{"_id":"67d73658d6a1d47820034489","slug":"now-the-sectors-across-ghaggar-are-just-one-km-away-trial-of-the-new-bridge-starts-today-mohali-news-c-87-1-pan1001-120498-2025-03-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: अब घग्गर पार के सेक्टर सिर्फ एक किमी दूर, नए पुल का ट्रायल आज से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: अब घग्गर पार के सेक्टर सिर्फ एक किमी दूर, नए पुल का ट्रायल आज से
विज्ञापन
पंचकूला। शहर के सेक्टर-20/21 की डिवाइडिंग रोड से लेकर घग्गर नदी पार सेक्टर-24/26 के राउंड अबाउट तक बनने वाले पुल का काम पूरा हो गया है।
एचएसवीपी की ओर से 50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह पुल सोमवार को सुबह 8 बजे से पांच दिन के ट्रायल के लिए खोल दिया जाएगा। अभी घग्गर पार से शहर में आने के लिए मात्र एक ही पुल है, लेकिन साढ़े तीन साल बाद दूसरा पुल खुलने के बाद घग्गर पार के सेक्टरों और पंचकूला शहर के पुराने सेक्टरों से फासला महज एक से तीन किलोमीटर के बीच रह जाएगा। अभी इस सड़क पर प्रीमिक्स कार्पेटिंग की फाइनल एक लेयर ही बिछानी बाकी रह गई है। पांच दिन के ट्रायल के बाद इस सड़क को टेंपरेरी बंद करके सड़क पर प्रीमिक्स कार्पेटिंग करके फाइनल टच दिया जाएगा। इसके बाद अप्रैल में इस नए पुल का का उद्घाटन होगा और लोगों को घग्गर पार के सेक्टरों में आवाजाही के लिए आसानी होगी।
करीब सात किलोमीटर की दूरी हुई कम
आज से घग्गर नदी पर बना नया पुल ट्रायल के लिए खुलने के बाद घग्गर पार जाने के लिए करीब सात किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी। वैसे तो सेक्टर-24 से 28 और 20/21 के बीच की दूरी महज एक किलोमीटर है, लेकिन रास्ते में घग्गर नदी पर पुल न होने से लोगों को अभी सेक्टर-3/21 के पुराने पुल से गुजरकर घग्गर पर जाना पड़ता है। ऐसे में सेक्टर-24 से 28 के निवासियों को चार से सात किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।
जमीन समय पर नहीं मिली, ढाई साल की देरी हुई
जमीन समय पर न मिलने के कारण इस पुल का काम पूरा होने में निर्धारित से साढ़े तीन साल का समय ज्यादा लगा है। पुल की लंबाई 360 मीटर है और चौड़ाई 16 मीटर होगी। इसमें से एक मीटर जगह पैदल और साइकिल पर चलने वालों के लिए रखी गई है। बाइक और गाड़ियों के लिए पुल पर 15 मीटर जगह रहेगी।
विज्ञापन
चार राज्यों को होगा फायदा
यह पुल पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और चंडीगढ़ को कनेक्ट करने वाली रिंग रोड पीआर-7 का ही हिस्सा है। रिंग रोड से जुड़ने के बाद घग्गर पार के हजारों निवासियों को जीरकपुर, राजपुरा, पटियाला, मोहाली एयरपोर्ट पहुंचने में आसानी होगी। वहीं, पंचकूला-यमुनागर नेशनल हाईवे से भी पीआर-7 की कनेक्टिविटी हो जाएगी। कुल मिलाकर हिमाचल और यूपी से आने वाले वाहनों को भी काफी सुविधा होगी।
विज्ञापन
एचएसवीपी की ओर से 50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह पुल सोमवार को सुबह 8 बजे से पांच दिन के ट्रायल के लिए खोल दिया जाएगा। अभी घग्गर पार से शहर में आने के लिए मात्र एक ही पुल है, लेकिन साढ़े तीन साल बाद दूसरा पुल खुलने के बाद घग्गर पार के सेक्टरों और पंचकूला शहर के पुराने सेक्टरों से फासला महज एक से तीन किलोमीटर के बीच रह जाएगा। अभी इस सड़क पर प्रीमिक्स कार्पेटिंग की फाइनल एक लेयर ही बिछानी बाकी रह गई है। पांच दिन के ट्रायल के बाद इस सड़क को टेंपरेरी बंद करके सड़क पर प्रीमिक्स कार्पेटिंग करके फाइनल टच दिया जाएगा। इसके बाद अप्रैल में इस नए पुल का का उद्घाटन होगा और लोगों को घग्गर पार के सेक्टरों में आवाजाही के लिए आसानी होगी।
करीब सात किलोमीटर की दूरी हुई कम
आज से घग्गर नदी पर बना नया पुल ट्रायल के लिए खुलने के बाद घग्गर पार जाने के लिए करीब सात किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी। वैसे तो सेक्टर-24 से 28 और 20/21 के बीच की दूरी महज एक किलोमीटर है, लेकिन रास्ते में घग्गर नदी पर पुल न होने से लोगों को अभी सेक्टर-3/21 के पुराने पुल से गुजरकर घग्गर पर जाना पड़ता है। ऐसे में सेक्टर-24 से 28 के निवासियों को चार से सात किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।
विज्ञापन
जमीन समय पर नहीं मिली, ढाई साल की देरी हुई
जमीन समय पर न मिलने के कारण इस पुल का काम पूरा होने में निर्धारित से साढ़े तीन साल का समय ज्यादा लगा है। पुल की लंबाई 360 मीटर है और चौड़ाई 16 मीटर होगी। इसमें से एक मीटर जगह पैदल और साइकिल पर चलने वालों के लिए रखी गई है। बाइक और गाड़ियों के लिए पुल पर 15 मीटर जगह रहेगी।
विज्ञापन
चार राज्यों को होगा फायदा
यह पुल पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और चंडीगढ़ को कनेक्ट करने वाली रिंग रोड पीआर-7 का ही हिस्सा है। रिंग रोड से जुड़ने के बाद घग्गर पार के हजारों निवासियों को जीरकपुर, राजपुरा, पटियाला, मोहाली एयरपोर्ट पहुंचने में आसानी होगी। वहीं, पंचकूला-यमुनागर नेशनल हाईवे से भी पीआर-7 की कनेक्टिविटी हो जाएगी। कुल मिलाकर हिमाचल और यूपी से आने वाले वाहनों को भी काफी सुविधा होगी।