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Mohali News: ठंड से हड्डियों के मरीजों की बढ़ीं मुश्किलें, जोड़ों के दर्द से हो रही तकलीफ

Thu, 11 Jan 2024 01:44 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jan 2024 01:44 AM IST
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Problems increased for bone patients due to cold, suffering from joint pain
मोहाली। ठंड से हड्डियों के मरीजों की मुश्किलें बढ़ रही है। उन्हें जोड़ों के दर्द का सामना करना पड़ रहा है। हड्डी के दर्द से बुजुर्गों के साथ युवाओं को भी तकलीफ हो रही है। ठंड के चलते मूवमेंट में कमी आने से टूटे हाथ-पैर वाली जगह पर भी दर्द महसूस हो रहा है। इस पर डॉक्टरों ने ठंड, धुंध और कोहरे के दौरान बाहर निकलने से बचने की सलाह देने के साथ ही घर पर ही हल्के व्यायाम करने को कहा है। यह जानकारी फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित लखानी ने दी।उन्होंने कहा कि सर्दियों में हो रहा वायरल बुखार जोड़ों में दर्द कर सकता है। इसे पोस्ट वायरल अर्थराल्जिया भी कहते हैं। इसमें सबसे ज्यादा टखने, पैर की उंगलियां, हाथ, कलाई और घुटने प्रभावित होते हैं। यह तब होता है जब आपको वायरल संक्रमण के कारण एक या एक से अधिक जोड़ों में दर्द और सूजन होती है। यह दर्द करीब तीन-चार महीने तक रहता है। बच्चों की तुलना में बुजुर्गों में यह होने की संभावना अधिक होती है। ठंड में खून की सप्लाई कम हो जाती है। इससे भी जोड़ों के दर्द की समस्या रहती है।
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यह भी कहा कि आजकल हमारे खान-पान से लेकर गतिविधियों में भी बदलाव आ गया है। इस कारण युवाओं में भी जोड़ों में दर्द जैसी कई समस्याएं समय से पहले होने लगी हैं। बाहर जाकर शारीरिक गतिविधियां करने के बजाय घर में बैठकर ऑनलाइन गेमिंग में समय व्यतीत करते हैं, जिससे शारीरिक और मानसिक तौर पर असर पड़ता है। वहीं ठंड में तापमान में कमी के कारण नसें सिकुड़ने लगती हैं। इससे विटामिन-डी की कमी के कारण हड्डियों और जोड़ों का दर्द बढ़ जाता है। हड्डियों में लचीलेपन की कमी हो जाती है। इस कारण जोड़ों में अकड़न आ जाती है और दर्द होने लगता है।
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मधुमेह है जोड़ों के दर्द का कारण
मधुमेह एक दीर्घकालिक स्थिति है जिसे डॉक्टर इंसुलिन और ब्लड शुगर की समस्या के रूप में देखते हैं, इसे बल्ड ग्लूकोज भी कहा जाता है। अगर किसी व्यक्ति में ब्लड शुगर का स्तर अक्सर उच्च रहता है और उन्हें उपचार नहीं मिलता है, तो इससे कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
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टाइप-1 मधुमेह : यह एक ऑटो इम्यून स्थिति है जो तब होती है जब पैनक्रियाज इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता है।
टाइप-2 मधुमेह : यह एक अर्जित स्थिति है। इससे शरीर में कम इंसुलिन का उत्पादन होता है और हार्मोन प्रभावी ढंग से काम नहीं करता है। कई स्थितियां ऐसी हैं जिनसे मधुमेह जोड़ों के दर्द का कारण बन सकता है।

उपाय
1. ठंड में कम से कम घर से बाहर निकलें।
2. गुन-गुना पानी ज्यादा से ज्यादा पीएं।
3. 60 साल की उम्र के बाद कैल्शियम जरूर लें।
4. गर्म कपड़े पहनें।
5. रोज व्यायाम करें।
6. गर्म पानी से सेक करें।
7. विटामिन-सी से भरपूर मौसम के फल (आंवला, संतरे आदि) जरूर खाएं।
8. डॉक्टर से संपर्क करें।
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