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Mohali News: आइसर मोहाली के 20वें स्थापना दिवस पर 1600 से अधिक विद्यार्थी, सहयोग पर चर्चा
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मोहाली। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) मोहाली के 20वें स्थापना दिवस समारोह की शुरुआत शनिवार को हुई। पहले दिन 1,600 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया, जिन्हें वैज्ञानिक अनुसंधान जानने का अवसर मिला। इस दौरान प्रमुख संस्थानों के बीच विज्ञान एवं तकनीक में सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा हुई।
विद्यार्थियों ने आईआईएसईआर मोहाली के परिसर का दौरा किया। उन्होंने वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और शोधार्थियों से बातचीत की। विभिन्न प्रयोगशालाओं और शोध सुविधाओं को देखने का भी अवसर मिला। दोपहर बाद ''विज्ञान एवं तकनीक में अंतर-संस्थागत सहयोग के अवसर'' विषय पर एक सत्र आयोजित किया गया। आईआईएसईआर मोहाली के निदेशक अनिल के. त्रिपाठी ने कहा कि विद्यार्थियों की इतनी बड़ी भागीदारी विज्ञान के प्रति उनकी जिज्ञासा दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा कि विज्ञान एवं तकनीक में सहयोग की चर्चा युवाओं तक विज्ञान पहुंचाने का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अंतर-संस्थागत सहयोग पर विचार-विमर्श
आईआईएसईआर मोहाली के निदेशक अनिल के. त्रिपाठी और कई प्रमुख शिक्षण एवं वैज्ञानिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सत्र में हिस्सा लिया। चर्चा का मुख्य बिंदु शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाना था। विद्यार्थियों को शोध, नवाचार और उच्च शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। संस्थानों के प्रमुखों ने विभिन्न क्षेत्रों में संभावित सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया। समारोह का समापन रविवार को होगा, जहां इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी के अध्यक्ष शेखर मांडे स्थापना दिवस व्याख्यान देंगे।
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विद्यार्थियों ने आईआईएसईआर मोहाली के परिसर का दौरा किया। उन्होंने वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और शोधार्थियों से बातचीत की। विभिन्न प्रयोगशालाओं और शोध सुविधाओं को देखने का भी अवसर मिला। दोपहर बाद ''विज्ञान एवं तकनीक में अंतर-संस्थागत सहयोग के अवसर'' विषय पर एक सत्र आयोजित किया गया। आईआईएसईआर मोहाली के निदेशक अनिल के. त्रिपाठी ने कहा कि विद्यार्थियों की इतनी बड़ी भागीदारी विज्ञान के प्रति उनकी जिज्ञासा दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा कि विज्ञान एवं तकनीक में सहयोग की चर्चा युवाओं तक विज्ञान पहुंचाने का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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अंतर-संस्थागत सहयोग पर विचार-विमर्श
आईआईएसईआर मोहाली के निदेशक अनिल के. त्रिपाठी और कई प्रमुख शिक्षण एवं वैज्ञानिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सत्र में हिस्सा लिया। चर्चा का मुख्य बिंदु शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाना था। विद्यार्थियों को शोध, नवाचार और उच्च शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। संस्थानों के प्रमुखों ने विभिन्न क्षेत्रों में संभावित सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया। समारोह का समापन रविवार को होगा, जहां इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी के अध्यक्ष शेखर मांडे स्थापना दिवस व्याख्यान देंगे।
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