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अब नगर निगम योजना बनाकर रोकेगा शहर का गिरता भूजल स्तर
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मोहाली। शहर में गिरते भूजल स्तर को रोकेने के लिए नगर निगम ने नई योजना पर काम शुरू कर दिया है। अब शहर की सरकारी इमारतों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए 27 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है और यह पहला मौका है जब नगर निगम इस दिशा में पूूरी रणनीति के साथ काम कर रहा है। मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि जल्द ही इस दिशा में काम शुरू हो जाएगा।
जानकारी के मुताबिक श्ेाहर में भूजल स्तर बड़ी तेज गति से गिर रहा है। हर साल औसतन करीब सात फुट जल स्तर जिले में गिर रहा है। जो कि जिला प्रशासन के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में नगर निगम ने महत्वपूर्ण प्रयास करते हुए बरसाती पानी को धरती के नीचे भेजकर पानी को रिचार्ज करने की योजना बनाई है। निगम अधिकारियों के मुताबिक बरसाती पानी ड्रेन के माध्यम से नालियों में जाता है। जबकि धरती के नीचे का पानी और नीचे जा रहा है, साथ ही पानी दूषित हो रहा है। मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू और डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने कहा कि जमीन के नीचे का पानी दूषित होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से पानी को दूषित होने से बचाया जा सकेगा। साथ ही भूमिगत पानी का भूजल स्तर बढ़ जाएगा। इससे इलाके के लोगों का फायदा होगा और यह सारा काम विशेषज्ञों की मौजूदगी में किया जाएगा।
पहले इन इमारतों में लगेगा हार्वेस्टिंग सिस्टम
जानकारी के मुुताबिक पहले चरण में नगर निगम की ओर से कुछ चुनिंदा इमारतों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। इनमें पुरानी फायर स्टेशन की इमारत, नए फायर ब्रिगेड बिल्डिंग की इमारत और निगम के कांप्लेक्स फेज-5 में लगाया जाएगा। यह प्रयोग कामयाब रहा तो इस चीज को आगे बढ़ाया जाएगा। सिस्टम के तहत बिल्डिंग में डाली गई पाइपों को नीचे तक ले जाया जाएगा। साथ ही गड्ढा खोदकर उसमें रेत, बजरी, कोला और अन्य सामग्री डाली जाएगी। जिसमें पानी प्रदूषित रहित नीचे जमीन में जाएगा।
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पार्को से लेकर सामुदायिक केंद्र तक बचाएंगे पानी
नगर निगम की ओर से पूरे शहर में बरसाती पानी को स्टोर करने के लिए यह कार्रवाई शुरू की गई है। इसके लिए मोहाली में जल सेहत विभाग के अधीन आती टंकी वाली जगह, नगर निगम के अधीन आते पार्क, सामुदायिक केंद्र और सभी ऐसी जगह जहां पानी को बर्बाद होने से बचाया जा सकता है, उस पर काम किया जाएगा। वहीं नगर निगम के अधिकारी अन्य चीजों पर भी काम कर रहे हैं।
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जानकारी के मुताबिक श्ेाहर में भूजल स्तर बड़ी तेज गति से गिर रहा है। हर साल औसतन करीब सात फुट जल स्तर जिले में गिर रहा है। जो कि जिला प्रशासन के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में नगर निगम ने महत्वपूर्ण प्रयास करते हुए बरसाती पानी को धरती के नीचे भेजकर पानी को रिचार्ज करने की योजना बनाई है। निगम अधिकारियों के मुताबिक बरसाती पानी ड्रेन के माध्यम से नालियों में जाता है। जबकि धरती के नीचे का पानी और नीचे जा रहा है, साथ ही पानी दूषित हो रहा है। मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू और डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने कहा कि जमीन के नीचे का पानी दूषित होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से पानी को दूषित होने से बचाया जा सकेगा। साथ ही भूमिगत पानी का भूजल स्तर बढ़ जाएगा। इससे इलाके के लोगों का फायदा होगा और यह सारा काम विशेषज्ञों की मौजूदगी में किया जाएगा।
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पहले इन इमारतों में लगेगा हार्वेस्टिंग सिस्टम
जानकारी के मुुताबिक पहले चरण में नगर निगम की ओर से कुछ चुनिंदा इमारतों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। इनमें पुरानी फायर स्टेशन की इमारत, नए फायर ब्रिगेड बिल्डिंग की इमारत और निगम के कांप्लेक्स फेज-5 में लगाया जाएगा। यह प्रयोग कामयाब रहा तो इस चीज को आगे बढ़ाया जाएगा। सिस्टम के तहत बिल्डिंग में डाली गई पाइपों को नीचे तक ले जाया जाएगा। साथ ही गड्ढा खोदकर उसमें रेत, बजरी, कोला और अन्य सामग्री डाली जाएगी। जिसमें पानी प्रदूषित रहित नीचे जमीन में जाएगा।
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पार्को से लेकर सामुदायिक केंद्र तक बचाएंगे पानी
नगर निगम की ओर से पूरे शहर में बरसाती पानी को स्टोर करने के लिए यह कार्रवाई शुरू की गई है। इसके लिए मोहाली में जल सेहत विभाग के अधीन आती टंकी वाली जगह, नगर निगम के अधीन आते पार्क, सामुदायिक केंद्र और सभी ऐसी जगह जहां पानी को बर्बाद होने से बचाया जा सकता है, उस पर काम किया जाएगा। वहीं नगर निगम के अधिकारी अन्य चीजों पर भी काम कर रहे हैं।