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‘सड़क पर डाली एक ईंच की बजरी, दस दिन में ही बिखरी’
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जीरकपुर। शहर के हरमिलाप नगर फाटक से लेकर बलटाना की ओर जाने वाली मुख्य सड़क को बनाने का काम चल रहा है। लेकिन इस काम में इतनी घटिया किस्म का मैटीरियल इस्तेमाल किया जा रहा है कि एक ईंच मोटी बनाई जा रही सड़क टूट कर इसकी बजरी दस दिन में ही बिखर गई है। लाखों रुपये की लागत से किया जा रहा नई सड़क का पैच वर्क दस दिन में ही उखड़ गया है। यहां हालात यह हैं कि यह सड़क बनाने के दौरान आगे मशीन के साथ लगे कर्मचारी सड़क बनाते जा रहे हैं और पीछे से यह सड़क टूटती जा रही है। जबकि फर्नीचर मार्केट में नई सड़क बनाने का काम इन दिनों जारी है। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र की सड़कों के निर्माण के लिए नगर काउंसिल ने 95 लाख रुपये का बजट पास किया था। हैरानी है कि इस सड़क के निर्माण के लिए इतना घटिया मैटीरियल इस्तेमाल किया गया है कि जो दस दिन भी नहीं टीका। लोगों का कहना है कि यह साफ नजर आ रहा है कि विधान सभा चुनाव सिर पर आ रहे हैं और लोगों को रिझाने के लिए आनन-फानन में इस सड़क को बनाने का काम किया जा रहा है। यहां यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि 10 दिन में ही नगर काउंसिल के 95 लाख रुपये बर्बाद हो रहे हैं। बता दें कि अभी 5 दिसंबर को ही नगर काउंसिल के प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों ने अपने पार्षदों के साथ इस सड़क के निर्माण कार्य का उद्घाटन किया था। वहीं, दूसरी ओर शिअद विधायक एनके शर्मा ने काउंसिल प्रधान और कांग्रेस पार्षदों पर कमेटी का पैसा दोनों हाथों से लूटाने का आरोप तक लगाया है। जबकि उनका आरोप आज सच साबित होता दिखाई दे रहा है।
दरअसल सड़क बनाने का क्या है प्रावधान
दरअसल अगर सड़क निर्माण के प्रावधान की बात की जाए तो उसके लिए पहले नव निर्माण सड़क की सफाई की जाती है। इसके बाद सड़क पर पड़े गड्ढों को गटके से भरा जाता है। फिर रोड रोलर की मदद से सड़क को समतल किया जाता है और इसके बाद लुक का छिड़काव करके बजरी डाली जाती है और उसके बाद रेत में मिली हुई लुक दोबारा से डाली जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार सड़क के निर्माण के लिए 22 एमएम तक मैटीरियल डाला जाना जरूरी है। लेकिन बलटाना क्षेत्र में जिन सड़कों का निर्माण किया जा रहा है वह एक मजाक से कम नहीं है, क्योंकि यहां पर न तो प्रावधान के मुताबिक सड़कों की सफाई की गई है और न ही गड्ढे भरने के लिए गटके का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही सड़कों को समतल करके इसका लेवल ठीक भी नहीं किया जा रहा है। यहां पर केसल सड़कों पर लुक का छिड़काव करके सीधे बजरी डालकर रोड रोलर से उसे समतल कर दिया गया है। यह एक औपचारिकता है। इस कारण 10 दिन में ही इस सड़क का पैच वर्क उखड़ गया है।
वहीं इस मामले में ठेकेदार ने भी अटपटा जवाब दिया है कि सड़क का काम अभी पूरा नहीं हुआ है, उसमें लुक डालनी है, उसके बाद ही काम पूरा होगा। जबकि लोगों ने बताया कि ठेकेदार इस सड़क का काम पूरा कर चुका है, वह सब झूठ बोल रहा है। चलो मान भी लो कि काम अभी बाकी है तो पहले सड़क साफ क्यों नहीं की गई, गड्ढे क्यों नहीं भरे गए और झाड़ू से सफाई करके लुक क्यों नहीं डाली गई। यह सवाल यहां सड़क के दोनों ओर के दुकानदार और मकान मालिक कर रहे हैं। लेकिन इनका जवाब कोई नहीं देना चाहता।
