खरड़, मोहाली और डेराबस्सी के आप विधायकों का प्रण: हर क्षेत्र का विकास और लोगों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाएंगे
विधायक अनमोल गगन मान ने बताया कि हलके को विकास के पथ पर ले जाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। लोगों ने अपनी जिम्मेदारी निभा दी है अब उन्हें अपना वादा पूरा करना है। नगर काउंसिल खरड़, कुराली और नयागांव में पानी की समस्या का समाधान जल्द होगा।
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विस्तार
मोहाली, खरड़ और डेराबस्सी से इस बार जीतने वाले तीनों आप विधायकों का एक ही लक्ष्य है, अपने क्षेत्र का विकास करवाना और लोगों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाना। विधानसभा हलका खरड़ की विधायक अनमोल गगन मान ने कहा कि खरड़ के अधीन आने वाले क्षेत्रों का सबसे पहले सौंदर्यीकरण किया जाएगा। क्षेत्र लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए मोहल्ला क्लीनिक की शुरुआत खरड़ से होगी। सीमावर्ती गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं की तरफ विशेष ध्यान दिया जाएगा। जब तक मोहल्ला क्लीनिक नहीं खुलता है तब तक वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
विधायक अनमोल गगन मान ने बताया कि हलके को विकास के पथ पर ले जाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। लोगों ने अपनी जिम्मेदारी निभा दी है अब उन्हें अपना वादा पूरा करना है। नगर काउंसिल खरड़, कुराली और नयागांव में पानी की समस्या का समाधान जल्द होगा। तीनों शहरों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और डंपिंग ग्राउंड की व्यवस्था की जाएगी। खरड़ में सीवरेज के गंदे पानी के निस्तारण के लिए एक विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई है। इनसे राय लेकर समस्या का समाधान किया जाएगा।
दिल्ली की तर्ज पर खोलेंगे स्कूल और शिक्षण संस्थान
अनमोल गगन मान ने बताया कि हलके में कई गांव ऐसे हैं जहां पर स्कूल काफी दूर स्थित हैं। इस वजह से बच्चों को पढ़ाई के लिए दिक्कत आती है। ग्रामीण इलाकों में शिक्षा को लेकर दिल्ली की तर्ज पर स्कूल और शिक्षण संस्थान खोले जाएंगे। बच्चों को सरकारी स्कूलों में ही बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। खरड़ हलके में उच्च शिक्षा के लिए सरकारी शिक्षण संस्थान नहीं है। ऐसे में बच्चों को चंडीगढ़ जाना पड़ता है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए इलाके में शिक्षण संस्थान खोला जाएगा।
बदली जाएगी बस स्टैंड की साइट
मान ने बताया कि पिछली सरकार ने खरड़ में बस स्टैंड बनाने के लिए चुनावी घोषणा करते हुए नींव पत्थर रखा था। प्रशासनिक अधिकारियों से बात हुई है। उनका कहना है कि शहर के अंदर बस स्टैंड बनाने से ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ जाएगी। इस कारण बस स्टैंड के लिए दूसरी जगह तलाशी जा रही है। जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
अवैध कालोनियां की जाएंगी स्थायी
विधायक ने बताया कि खरड़ हलके में भू माफियाओं की ओर से गरीब लोगों को फंसाकर काफी अवैध कालोनियां बनाई गई हैं। यहां पर निर्माण करने वाले लोगों का नुकसान न हो इसके लिए मुख्यमंत्री से बात करके स्थायी किया जाएगा। इसके साथ ही भू माफियाओं पर नकेल कसी जाएगी और पर्यावरण को बचाने की दिशा में भी काम किए जाएंगे।
यह भी हैं चुनौतियां
1. लावारिस पशुओं की सबसे बड़ी दिक्कत, आए दिन होते हैं सड़क हादसे
