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Mohali News: पारिवारिक समस्या, अकेलापन, आर्थिक स्थिति और नशे की लत के कारण आत्महत्या कर रहे लोग
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मोहाली। पारिवारिक समस्या, अकेलापन, आर्थिक स्थिति और नशे की लत के चलते लोग आत्महत्या कर रहे हैं। जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार जिले में पिछले चार साल में खुदकुशी के 100 के करीब मामले दर्ज हुए हैं। खुदकुशी मामले में वर्ष 2021 के मुकाबले वर्ष 2022 में 44 फीसदी केस बढ़े थे और वर्ष 2023 में यही आंकड़ा घटकर 11.11 फीसदी रह गया था। अगर इस वर्ष की बात करें तो वर्ष 2024 में पांच महीने में खुदकुशी के 7 मामले सामने आए हैं। इस वर्ष के मुकाबले अब तक 21.88 प्रतिशत मामले घटे हैं। वर्ष 2021 में कुल 25 खुदकुशी के मामले सामने आए थे जिनमें 24 मामले 18 साल से ऊपर और एक मामला 18 साल से नीचे था। इसी तरह वर्ष 2022 में कुल 36 खुदकुशी के मामले सामने आए थे जिनमें सभी 18 साल से ऊपर थे। वहीं, वर्ष 2023 में 32 खुदकुशी के मामले दर्ज किए गए थे। 10 सितंबर को पूरी दुनिया में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने के पीछे लोगों को आत्महत्या के प्रति जागरूक करना है ताकि लोग ऐसे कदम ना उठाएं। जिस तरह हमारे आसपास आत्महत्या के मामले बढ़ रहे हैं, इसके प्रति जागरूकता और जरूरी बनती जा रही है। आत्महत्या के पीछे पारिवारिक कलह सबसे बड़ी वजह बताई गई है। मानसिक बीमारी, नशे की लत, लव लाइफ से जुड़ी दिक्कतें भी आत्महत्या की वजहें बताई गई है। आत्महत्या के बढ़ते मामलों को रोकना देश के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। इसे रोकने के लिए एक व्यक्ति खुद सबसे अहम कड़ी होता है, क्योंकि वह समाज के एक सदस्य के रूप में अपनी सजगता से खुद के साथ अन्य लोगों को भी बचा सकता है। बता दें कि कुछ समय पहले मोहाली में 25 साल की लड़की ने अपनी वीडियो वायरल होने के डर से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतका के पिता के बयान पर जसविंदर सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 का मामला दर्ज हुआ था। हरजीत सिंह नाम का शख्स युवती को उसकी वीडियो वायरल करने के लिए धमकाता था और पीछा छोड़ने के लिए 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी जिस कारण तंग आकर युवती ने खुदकुशी कर ली थी। इस वर्ष दो महीने पहले भी एक महिला ने अपने ससुराल से तंग आकर खुदकुशी कर ली थी। पुलिस ने बाद में मृतक युवती के भाई के बयान पर ससुराल परिवार पर मामला दर्ज किया था।
एक्सपर्ट व्यू
इस संबंधी मनोचिकित्सक कंसलटेंट डॉ. राजेश जैन ने कहा कि कोई भी व्यक्ति सुसाइड के बारे में तभी सोचता है जब उन्हें जीने की कोई उम्मीद नजर नहीं आती। आत्महत्या का मामला दुखद तो है, लेकिन हर मामले में कुछ न कुछ रहस्य छिपा होता है। हालांकि हर मामले में एक समानता जरूर नजर आती रही है और वह है निराशा की गहरी भावनाएं। कई बार लोग अपनी दिक्कतों से इतने तंग आ जाते हैं कि उन्हें आगे का कोई राह नजर नहीं आता है। उन्हें लगने लगता है कि वह जिंदगी और हालात से पैदा हुई चुनौतियों का सामना नहीं कर पाएंगे। ऐसे में सबसे जरूरी है कि कोई ऐसा व्यक्ति आपके साथ हो जो आपकी बातों को सुन और समझ सके। जब आपका दोस्त या परिवार का कोई सदस्य अपनी