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बस से मां-बेटी की गई थी जान, परिवार को मिले 31.17 लाख
अमर उजाला ब्यूरो, मोहाली
Updated Sun, 01 May 2016 01:19 AM IST
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लाोक अदालत
- फोटो : demo pic
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तेज रफ्तार बस की चपेट में आने से मां-बेटी की मौत के मामले में मोटर एक्सिडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल ने उनके परिवार को बड़ी राहत दी है। ट्रिब्यूनल ने परिवार को 31.17 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह मुआवजा बस ड्राइवर जतिंदर सिंह, मालिक सतपाल सिंह, एडिशनल मैनेजिंग डायरेक्टर पटियाला व ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को चुकाना होगा। पीड़ित परिवार उधंवल तहसील बलाचौर का रहने वाला है।
जानकारी के मुताबिक, यह मामला 2014 का है। बस मालिक ने पीआरटीसी से लीज पर बस ले रखी थी।16 मार्च 2014 को किरणबाला अपनी मां इंद्रो देवी के साथ कार से लाडवा से बलाचौर वाया बनूड़ होकर जा रहे थे। जबकि, कार को किरण के पिता देवराज चला रहे थे। इसी बीच गलत साइड से आ रही बस ने उनकी कार में टक्कर मार दी थी। हादसे में किरण और इंद्रो देवी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि देवराज को सिविल अस्पताल डेराबस्सी ले जाया गया था। वहां से उन्हें जीएमसीएच-32 रेफर कर दिया गया। इसी बीच बस के मालिक सतपाल सिंह ने कहा कि हादसा हुआ ही नहीं था। उसने बताया कि उसकी तीन बसे हैं, जो कि उसने एडिशनल मैनेजिंग डायरेक्टर पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन पटियाला को 2010 से लीज पर दे रखी है। ऐसे में मुआवजा देने के लिए वह बाध्य नहीं है। वहीं, इंश्योरेंस कंपनी ने कहा कि वह भी इंश्योरेंस क्लेम देने के लिए बाध्य नहीं है। क्योंकि बस ड्राइवर बिना किसी दस्तावेजों के चल रहा था। हालांकि, अदालत ने उनकी एक नहीं सुनी। एक्सिडेंट ट्रिब्यूनल ने कहा कि किरण की मौत पर 17.45 लाख का मुआवजा दिया जाए। जबकि उसकी मां की मौत पर 13.63 लाख का मुआवजा दिया जाएगा। यह मुआवजा इंद्रो देवी के बेटे देवराज सिंह और यशपाल सिंह को मिलेगा। पूरी रकम पर छह प्रतिशत ब्याज भी दिया जाएगा।
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जानकारी के मुताबिक, यह मामला 2014 का है। बस मालिक ने पीआरटीसी से लीज पर बस ले रखी थी।16 मार्च 2014 को किरणबाला अपनी मां इंद्रो देवी के साथ कार से लाडवा से बलाचौर वाया बनूड़ होकर जा रहे थे। जबकि, कार को किरण के पिता देवराज चला रहे थे। इसी बीच गलत साइड से आ रही बस ने उनकी कार में टक्कर मार दी थी। हादसे में किरण और इंद्रो देवी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि देवराज को सिविल अस्पताल डेराबस्सी ले जाया गया था। वहां से उन्हें जीएमसीएच-32 रेफर कर दिया गया। इसी बीच बस के मालिक सतपाल सिंह ने कहा कि हादसा हुआ ही नहीं था। उसने बताया कि उसकी तीन बसे हैं, जो कि उसने एडिशनल मैनेजिंग डायरेक्टर पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन पटियाला को 2010 से लीज पर दे रखी है। ऐसे में मुआवजा देने के लिए वह बाध्य नहीं है। वहीं, इंश्योरेंस कंपनी ने कहा कि वह भी इंश्योरेंस क्लेम देने के लिए बाध्य नहीं है। क्योंकि बस ड्राइवर बिना किसी दस्तावेजों के चल रहा था। हालांकि, अदालत ने उनकी एक नहीं सुनी। एक्सिडेंट ट्रिब्यूनल ने कहा कि किरण की मौत पर 17.45 लाख का मुआवजा दिया जाए। जबकि उसकी मां की मौत पर 13.63 लाख का मुआवजा दिया जाएगा। यह मुआवजा इंद्रो देवी के बेटे देवराज सिंह और यशपाल सिंह को मिलेगा। पूरी रकम पर छह प्रतिशत ब्याज भी दिया जाएगा।
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