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Mohali News: एनआईए का फर्जी चीफ बन प्रॉपर्टी डीलर से मांगी 50 लाख की फिरौती

Sat, 20 Jul 2024 06:25 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jul 2024 06:25 AM IST
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Posed as fake chief of NIA and demanded ransom of Rs 50 lakh from property dealer
मोहाली। फिल्मी स्टाइल में नेशनल इनवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) के फर्जी चीफ समेत स्टाफ बनकर आए दो महिलाओं समेत आठ आरोपियों ने एक प्रॉपर्टी डीलर को डराकर उससे 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। प्रॉपर्टी डीलर की शिकायत पर पुलिस ने दोनों महिलाओं समेत आठों आरोपियों को जीरकपुर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
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बताया जा रहा है कि यह एक बहुत बड़ा गैंग है जो कि बिजनेसमैनों को डराकर पैसे ऐंठने का धंधा करता है। इन आरोपियों ने प्रॉपर्टी डीलर को यह कहकर डराया था कि दिल्ली में 30 करोड़ रुपये का गबन हुआ है, जिसमें उसका नाम सामने आया है। अगर वह अपना नाम केस से निकलवाना चाहता है तो 50 लाख रुपये दे। यह सुनकर प्रॉपर्टी डीलर ने उन पर शक हुआ और उसने इस मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। इसके बाद पुलिस ने ट्रैप लगाकर आठाें आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ज्योति निवासी कृष्णा अपार्टमेंट द्वारका न्यू दिल्ली, नीलम निवासी गीता कॉलोनी उत्तम नगर दिल्ली, दलविंदर सिंह निवासी मलोया चंडीगढ़, राधे श्याम निवासी आनंदपुर साहिब, राज कुमार निवासी चाणक्या पुरी न्यू दिल्ली, नितेश निवासी बहादुरगढ़ जिला झज्जर, हरियाणा, सुभाष चंद्र निवासी गांव राणीयां जिला सिरसा, हरियाणा, और सुशील निवासी झज्जर हरियाणा शामिल हैं। इनके खिलाफ बीएनएस की धारा 319(2), 318(4), 61 (2), 308(2) व 62 के तहत केेेस दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया और अदालत ने इन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
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चंडीगढ़ सेक्टर-39बी के रहने वाले 60 वर्षीय वीरपाल सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह खेतीबाड़ी के साथ-साथ प्रॉपर्टी डीलर का काम करता है। 17 जुलाई को 10 बजे सुबह उसके मोबाइील पर व्हाट्सएप कॉल आई और व्यक्ति ने बोला कि वह एनआईए टीम का चीफ सुशील कुमार बोल रहा है। उसने उसे सिंघपुरा चौक जीरकपुर आकर मिलने को कहा। वीरपाल उसी समय अपनी कार से जीरकपुर सिंघपुरा लाइटों पर पहुंचा तो वहां तीन कारों में आठ लोग मौजूद थे। उनमें दो महिलाएं भी शामिल थी। एक व्यक्ति जो सिर से गंजा था ने खुद को एनआईए टीम का चीफ बताकर अपना नाम सुशील बताया और कार में बैठे लोगों को अपने विभाग का स्टाफ बताने लगा।
फर्जी एनआईए चीफ ने कहा कि दिल्ली में 30 करोड़ रुपये का गबन हुआ है और पूछताछ में उसका नाम सामने आया है। उसने कहा कि वह उसके बैंक खातों और प्रॉपर्टी की जांच करनी जरूरी है। यह बात सुनकर वह घबरा गया। उस व्यक्ति ने कहा कि तेरा इस केस से नाम निकल सकता है अगर तू 50 लाख रुपये का इंतजाम करे तो। उसने कहा कि वह इतनी रकम का इंतजाम नहीं कर सकता। वीरपाल सिंह ने कहा कि वह उसे 10 लाख रुपये का इंतजाम करके दे सकता है। इस पर फर्जी एनआईए चीफ ने उसे कहा कि कल शाम तक वह उसे 10 लाख रुपये लाकर जीरकपुर में दे तो वह उसका नाम केस से निकाल देगा।

वीरपाल घर गया और इस बारे में अपने परिवार से बात की। उसके परिवार ने उसे कहा कि जब उसने कोई गलत काम नहीं किया तो वह पुलिस में शिकायत क्यों नहीं देता। इस पर उसने मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने ट्रैप लगाया और जब फर्जी गैंग वीरपाल से 10 लाख रुपये की रकम लेने आया तो पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। जब उनकी जांच की तो पता चला कि वह कोई एनआईए की टीम नहीं है बल्कि सभी लोग फर्जी हैं और लोगों को डराकर उनसे पैसे ऐंठने का धंधा करते हैं। इस पर पुलिस गिरफ्तार आठों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को और खुलासे होने की उम्मीद है।
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