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ईएसआईसी मरीज जशनप्रीत केस में नया मोड़ : इलाज और बिल विवाद पर चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित
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मोहाली। ईएसआईसी योजना के तहत गंभीर हालत में भर्ती कराए गए बीमित व्यक्ति जशनप्रीत खान के इलाज और अस्पताल में बिल वसूली को लेकर उठा विवाद अब और गंभीर हो गया है। पात्रता और दुर्घटना रिपोर्ट को लेकर कई नए सवाल सामने आने पर क्षेत्रीय कार्यालय पंजाब ने मामले की गहराई से जांच के लिए चार सदस्यीय समिति बना दी है। समिति में डॉ. राकेश (ईएसआईसीएमएच, चंडीगढ़), मेडिकल विजिलेंस ऑफिसर (एमवीओ), मेडिकल रिफरी (एमआर) और विशाल (एडी) शामिल हैं।
यह है मामला
जशनप्रीत खान को 5 नवंबर 2025 को गंभीर हालत में जीएमसीएच-32 से ईडन क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल चंडीगढ़ रेफर किया गया। हालत नाजुक होने की वजह से अस्पताल ने उन्हें तुरंत सेल्फ आधार पर भर्ती कर इलाज दिया। मरीज को 15 नवंबर को डिस्चार्ज कर दिया गया। 14 नवंबर को मरीज के पिता ने ईएसआईसी में शिकायत की कि वे ईएसआई योजना के तहत कवर हैं, इसलिए अस्पताल को उनसे लिए पैसे वापस करने चाहिए।
एसएमओ की त्वरित कार्रवाई
दबाव बढ़ने पर ईएसआईसी पंजाब के एसएमओ डॉ. राजीव छाबड़ा ने 14 और 16 नवंबर को अस्पताल को ईमेल भेजकर कहा कि मरीज का इलाज एमओए के अनुसार किया जाए, उनसे कोई पैसा न लिया जाए। पहले ली गई राशि तुरंत वापस की जाए। अस्पताल ने 18 नवंबर को लिखित में बताया कि उन्होंने पैसा लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और अपना बिल ईएसआईसी से ऑनलाइन क्लेम करेंगे।
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नया मोड़- क्या मरीज पात्र था
मामला तब और उलझ गया जब बाद में ईएसआईसी मोहाली से आए एक ईमेल में बताया गया कि मरीज एसएसटी इलाज के लिए पात्र नहीं था। दुर्घटना रिपोर्ट की वैधता भी संदिग्ध है। इन बातों के सामने आने के बाद अब पूरे मामले की गहन जांच जरूरी हो गई, जिसके बाद सक्षम प्राधिकरण ने समिति का गठन किया। यह विवाद ईएसआईसी योजनाओं में मरीज की पात्रता, दुर्घटना रिपोर्ट की सटीकता, अस्पतालों की जिम्मेदारी, और अधिकारियों की भूमिका इन सभी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। समिति की रिपोर्ट के बाद ही यह तय होगा कि इस पूरे मामले में कौन जिम्मेदार है और आगे क्या कार्रवाई होगी।
जांच इन बिंदुओं पर होगी
- क्या वास्तव में दुर्घटना हुई थी?
- 5 नवंबर को गुरुपर्व की छुट्टी होने के बावजूद कंपनी खुली थी या नहीं?
- क्या कंपनी ने श्रम विभाग को इसकी सूचना दी थी?
- फैक्टरी के हाजिरी रजिस्टर, वेतन रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज, दुर्घटना रजिस्टर की जांच
- घटना की पूरा क्रमवार जानकारी, एचआर को किसने बताया, किसने अस्पताल पहुंचाया, साथ कौन था आदि
- वर्कशॉप के डेंटिंग एरिया और मशीन की तस्वीरें/वीडियो
- कंपनी मैनेजर और एचआर के लिखित बयान
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यह है मामला
जशनप्रीत खान को 5 नवंबर 2025 को गंभीर हालत में जीएमसीएच-32 से ईडन क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल चंडीगढ़ रेफर किया गया। हालत नाजुक होने की वजह से अस्पताल ने उन्हें तुरंत सेल्फ आधार पर भर्ती कर इलाज दिया। मरीज को 15 नवंबर को डिस्चार्ज कर दिया गया। 14 नवंबर को मरीज के पिता ने ईएसआईसी में शिकायत की कि वे ईएसआई योजना के तहत कवर हैं, इसलिए अस्पताल को उनसे लिए पैसे वापस करने चाहिए।
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एसएमओ की त्वरित कार्रवाई
दबाव बढ़ने पर ईएसआईसी पंजाब के एसएमओ डॉ. राजीव छाबड़ा ने 14 और 16 नवंबर को अस्पताल को ईमेल भेजकर कहा कि मरीज का इलाज एमओए के अनुसार किया जाए, उनसे कोई पैसा न लिया जाए। पहले ली गई राशि तुरंत वापस की जाए। अस्पताल ने 18 नवंबर को लिखित में बताया कि उन्होंने पैसा लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और अपना बिल ईएसआईसी से ऑनलाइन क्लेम करेंगे।
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नया मोड़- क्या मरीज पात्र था
मामला तब और उलझ गया जब बाद में ईएसआईसी मोहाली से आए एक ईमेल में बताया गया कि मरीज एसएसटी इलाज के लिए पात्र नहीं था। दुर्घटना रिपोर्ट की वैधता भी संदिग्ध है। इन बातों के सामने आने के बाद अब पूरे मामले की गहन जांच जरूरी हो गई, जिसके बाद सक्षम प्राधिकरण ने समिति का गठन किया। यह विवाद ईएसआईसी योजनाओं में मरीज की पात्रता, दुर्घटना रिपोर्ट की सटीकता, अस्पतालों की जिम्मेदारी, और अधिकारियों की भूमिका इन सभी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। समिति की रिपोर्ट के बाद ही यह तय होगा कि इस पूरे मामले में कौन जिम्मेदार है और आगे क्या कार्रवाई होगी।
जांच इन बिंदुओं पर होगी
- क्या वास्तव में दुर्घटना हुई थी?
- 5 नवंबर को गुरुपर्व की छुट्टी होने के बावजूद कंपनी खुली थी या नहीं?
- क्या कंपनी ने श्रम विभाग को इसकी सूचना दी थी?
- फैक्टरी के हाजिरी रजिस्टर, वेतन रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज, दुर्घटना रजिस्टर की जांच
- घटना की पूरा क्रमवार जानकारी, एचआर को किसने बताया, किसने अस्पताल पहुंचाया, साथ कौन था आदि
- वर्कशॉप के डेंटिंग एरिया और मशीन की तस्वीरें/वीडियो
- कंपनी मैनेजर और एचआर के लिखित बयान