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Mohali News: पापा मुझसे गलती हो गई, मैं जा रहा हूं पुलिस को शक, नौकर के साथ नेपाल भागा करोड़ों रुपये गबन करने का आरोपी बैंक मैनेजर मैनेजर ने 14 फरवरी की शाम अपने घर फोन कर अंतिम बार बात की थी
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नयागांव। न्यू चंडीगढ़ मुल्लांपुर के गांव बांसेपुर के एक्सिस बैंक का ब्रांच मैनेजर पर अपने ही बैंक के खाता धारकों के करोड़ों रुपये गबन करने के आरोप के बाद से गायब है। पुलिस को बैंक हेड विकास सूद ने अपने ब्रांच मैनेजर गौरव शर्मा, कैशियर संजीत कुमार के खिलाफ शिकायत दी थी। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों बैंक कर्मियों पर मामला दर्ज कर कैशियर को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने कैशियर संजीत को कोर्ट एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस ने आरोपी का पांच दिन का रिमांड मागा था। वहीं मुख्य आरोपी फरार है। पुलिस जांच में सामने आया है कि बैंक मैनेजर ने अंतिम कॉल 14 फरवरी की शाम को अपने पिता को की थी। इसके बाद से फोन बंद है। परिजनों के मुताबिक पिता को बताया था कि पापा मुझे गलती हो गई है, मैं जा रहा हूं। आरोपी बैंक मैनेजर की अंतिम विजिट थाईलैंड की पाई गई है। बताया जा रहा है कि वह महंगी शराब पीने का आदी था। वहीं करोड़ों के गबन का मामला सामने आने के बाद से खाता धारक दूसरे दिन में बैंक में रुपये पाने के लिए डटे रहे। पुलिस जांच में शिकायतों के हिसाब से करीब 8 करोड़ रकम खातों से गायब होने की जानकारी है। यह रकम शिकायतों के साथ बढ़ती जा रही है। पुलिस को शक है कि वह अपने साथी नौकर के साथ नेपाल भाग गया है।
जानकारी के अनुसार गांव बांसेपुर में 14 फरवरी को इलाके के एक्सिस बैंक के खातों से पैसे निकलने की सूचना फैली, जिसके बाद खाता धारक अपने खाते चेक करने बैंक पहुंचे। वहीं 15 फरवरी को भी यही सिलसिला चलता रहा। वीरवार को बैंक के हेड ऑफिस से बड़े अधिकारी पहुंचे, जो लोगों को आश्वासन देते नजर आए कि उनके पैसे कहीं नहीं जाएंगे और जरूर मिलेंगे। सभी खाताधारकों से अर्जियां ली जा रही थीं। जिसमें ग्राहकों से ट्रांजेक्शन की डिटेल मांगी गई। बैंक ने कहा कि वह खाते चेक कर उन्हें जानकारी दे देंगे। हालांकि लोग देर शाम तक बैंक के आगे ही डटे रहे।
अपने माता-पिता और नेपाली नौकर के नाम जाली खाते बना करता था ठगी
लोगों ने बताया की उनके गांव में एक्सिस बैंक की ब्रांच 2013 में खुली थी। शुरू में आरोपी क्लर्क की पोस्ट पर कार्यरत था। जिसे बाद बैंक मैनेजर बना दिया गया। वह सबसे बड़े प्यार से मिलता था, जिस वजह से उसने सभी को अपने विश्वास में ले रखा था। जब भी उससे कोई बैंक खाते के बारे में पूछताछ करता तो वह बड़ी चतुराई से मीठी मीठी बातें कर वापस भेज देता। अगर कोई ज्यादा जोर देकर उससे खातों के बारे में बात करता तो वह जाली स्टेटमेंट बनाकर दे देता। वह लोगों के खातों से चालाकी से माता-पिता और नौकर के खातों में पैसे ट्रांसफर किया करता था। इसका खुलासा तब हुआ, जब लोगों ने खातों की स्टेटमेंट निकाली। उन्हें पता चला कि तीन लोगों के नाम ज्यादातर पैसे ट्रांसफर हुए हैं। जिनमें से पिता अजय कुमार, माता स्वराज पॉल और नौकर दिनेश के खाते में रुपये ट्रांसफर हुए हैं, जो मूलरूप से नेपाल का रहने वाला था। वारदात के बाद से उसके साथ रहने वाला नौकर भी फरार है।
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ओमेक्स कंपनी और जेल में बंद कैदी के खातों से भी पैसे गायब
बैंक मैनेजर उन बैंक खातों पर नजर रखता था, जिन्हें खाताधारक कम इस्तेमाल करते थे। गांव बांसेपुर निवासी व्यक्ति ने बताया कि उसका भाई एक मामले में जेल में बंद है। उसके खाते में भी पुडा ने सड़क के लिए जमीन एक्वायर होने पर 33 लाख रुपये दिए थे, जिसकी उसने इसी ब्रांच में एफडी करवा रखी थी। घर वालों के कहने पर वीरवार को जब वह अपने भाई का खाता चेक करने आया तो देखा कि उसके भाई का खाता खाली था, उसमें एक भी रुपये नहीं थे। इसी तरह एक बुजुर्ग जोड़ा भी बैंक के बाहर देखा गया, जिनके खाते से भी 1 करोड़, 4 हजार निकले थे। ऐसा नहीं कि आरोपी ने सेविंग खातों को निशाना बनाया हो। ओमेक्स कंपनी के करेंट अकाउंट से भी 80 लाख गायब थे। इस मामले में कंपनी ने बैंक को दी शिकायत दे दी है।
