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उचित परमिट के बिना सड़कों पर दौड़ रहीं निजी बसें

Mon, 28 Mar 2022 01:51 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Mon, 28 Mar 2022 01:51 AM IST
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Private buses running on roads without proper permit
मोहाली। ट्रांसपोर्ट माफिया राज्य सरकार को हर माह मोटा चूना लगा रहा है। इलाके में उचित परमिट के बिना ही निजी बसें रात के समय सवारियां लेकर कई राज्यों से आ रही हैं। इस काम में जुटे लोगों के हौसले काफी बुलंद हैं। ऑनलाइन टिकट बुकिंग के अलावा उन्होंने कई शहरों में अपने मुलाजिम तक तैनात किए हैं, जो इस सारे कारोबार को चलाते हैं। ऐसे में उसी रूट पर चलने वाले विभिन्न राज्य की सरकारी बसों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। दूसरी तरफ ट्रांसपोर्ट विभाग का दावा है कि नियम तोड़कर चलने वाली बसों पर कार्रवाई की जा रही है।
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ट्रांसपोर्ट माफिया रात आठ बजे के बाद पूरी तरह से इलाके में सक्रिय हो जाता है। यह सारा काम निजी टूरिस्ट बसों की आड़ में होता है। नाम के लिए यह टूरिस्ट बसें होती हैं, लेकिन यह बसें पूरे रास्ते सवारियां उठाते हुए चलती हैं। इससे जहां उन्हीं रूट पर चलने वाले विभिन्न राज्यों की सरकारी बसों को नुकसान होता है। वहीं ये बसें बस अड्डों में न जाकर बस अड्डा फीस भी बचाती हैं।
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कुछ समय अड्डा पूर्व ट्रांसपोर्ट मंत्री जब रात को खुद चेकिंग पर निकले थे तो इस बात की सारी पोल खुल गई थी। इस दौरान 42 से ज्यादा बसों को जब्त किया गया था, जिनके पास न तो परमिट था और न ही उन्होंने स्टेट टैक्स भरा। बिना परमिट वाली बसों में सफर करना यात्रियों के लिए भी नुकसानदायक है। यदि बस का हादसा हो जाए तो इश्योरेंस कंपनियां भी इनमें सफर करने वाली सवारियों के क्लेम क्लीयर नहीं करती है।
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परमिट के नाम पर ही होता है सारा खेल
परिवहन से जुड़ा काम करने वाले कुलदीप सिंह बताते हैं कि ट्रांसपोर्ट माफिया का सारा खेल परमिट के नाम पर हीं होता है। दो तरह के परमिट होते हैं, जिन्हें कॉमर्शियल वाहन मालिक को लेना होता है। इसमें एक पिक एंड ड्रॉप परमिट होता है। इसमें कहीं से भी सवारी उठाकर उतारी जा सकती है, जबकि दूसरा कांट्रैक्ट कैरिज परमिट होता है जिसमें रास्ते में सवारी उठाने की अनुमति नहीं होती है, लेकिन ज्यादातर लोग कांट्रैक्ट कैरिज का ही प्रयोग करते हैं जिससे सरकार को नुकसान होता है।

कोट
ट्रांसपोर्ट विभाग इस चीज को लेकर काफी गंभीर है। पिछले सप्ताह नियम तोड़ने वाली तीन बसों के चालान किए गए हैं। इसके अलावा औचक जांच की प्रक्रिया लगातार चल रही है। इससे पहले कई बसें जब्त की जा चुकी हैं। -सुखविंदर सिंह, रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी मोहाली
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