. 21 वार्डों में अलग-अलग जगह पर सड़क निर्माण, मरम्मत एवं अन्य कार्यों के करीब 296 प्रस्ताव।
2. 136 सफाई कर्मचारियों का बीमा कराने का प्रस्ताव ।
3. आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए जीरकपुर में बनाए गए क्लस्टर संबंधी प्रस्ताव।
4. शहर से कूड़ा उठाने के लिए एक नई ट्रॉली खरीदने संबंधी प्रस्ताव।
5. बरसात के मौसम में मक्खी, मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों को रोकने के लिए फॉगिंग मशीन की दवा खरीदने संबंधी प्रस्ताव।
6. ठेका कर्मचारियों को बढ़े हुए डीसी रेट का एरियर देने का प्रस्ताव।
7. इलाके में सार्वजनिक शौचालय बनाने का प्रस्ताव।
8. वाटर सप्लाई एवं सैनिटेशन विभाग को नगर काउंसिल की हद में पानी सप्लाई के रखरखाव की बकाया राशि का भुगतान संबंधी प्रस्ताव।
9. होम्योपैथिक डिस्पेंसरी के भवन की मरम्मत का प्रस्ताव।
यह है पर्दे के पीछे की कहानी
सूत्रों के अनुसार प्रस्ताव रद्द होने के पीछे का कारण पार्षदों की आपसी खींचतान है। इससे पहले 20 जून को होने वाली नगर काउंसिल की बैठक से ठीक पहले विपक्षी 12 पार्षद पूर्व मंत्री एवं आम आदमी पार्टी के नेता जगमोहन कंग के घर इकट्ठे हुए थे। इस कारण वह बैठक रद्द कर दी गई थी। चुनाव के समय अकाली दल के पास 10 पार्षद थे। उस समय बीजेपी के एक पार्षद ने अपना वोट देकर अकाली दल का प्रधान बनाया था लेकिन अब उसी पार्षद के द्वारा प्रधान के पति पर भेदभाव का आरोप लगाया जा रहा है। बुधवार शाम तक अकाली दल के पास बहुमत होने का दावा था। चंडीगढ़ के एक निजी होटल में 9 अकाली समर्थक एवं दो बीजेपी के पार्षदों की एक गुप्त बैठक भी हुई थी लेकिन उसके बाद विपक्षी पार्षदों ने दोनों बीजेपी के पार्षदों को अपने में मिला लिया जिस कारण बैठक के समय विपक्षी पार्षदों का बहुमत हो गया।
कोट
विपक्ष को सदन में बहस करनी चाहिए। इस तरह से सभी प्रस्तावों को नामंजूर करने से उनकी मानसिकता साबित होती है कि वह इलाके में विकास ही नहीं होने देना चाहते हैं। -बलविंदर कौर, प्रधान नगर काउंसिल, नयागांव
प्रधान को पिछली बैठक में हुए प्रस्तावों पर काम करना चाहिए। उसके बाद ही नए प्रस्ताव मंजूर किए जाने चाहिए। -अवतार सिंह तारी, पार्षद नगर काउंसिल, नयागांव
कोट
हाउस की बैठक में प्रस्ताव पास करना एवं रद्द करना पार्षदों के हाथ में है लेकिन नयागांव के विकास के लिए प्रस्तावों पर चर्चा होना जरूरी था। जल्द ही सभी पार्षदों से बात कर दोबारा बैठक बुलाने की कोशिश की जाएगी।
वीरेंद्र जैन, कार्यकारी अधिकारी, नगर काउंसिल, नयागांव