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Mohali News: अब हर अफसर अपनी सड़क का रखवाला
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मोहाली। जिले में अब हर अधिकारी को एक-एक सड़क का रखवाला बनाया गया है। साफ-सफाई से लेकर टूट-फूट तक की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। पंजाब सड़क सफाई मिशन के तहत जिला प्रशासन ने शहर की प्रमुख सड़कों को साफ, रोशन और सुरक्षित रखने के लिए अफसरों को सीधे जिम्मेदार ठहराया है। मिशन की शुरुआत डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें जिम्मेदारियां सौंपीं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक सफाई अभियान नहीं बल्कि एक जवाबदेह प्रशासन की दिशा में कदम है।
हफ्ते में दो बार करनी होगी सड़क की जांच
डिप्टी कमिश्नर ने साफ किया कि हर अधिकारी को तय सड़क की निगरानी करनी होगी। हर हफ्ते कम से कम दो बार निरीक्षण करना जरूरी होगा। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि सड़क पर न तो कूड़ा हो, न ही गड्ढे। स्ट्रीट लाइटें जलती हों, फुटपाथ चलने लायक हों और ट्रैफिक संकेत साफ-साफ दिखें।
किसको मिली क्या जिम्मेदारी?
इस मिशन में गमाडा के सीई, नगर निगम कमिश्नर, एडीसी (जनरल और डिवेलपमेंट), एसडीएम (खरड़, मोहाली और डेराबस्सी), गमाडा के एस्टेट अफसर, लैंड एक्विजिशन अफसर, गमाडा के तीनों एसीए, डीसी ऑफिस के असिस्टेंट कमिश्नर, गमाडा और नगर निगम के चीफ इंजीनियर व सुपरिटेंडिंग इंजीनियर शामिल हैं। हर अधिकारी को एक तय सड़क सेक्शन दिया गया है जिसकी मरम्मत, सफाई और सामान्य देखरेख उनकी जिम्मेदारी होगी।
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प्रगति पर होगी नजर, मुश्किलें पहुंचेंगी सीनियर अफसरों तक
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी सड़क से जुड़ा कोई मसला लंबे समय से अटका हो तो उसे सीनियर अधिकारियों तक पहुंचाया जाए और फॉलोअप जारी रखा जाए।
आरटीए को सौंपी निगरानी की कमान
मिशन की प्रगति पर नजर रखने की जिम्मेदारी रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) को दी गई है। वह जिला स्तर पर समन्वय और सभी जानकारियों का संकलन करेगी। डीसी कहा कि समय-समय पर मीटिग होगी, जिनमें सामने आ रही दिक्कतों और उनके हल पर चर्चा होगी।
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हफ्ते में दो बार करनी होगी सड़क की जांच
डिप्टी कमिश्नर ने साफ किया कि हर अधिकारी को तय सड़क की निगरानी करनी होगी। हर हफ्ते कम से कम दो बार निरीक्षण करना जरूरी होगा। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि सड़क पर न तो कूड़ा हो, न ही गड्ढे। स्ट्रीट लाइटें जलती हों, फुटपाथ चलने लायक हों और ट्रैफिक संकेत साफ-साफ दिखें।
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किसको मिली क्या जिम्मेदारी?
इस मिशन में गमाडा के सीई, नगर निगम कमिश्नर, एडीसी (जनरल और डिवेलपमेंट), एसडीएम (खरड़, मोहाली और डेराबस्सी), गमाडा के एस्टेट अफसर, लैंड एक्विजिशन अफसर, गमाडा के तीनों एसीए, डीसी ऑफिस के असिस्टेंट कमिश्नर, गमाडा और नगर निगम के चीफ इंजीनियर व सुपरिटेंडिंग इंजीनियर शामिल हैं। हर अधिकारी को एक तय सड़क सेक्शन दिया गया है जिसकी मरम्मत, सफाई और सामान्य देखरेख उनकी जिम्मेदारी होगी।
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प्रगति पर होगी नजर, मुश्किलें पहुंचेंगी सीनियर अफसरों तक
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी सड़क से जुड़ा कोई मसला लंबे समय से अटका हो तो उसे सीनियर अधिकारियों तक पहुंचाया जाए और फॉलोअप जारी रखा जाए।
आरटीए को सौंपी निगरानी की कमान
मिशन की प्रगति पर नजर रखने की जिम्मेदारी रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) को दी गई है। वह जिला स्तर पर समन्वय और सभी जानकारियों का संकलन करेगी। डीसी कहा कि समय-समय पर मीटिग होगी, जिनमें सामने आ रही दिक्कतों और उनके हल पर चर्चा होगी।