पुलिस के हाथ लगा आरोपी का पासपोर्ट
लोगों ने बताया की पहले आरोपी के पास ब्रीजा कार थी, जिसे अब उसका नौकर चलाता था और खुद उसने नई काले रंग की टाटा सफारी निकाली थी, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। वहीं आरोपी अपने नौकर के साथ महंगी शराब पीता था। पुलिस के हाथ आरोपी का पासपोर्ट भी लगा है, जिसमें पता चला कि वह अंतिम बार थाईलैंड गया था। वहीं पिछले साल ही उसका पासपोर्ट नवंबर में एक्सपायर हो चुका है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार को आरोपी का भेद खुलने की सूचना मिलने पर उसने अपने पिता को शाम फोन कर गलती मानते हुए कहा कि उससे बड़ी गलती हुई है, इसलिए अब वह जा रहा है। जिसके बाद से उसका फोन बंद आ रहा है।
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जानकारी के अनुसार गांव बांसेपुर में 14 फरवरी को इलाके के एक्सिस बैंक के खातों से पैसे निकलने की सूचना फैली, जिसके बाद खाता धारक अपने खाते चेक करने बैंक पहुंचे। वहीं 15 फरवरी को भी यही सिलसिला चलता रहा। वीरवार को बैंक के हेड ऑफिस से बड़े अधिकारी पहुंचे, जो लोगों को आश्वासन देते नजर आए कि उनके पैसे कहीं नहीं जाएंगे और जरूर मिलेंगे। सभी खाताधारकों से अर्जियां ली जा रही थीं। जिसमें ग्राहकों से ट्रांजेक्शन की डिटेल मांगी गई। बैंक ने कहा कि वह खाते चेक कर उन्हें जानकारी दे देंगे। हालांकि लोग देर शाम तक बैंक के आगे ही डटे रहे।
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अपने माता-पिता और नेपाली नौकर के नाम जाली खाते बना करता था ठगी
लोगों ने बताया की उनके गांव में एक्सिस बैंक की ब्रांच 2013 में खुली थी। शुरू में आरोपी क्लर्क की पोस्ट पर कार्यरत था। जिसे बाद बैंक मैनेजर बना दिया गया। वह सबसे बड़े प्यार से मिलता था, जिस वजह से उसने सभी को अपने विश्वास में ले रखा था। जब भी उससे कोई बैंक खाते के बारे में पूछताछ करता तो वह बड़ी चतुराई से मीठी मीठी बातें कर वापस भेज देता। अगर कोई ज्यादा जोर देकर उससे खातों के बारे में बात करता तो वह जाली स्टेटमेंट बनाकर दे देता। वह लोगों के खातों से चालाकी से माता-पिता और नौकर के खातों में पैसे ट्रांसफर किया करता था। इसका खुलासा तब हुआ, जब लोगों ने खातों की स्टेटमेंट निकाली। उन्हें पता चला कि तीन लोगों के नाम ज्यादातर पैसे ट्रांसफर हुए हैं। जिनमें से पिता अजय कुमार, माता स्वराज पॉल और नौकर दिनेश के खाते में रुपये ट्रांसफर हुए हैं, जो मूलरूप से नेपाल का रहने वाला था। वारदात के बाद से उसके साथ रहने वाला नौकर भी फरार है।
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ओमेक्स कंपनी और जेल में बंद कैदी के खातों से भी पैसे गायब
बैंक मैनेजर उन बैंक खातों पर नजर रखता था, जिन्हें खाताधारक कम इस्तेमाल करते थे। गांव बांसेपुर निवासी व्यक्ति ने बताया कि उसका भाई एक मामले में जेल में बंद है। उसके खाते में भी पुडा ने सड़क के लिए जमीन एक्वायर होने पर 33 लाख रुपये दिए थे, जिसकी उसने इसी ब्रांच में एफडी करवा रखी थी। घर वालों के कहने पर वीरवार को जब वह अपने भाई का खाता चेक करने आया तो देखा कि उसके भाई का खाता खाली था, उसमें एक भी रुपये नहीं थे। इसी तरह एक बुजुर्ग जोड़ा भी बैंक के बाहर देखा गया, जिनके खाते से भी 1 करोड़, 4 हजार निकले थे। ऐसा नहीं कि आरोपी ने सेविंग खातों को निशाना बनाया हो। ओमेक्स कंपनी के करेंट अकाउंट से भी 80 लाख गायब थे। इस मामले में कंपनी ने बैंक को दी शिकायत दे दी है।
पुलिस के हाथ लगा आरोपी का पासपोर्ट
लोगों ने बताया की पहले आरोपी के पास ब्रीजा कार थी, जिसे अब उसका नौकर चलाता था और खुद उसने नई काले रंग की टाटा सफारी निकाली थी, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। वहीं आरोपी अपने नौकर के साथ महंगी शराब पीता था। पुलिस के हाथ आरोपी का पासपोर्ट भी लगा है, जिसमें पता चला कि वह अंतिम बार थाईलैंड गया था। वहीं पिछले साल ही उसका पासपोर्ट नवंबर में एक्सपायर हो चुका है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार को आरोपी का भेद खुलने की सूचना मिलने पर उसने अपने पिता को शाम फोन कर गलती मानते हुए कहा कि उससे बड़ी गलती हुई है, इसलिए अब वह जा रहा है। जिसके बाद से उसका फोन बंद आ रहा है।