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पेड़ भी खुलकर ले पाएंगे सांस, अब शहर दिखेगा और ज्यादा हराभरा

Fri, 16 Jul 2021 02:00 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Fri, 16 Jul 2021 02:00 AM IST
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Now Mohali city will look more green
मोहाली। कोरोना काल में शहर की हरियाली को बचाने की दिशा में नगर निगम ने काम शुरू कर दिया है। इसके तहत अब पेड़ों के पास से कंक्रीट और पेवर ब्लॉक हटाए जा रहे हैं, ताकि पेड़ खुद भी सांस ले पाएं। साथ ही लोगों के लिए वरदान बनें। नए सिरे से इस काम की शुरूआत नगर निगम ने सेक्टर-68 से की है। जहां सड़क किनारे लगे पेड़ों से क्रंकीट हटाया जा रहा है। हालांकि इस सबके लिए समाज सेवी संस्थाओं का अहम योगदान रहा है। वह मामले को लेकर हाईकोर्ट से लेकर ग्रीन ट्रिब्यूनल तक लेकर गई।
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जानकारी के मुताबिक शहर में नगर निगम और गमाडा की ओर से विकास और सौंदर्यीकरण के नाम धड़ल्ले से पेवर ब्लॉक लगाए जा रहे हैं, लेकिन पेवर ब्लॉक लगाते समय यह कभी महसूस नहीं किया कि इससे हरियाली को भी नुकसान पहुंचे। जब पेड़ों की जड़ों को हवा, पानी नहीं मिलेगा तो उन्हें खुद सांस लेने में दिक्कत आएगी और पेड़ कमजोर पड़ जाएंगे। इसके बाद समाज सेवी संस्थाएं आगे आई थीं। उन्होंने इस मामले को लेकर गमाडा और नगर निगम से काफी समय तक पत्राचार किया, लेकिन जब बात नहीं बनी तो वह मामले को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल तक लेकर गईं।
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उन्होंने अदालत में पेड़ों के दो मीटर रेडियस में लगे पेवर ब्लॉक और कंक्रीट हटाने की मांग की थी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने इस चीज को समझा साथ ही पेड़ों के पास से पेवर और कंक्रीट हटाने के आदेश तक दिए। कोरोना काल से पहले इस दिशा में काम शुरू हो गया था, लेकिन इसके बाद बीच में ही काम रह गया था। वहीं, अब कोरोना संक्रमण कमजोर पड़ने के बाद एक बार फिर इस दिशा में नई पहल शुरू हुई है।
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दस हजार से अधिक पेड़ों पर पड़ रहा है बुरा असर
बता दें कि वैसे तो नगर निगम या गमाडा के पास ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है कि जिससे यह पता चल पाए कि पेवर ब्लॉक लगने से कितने पेड़ प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि एक अंदाजा है कि दस हजार से ज्यादा पेड़ों पर इसका असर पड़ रहा है। इसी वजह से पेड़ सूख रहे हैं। उनकी प्राकृतिक तरीके से ग्रोथ नहीं हो रही है। जो कि जार सी तेज हवा चलने पर गिर जाते हैं। जिससे हादसों का भी डर बना रहता है। ऐसे कई पेड़ कुछ महीने पहले तेज हवा में गिरे भी हैं।

पेड़ लगाने से ज्यादा उनकी देखभाल करना है जरूरी
शहर के कुल 50 वार्ड हैं। इसमें सभी प्रमुख सड़कों और रिहायशी एरिया की सड़कों पर पेड़ों के आसपास पेवर ब्लॉक लगे हुए हैं। नगर निगम ने पहले चरण में पीटीएल लाइट प्वाइंट से लेकर चीमा अस्पताल तक पेड़ हटाने का काम किया था। जबकि अन्य सभी सड़कों पर अभी तक पेवर ब्लॉक लगे हुए हैं। समाजसेवी अतुल शर्मा कहते हैं कि आज के समय में पेड़ लगाने तो जरूरी हैं ही, लेकिन उससे ज्यादा उनकी संभाल करना जरूरी है। ताकि हरियाली को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि अगर सभी मिलकर काम करेंगे तो हरियाली को बचाया जा सकता है।
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