2. मुल्लांपुर, नयागांव और कुराली में नहीं कोई फायर ब्रिगेड स्टेशन
3. इलाके में पावरकॉम की सेवाएं काफी खस्ताहाल
4. कई गांवों के खेतों में जंगली जानवर आने की सबसे बड़ी दिक्कत
5. शहरी इलाका काफी बढ़ने पर भी नहीं हैं उचित पुलिस व्यवस्था
6. खरड़ में रोजाना लग रहे ट्रैफिक जाम से छुटकारा दिलाना
भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देना प्राथमिकता : रंधावा
डेराबस्सी हलके के विधायक कुलजीत सिंह रंधावा के सामने बहुत-सी चुनौतियां हैं, जिन्हें उन्हें दूर करना है। इनमें शुद्ध पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन और बेरोजगारी प्रमुख हैं। खास बातचीत में रंधावा ने कहा कि उनकी पार्टी का एक ही मकसद है कि राज्य के लोगों को अपने कार्यों के लिए कोई परेशानी ना झेलनी पड़े और न किसी कार्य के लिए पैसे देने पड़े। इसी मकसद को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एंटी करप्शन हेल्पलाइन शुरू की है। अब तक हलका डेराबस्सी की तीनों नगर काउंसिलों व दोनों तहसीलों सहित अन्य कार्यालयों में कोई भी काम बिना पैसों के नहीं होता था लेकिन अब रिश्वतखोरी को पूरी तरह खत्म किया जाएगा और वह खुद इस पर पैनी नजर रखेंगे।
प्रदूषण मुक्त वातावरण व साफ पानी करवाएंगे मुहैया
हलका डेराबस्सी में प्रदूषण की समस्या गंभीर होती जा रही है। प्रदूषण के कारण हवा व भूजल जहरीला होता जा रहा है। इस समस्या को दूर करने के साथ ही लोगों को पीने के लिए साफ पानी मुहैया करवाया जाएगा।
चंडीगढ़ की तर्ज पर देंगे स्वास्थ्य सेवाएं
हलकावासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएंगी। उनका लक्ष्य है कि वह हलके में चंडीगढ़ सेक्टर-32 की तर्ज पर एक मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल लेकर आएं जहां लोगों को मुफ्त इलाज मिल सके।
शिक्षा का स्तर सुधारना रहेगा लक्ष्य
शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने के लिए हलके के सरकारी स्कूलों का कायाकल्प किया जाएगा। ऐसा करके छात्रों को अच्छी शिक्षा देनी की कोशिश की जाएगी ताकि लोगों को महंगे निजी स्कूलों में पैसे न खर्च करने पड़े।
उद्योगों को लाने के लिए करेंगे प्रोत्साहन
बेरोजगारी की समस्या बढ़ती जा रही है इसलिए यहां पर नए रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे। इसके लिए बंद किए उद्योगों को चालू करवाने के अलावा नई उद्योगों को जहां प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
बुनियादी सुविधाओं देने के लिए करेंगे काम
चंडीगढ़ के साथ व गेटवे ऑफ पंजाब के नाम से जाने जाते इस हलके में अभी तक लोग बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे हैं। इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करते हुए यहां पर बेहतर सड़कों का जाल बिछाने के अलावा जाम के हल के लिए ठोस योजना तैयार की जाएगी।
इन चुनौतियों से भी पाना होगा पार
1. इलाके में अवैध खनन को रोकना।
2. बरसाती पानी की समस्या का हल तलाशना।
3. इलाके में हो रहे अवैध निर्माण व कॉलोनियों को रोकना।
4. हलके के तीनों शहरों में बस स्टैंड नहीं हैं। इन्हें बनवाना होगा।
5. डेराबस्सी में एक इनडोर स्टेडियम को छोडकर हलके में कोई भी खेल स्टेडियम नहीं है।
6. हलके में लोकल ट्रांसपोर्ट का कोई प्रबंध नहीं है। इसका प्रबंध करना होगा।
कुलवंत सिंह का लक्ष्य: गांवों में क्लीनिक खोलना, शहर में लोकल बस चलाना लक्ष्य
मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह का लक्ष्य है कि अब शहर में लोगों को एक से दूसरे स्थान तक जाने में अलग-अलग ऑटो नहीं बदलने पड़ेंगे और न ही गांववासियों को सेहत सुविधाएं के लिए जिला सिविल अस्पताल आना पड़ेगा, बल्कि ये प्राथमिक सुविधाएं लोगों को पास में ही मिल जाएगी। पहली बार विधायक बनने वाले कुलवंत सिंह ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि अब तक की सरकारों ने कभी मोहाली शहर की बुनियादी सुविधाओं की तरफ ध्यान नहीं दिया, जिसका खामियाजा शहरवासी भुगत रहे हैं।
आलम यह है कि दो राज्यों की राजधानी चंडीगढ़ से लगते वीआईपी शहर मोहाली में अपनी लोकल सिटी बस की सुविधा तक नहीं है। इसका असर यह है कि बिना वाहन वालों को एक से दूसरे स्थान तक जाने के लिए ऑटो व टैक्सी पर निर्भर रहना पड़ता है। पूर्व की सरकारों ने अगर शहरवासियों की समस्या समझकर काम किया होता तो आज शहर में लोकल सिटी बस सुविधा मौजूद होती। यह अब ड्रीम प्रोजेक्ट है और इस प्रोजेक्ट की शुरुआत निगम का मेयर रहते हुए कर दी थी जबकि मेयर की शक्तियां प्रस्ताव पारित करके सरकार को भेजने तक सीमित होती हैं।
कई गांवों में सेहत सुविधा तक नहीं
बड़े दुख की बात है कि मोहाली विधानसभा हलके से बलबीर सिद्धू तीन बार विधायक बने और एक बार बतौर सेहतमंत्री कार्यभार संभाला। इसके बावजूद आज भी ऐसे गांव हैं, जहां डिस्पेंसरी तक मौजूद नहीं। हमारी सरकार की प्राथमिकता लोगों को सेहत सुविधा प्रदान करना है। इसके लिए प्रत्येक गांवों के अंदर मोहल्ला क्लीनिक खोले जाएंगे। इनमें एक माहिर डॉक्टर के साथ स्टाफ मौजूद होगा। इससे लोगों को गांव में ही इलाज मिल जाएगा। वहीं अगर गंभीर बीमारी का कोई ऑपरेशन होना है तो उसकी सारी कागजी प्रक्रिया क्लीनिक में पूरी की जाएगी और व्यक्ति को ऑपरेशन वाले दिन बड़े अस्पताल जाना पड़ेगा।
लो प्रेशर पानी की सप्लाई कैसी होगी दूर
पटियाला से अलग होकर 2007 में मोहाली शहर को जिले का दर्जा दिया गया। इसके बाद जिले के किसी शहर ने तरक्की की, तो वो है मोहाली। आज अकेले मोहाली शहर की आबादी 4 लाख से अधिक है लेकिन आबादी के मुताबिक मूलभूत सुविधाएं की भारी कमी है। आलम यह है कि शहर में अभी कुछ ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें लोगों को पीने वाले पानी की सप्लाई लो प्रेशर से मिलती है। इसे दूर करने के लिए नहरी पानी की क्षमता को बढ़ाने पर काम करेंगे।
पार्कों की हालत खस्ता
पार्कों में अब भी भारी संख्या में लोग सैर करने आते हैं। अपने मेयर काल में पार्कों की देखभाल पर खुद ध्यान देता था लेकिन निगम के मौजूदा नुमाइंदों ने इनकी देखभाल करना छोड़ दिया था। विधानसभा चुनाव को देखते हुए कुछ पार्षदों ने जरूर वोट के चक्कर में पार्कों की देखभाल करके लोगों का मूर्ख बनाने की कोशिश की, लेकिन अब हालत फिर पहली जैसे हो गए हैं। जल्द ही लोगों के सहयोग से पार्कों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
नए क्षेत्रों में पुलिस थाने तक नहीं
गमाडा ने एयरपोर्ट रोड पर नए क्षेत्रों को बसाया गया है। वहां हजारों की संख्या में लोग रहते हैं। पुलिस विभाग से जुड़े कार्य के लिए उन्हें आज भी सोहाना पुलिस थाना आना पड़ता है। रात के समय कोई वारदात हो जाए तो व्यक्ति को कई किलोमीटर दूर सोहाना आकर अपनी सुरक्षा को लेकर अर्जी लगानी पड़ती है। ऐसे क्षेत्रों में पुलिस चौकी खाली जाएगी, ताकि लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।