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Mohali News: जिले में डेंगू के नौ मामलों की हुई पुष्टि, डीसी ने दिए बचाव के निर्देश
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अधिकारियों को बैठक में डेंगू से बचाव की जानकारी देती डीसी कोमल मित्तल। संवाद
मोहाली। जनवरी 2025 से अब तक जिले में डेंगू के नौ मामलों की पुष्टि हुई है। इस दौरान 7188 घरों का सर्वेक्षण किया गया और 21709 कंटेनरों का निरीक्षण किया गया है। सिविल सर्जन डॉ. संगीत जैन ने उपायुक्त को स्वास्थ्य विभाग द्वारा उठाए जा रहे निवारक उपायों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि जिले के नर्सिंग कॉलेजों में अध्ययनरत सभी नर्सिंग विद्यार्थियों को डेंगू लार्वा का पता लगाने की गतिविधियों के बारे में जागरूक किया गया है।
डीसी कोमल मित्तल ने स्वास्थ्य, स्थानीय निकाय और ग्रामीण विकास के अधिकारियों को जिले में दूषित पानी के कारण मच्छर जनित और उल्टी/दस्त की बीमारियों के प्रकोप को रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से व्यापक गतिविधियां शुरू करने को कहा है। उन्होंने सभी विभागों की समीक्षा बैठक में जिले के शेष हिस्सों में हर सप्ताह फॉगिंग का रोस्टर बदलने को कहा। उन्होंने हॉट स्पॉट के क्षेत्रों में हर तीसरे दिन फॉगिंग सुनिश्चित कर डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया से बचाव करने की जानकारी दी।
इसी प्रकार जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिलेभर में स्रोतों से आपूर्ति किए जाने वाले पानी और आउटलेट से छोड़े जाने वाले पानी के नमूने लें, ताकि लोगों को उल्टी/दस्त के प्रकोप से दूर रखा जा सके। उन्होंने कहा कि सभी संदिग्ध मरीजों को डेंगू पॉजिटिव घोषित करने से पहले रक्त के नमूनों के आधार पर एलाइजा टेस्ट से पुष्टि करना अनिवार्य है। इसके अलावा, सभी डेंगू रोगियों का इलाज दिशा निर्देशों के अनुसार किया जाना चाहिए।
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डीसी कोमल मित्तल ने स्वास्थ्य, स्थानीय निकाय और ग्रामीण विकास के अधिकारियों को जिले में दूषित पानी के कारण मच्छर जनित और उल्टी/दस्त की बीमारियों के प्रकोप को रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से व्यापक गतिविधियां शुरू करने को कहा है। उन्होंने सभी विभागों की समीक्षा बैठक में जिले के शेष हिस्सों में हर सप्ताह फॉगिंग का रोस्टर बदलने को कहा। उन्होंने हॉट स्पॉट के क्षेत्रों में हर तीसरे दिन फॉगिंग सुनिश्चित कर डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया से बचाव करने की जानकारी दी।
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इसी प्रकार जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिलेभर में स्रोतों से आपूर्ति किए जाने वाले पानी और आउटलेट से छोड़े जाने वाले पानी के नमूने लें, ताकि लोगों को उल्टी/दस्त के प्रकोप से दूर रखा जा सके। उन्होंने कहा कि सभी संदिग्ध मरीजों को डेंगू पॉजिटिव घोषित करने से पहले रक्त के नमूनों के आधार पर एलाइजा टेस्ट से पुष्टि करना अनिवार्य है। इसके अलावा, सभी डेंगू रोगियों का इलाज दिशा निर्देशों के अनुसार किया जाना चाहिए।
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