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नायब तहसीलदार गिरफ्तार, 11 कर्मियों पर केस

Tue, 03 Nov 2020 02:21 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Tue, 03 Nov 2020 02:21 AM IST
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Naib tehsildar arrested case on 11 personnel
मोहाली। शामलाती जमीन को फर्जी इंतकाल के जरिए निजी लोगों के नाम करने वाले राजस्व विभाग के अफसरों व कर्मचारियों को विजिलेंस ब्यूरो ने बेनकाब कर दिया। विजिलेंस इस मामले में पिछले करीब तीन साल से जांच कर रही थी। अब विजिलेंस ने इस गड़बड़झाले में जांच पूरी होने के बाद न केवल राजस्व विभाग के 11 कर्मचारियों व अफसरों के खिलाफ केस दर्ज किया है, बल्कि आरोपी तहसीलदार को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। तहसीलदार से पूछताछ जारी है और उन्हें मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
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विजिलेंस ब्यूरो ने ब्लॉक माजरी के अधीनस्थ गांव स्यूंक में सरकारी जमीन को निजी जमीन दिखाकर गलत इंतकाल चढ़ाने व उसे बेचने के मामले में राजस्व विभाग के अधिकारियों समेत 11 लोगों पर केस दर्ज किया है। यह केस विजिलेंस द्वारा जांच करने के बाद दर्ज किया गया है। आरोपियों की पहचान जीरकपुर में तैनात तहसीलदार वरिंदर पाल धूत, कानूनगो रघुबीर सिंह, राजस्व अधिकारी इकबाल सिंह, स्यूंक गांव नंबरदार गुरनाम सिंह, प्रॉपर्टी डीलर शामलाल, बलबीर सिंह, तरसेम लाल, जसविंद्र सिंह, गुरप्रीत सिंह, मनवीर सिंह और काबिल सिंह के रूप में हुई है। आरोपियों पर धोखाधड़ी, सरकारी ड्यूटी का उचित पालन न करने और भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
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अफसरों-प्रॉपर्टी डीलरों की मिलीभगत से चलता था खेल
यह केस साल 2017 में विजिलेंस ब्यूरो द्वारा की गई जांच के आधार पर दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया है कि यह सारा खेल राजस्व विभाग के अधिकारियों, प्रॉपर्टी डीलरों और कुछ गांव के लोगों की मिलीभगत से चलता था। गिरोह के इन लोगों ने मुल्लांपुर गरीबदास के नजदीक गांव स्यूंक में सरकारी शामलात जमीन का नकली इंतकाल गलत तरीके से निजी लोगों के नाम कर दिया था। जांच में यह भी बात सामने आई कि इस दौरान राजस्व अधिकारियों ने जाली इंतकाल व जमीन की रजिस्ट्री करवाने में मोटी रिश्वत ली। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि ऐसा कर तहसीलदार वरिंदर पाल धूत व अन्य अधिकारियों ने सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया। रिपोर्ट में कहा गया है कि जुलाई 2016 में तत्कालीन अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर विकास की अदालत के लिए गए फैसले के आधार पर यह विजिलेंस ने यह पड़ताल की थी।
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