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काम बाकी है, पूरा होने पर गड्ढे नहीं दिखेंगे
अभी बलटाना की बनाई गई सड़क में सील कोटिंग (रेत में मिक्स की हुई लुक) का काम करना बाकी है। इसके बाद जो भी गड्ढे दिखाई दे रहे हैं वह बिल्कुल दिखाई नहीं देंगे। अभी काम अधूरा है, पूरा नहीं हुआ। -शैंटी राघव, ठेकेदार।
मैं कल ही जांच करवाता हूं
ऐसी बात नहीं है कि नई बनी सड़क की बजरी टूट रही है। अगर ठेकेदार की ओर से सड़क बनाने का काम ठीक नहीं किया जा रहा तो मैं कल ही इसकी जांच करवा लेता हूं। अगर खामियां हैं तो ठेकेदार को इसके लिए बोला जाएगा। -उदयवीर सिंह ढिल्लों, प्रधान नगर काउंसिल जीरकपुर।
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दरअसल सड़क बनाने का क्या है प्रावधान
दरअसल अगर सड़क निर्माण के प्रावधान की बात की जाए तो उसके लिए पहले नव निर्माण सड़क की सफाई की जाती है। इसके बाद सड़क पर पड़े गड्ढों को गटके से भरा जाता है। फिर रोड रोलर की मदद से सड़क को समतल किया जाता है और इसके बाद लुक का छिड़काव करके बजरी डाली जाती है और उसके बाद रेत में मिली हुई लुक दोबारा से डाली जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार सड़क के निर्माण के लिए 22 एमएम तक मैटीरियल डाला जाना जरूरी है। लेकिन बलटाना क्षेत्र में जिन सड़कों का निर्माण किया जा रहा है वह एक मजाक से कम नहीं है, क्योंकि यहां पर न तो प्रावधान के मुताबिक सड़कों की सफाई की गई है और न ही गड्ढे भरने के लिए गटके का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही सड़कों को समतल करके इसका लेवल ठीक भी नहीं किया जा रहा है। यहां पर केसल सड़कों पर लुक का छिड़काव करके सीधे बजरी डालकर रोड रोलर से उसे समतल कर दिया गया है। यह एक औपचारिकता है। इस कारण 10 दिन में ही इस सड़क का पैच वर्क उखड़ गया है।
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वहीं इस मामले में ठेकेदार ने भी अटपटा जवाब दिया है कि सड़क का काम अभी पूरा नहीं हुआ है, उसमें लुक डालनी है, उसके बाद ही काम पूरा होगा। जबकि लोगों ने बताया कि ठेकेदार इस सड़क का काम पूरा कर चुका है, वह सब झूठ बोल रहा है। चलो मान भी लो कि काम अभी बाकी है तो पहले सड़क साफ क्यों नहीं की गई, गड्ढे क्यों नहीं भरे गए और झाड़ू से सफाई करके लुक क्यों नहीं डाली गई। यह सवाल यहां सड़क के दोनों ओर के दुकानदार और मकान मालिक कर रहे हैं। लेकिन इनका जवाब कोई नहीं देना चाहता।
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काम बाकी है, पूरा होने पर गड्ढे नहीं दिखेंगे
अभी बलटाना की बनाई गई सड़क में सील कोटिंग (रेत में मिक्स की हुई लुक) का काम करना बाकी है। इसके बाद जो भी गड्ढे दिखाई दे रहे हैं वह बिल्कुल दिखाई नहीं देंगे। अभी काम अधूरा है, पूरा नहीं हुआ। -शैंटी राघव, ठेकेदार।
मैं कल ही जांच करवाता हूं
ऐसी बात नहीं है कि नई बनी सड़क की बजरी टूट रही है। अगर ठेकेदार की ओर से सड़क बनाने का काम ठीक नहीं किया जा रहा तो मैं कल ही इसकी जांच करवा लेता हूं। अगर खामियां हैं तो ठेकेदार को इसके लिए बोला जाएगा। -उदयवीर सिंह ढिल्लों, प्रधान नगर काउंसिल जीरकपुर।