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निगम ने लावारिस पशु पकड़ने से हाथ खड़े किए

Sat, 05 Oct 2013 02:32 AM IST
अमर उजाला, मोहाली।
अमर उजाला, मोहाली। Updated Sat, 05 Oct 2013 02:32 AM IST
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Nagar Nigam not in the mood to catch stary cattle
मोहाली में लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए नगर-निगम द्वारा शुरू की गई मुहिम पर पूरी तरह विराम लग गया है। पशु पकड़ने गई टीम पर हुए खतरनाक हमले के बाद मुलाजिमों ने यह फैसला लिया है।
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मुलाजिमों ने अपनी शिकायत निगम अधिकारियों एवं फेज-7 थाना मटौर पुलिस को भी दी है। मुलाजिमों ने साफ किया है, जब तक उनकी सिक्योरिटी का कोई इंतजाम नहीं होता है। वे पशुओं को पकड़ने के लिए लिए काम नहीं करेंगे। इसके अलावा कोई अप्रिय घटना होती होती है। तो उसके लिए पुलिस जिम्मेदारी होगी। क्योंकि पुलिस शिकायत देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
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निगम मुलाजिमों ने बताया कि 26 सितंबर की रात करीब 12 बजे वे फेज-7 स्थित पेट्रोल पंप के पास पशुओं को पकड़ रहे थे। इसी दौरान एक इंडिका कार उनकी गाड़ी के बिल्कुल आगे आकर रुकी। इसमें चार लोग सवार थे। उन्होंने उतरते ही मुलाजिमों से जमकर मारपीट की।
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इस दौरान सारे मुलाजिम लहु लुहान कर दिया। मुलाजिम जब तक संभल पाते। तब तक वे लोग निकल चुके थे। इस मौके पर टीम की अगुवाई कर रहे केसर सिंह ने बताया कि उन लोगों ने पशुओं को पकड़ने वाले ट्रेनर को सबसे ज्यादा चोंटे पहुंची हैं। इससे मुलाजिमों में दशहत का माहौल है।

उन्होंने इस बारे में निगम के टेक्निकल कमिश्नर बीडी सिंगला को भी दी है। पुलिस को भी कार्रवाई के लिए लिखा है। लेकिन अभी तक पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की है। गौरतलब है कि इससे पहले तीन बार मुलाजिमों पर हमला हो चुका है, लेकिन अभी तक कोई भी व्यक्ति पुलिस काबू नहीं कर पाई है।

जुर्माने के डर से ही पशु मालिक कर रहे हैं हमला

निगम की टीम द्वारा जो पशु काबू किए जाते हैं। वे अधिकतर पालतू ही होते हैं। क्योंकि शहर के साथ लगते गांवों के लोग अपने पशुओं को खुले में चरने के लिए छोड़ देते हैं। जब निगम द्वारा पशुओं को पकड़ लिया जाता है, तो उन्हें छोड़ने के लिए उन्हें जुर्माना भरना पड़ता है।


इससे ही पशु मालिक ऐसी कार्रवाई होते हैं। पहले हुए हमलों में इस बात की पुष्टि भी हो चुकी है। इसके अलावा कुंभड़ा के लोगों ने निगम को शिकायत भी दी थी। इसमें उन्होंने लिखित में पशु मालिकों के नाम निगम को दिए थे।

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