दिक्कतें बता रहा हो तो हमें उनकी आलोचना करने के बजाय बात सुननी चाहिए। एक्सपर्ट ने डिप्रेशन के लक्षण के बार में बात करते हुए कहा कि इसका सबसे सामान्य लक्षण है अचानक बात करना बंद कर देना। हमने कई ऐसे मामले देखे हैं जहां डिप्रेशन से जूझ रहा व्यक्ति खुद को कॉर्नर कर देता है। अगर आप देख रहे हैं कि आपका करीबी दो हफ्तों से ज्यादा गुमसुम है तो उनसे बात करने की कोशिश करनी चाहिए। सुसाइड के ख्याल से पहले सामान्य तौर पर बच्चे या बुजुर्ग खाना अवॉइड करने लगते हैं। कम बोलना, कम खाना, अपनी किसी ना किसी बातों से जाहिर कर देना कि उन्हें सुसाइड के ख्याल आ रहे हैं, दुखी रहना ये एक सामान्य लक्षण है जिसे हम इग्नोर कर देते हैं।
कोट्स
तनाव लेकर अच्छी पढ़ाई के नतीजे ज्यादा अच्छे नहीं आएंगे। अगर बिना तनाव के पढ़ाई की जाए तो उसका परिणाम भी अच्छा होगा। किसी भी समस्या का हल खुदकुशी नहीं है। हर समस्या का हल संभव होता है। लोगों को अपना आत्मविश्वास खत्म नहीं होने देना चाहिए। किसी तरह की परेशानी आने पर एकाएक कदम उठाने की नहीं सोचनी चाहिए। उसे अपने करीबियों से शेयर करना चाहिए जिसका 100 फीसदी हल निकलता है। - डॉ. संदीप गर्ग, एसएसपी मोहाली
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एक्सपर्ट व्यू
इस संबंधी मनोचिकित्सक कंसलटेंट डॉ. राजेश जैन ने कहा कि कोई भी व्यक्ति सुसाइड के बारे में तभी सोचता है जब उन्हें जीने की कोई उम्मीद नजर नहीं आती। आत्महत्या का मामला दुखद तो है, लेकिन हर मामले में कुछ न कुछ रहस्य छिपा होता है। हालांकि हर मामले में एक समानता जरूर नजर आती रही है और वह है निराशा की गहरी भावनाएं। कई बार लोग अपनी दिक्कतों से इतने तंग आ जाते हैं कि उन्हें आगे का कोई राह नजर नहीं आता है। उन्हें लगने लगता है कि वह जिंदगी और हालात से पैदा हुई चुनौतियों का सामना नहीं कर पाएंगे। ऐसे में सबसे जरूरी है कि कोई ऐसा व्यक्ति आपके साथ हो जो आपकी बातों को सुन और समझ सके। जब आपका दोस्त या परिवार का कोई सदस्य अपनी दिक्कतें बता रहा हो तो हमें उनकी आलोचना करने के बजाय बात सुननी चाहिए। एक्सपर्ट ने डिप्रेशन के लक्षण के बार में बात करते हुए कहा कि इसका सबसे सामान्य लक्षण है अचानक बात करना बंद कर देना। हमने कई ऐसे मामले देखे हैं जहां डिप्रेशन से जूझ रहा व्यक्ति खुद को कॉर्नर कर देता है। अगर आप देख रहे हैं कि आपका करीबी दो हफ्तों से ज्यादा गुमसुम है तो उनसे बात करने की कोशिश करनी चाहिए। सुसाइड के ख्याल से पहले सामान्य तौर पर बच्चे या बुजुर्ग खाना अवॉइड करने लगते हैं। कम बोलना, कम खाना, अपनी किसी ना किसी बातों से जाहिर कर देना कि उन्हें सुसाइड के ख्याल आ रहे हैं, दुखी रहना ये एक सामान्य लक्षण है जिसे हम इग्नोर कर देते हैं।
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कोट्स
तनाव लेकर अच्छी पढ़ाई के नतीजे ज्यादा अच्छे नहीं आएंगे। अगर बिना तनाव के पढ़ाई की जाए तो उसका परिणाम भी अच्छा होगा। किसी भी समस्या का हल खुदकुशी नहीं है। हर समस्या का हल संभव होता है। लोगों को अपना आत्मविश्वास खत्म नहीं होने देना चाहिए। किसी तरह की परेशानी आने पर एकाएक कदम उठाने की नहीं सोचनी चाहिए। उसे अपने करीबियों से शेयर करना चाहिए जिसका 100 फीसदी हल निकलता है। - डॉ. संदीप गर्ग, एसएसपी मोहाली
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