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Mohali News: मोहाली पुलिस ने करोड़ों की ठगी करने वाला फर्जी इमीग्रेशन एजेंट दबोचा
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मोहाली। पुलिस ने विदेश भेजने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर इमीग्रेशन एजेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान करनदीप सिंह उर्फ हैरी के रूप में हुई है, जो पिछले दो वर्षों से सीपी-67 मॉल में केयर ऑफ साइन वीजा के नाम से दफ्तर चला रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी इससे पहले भी कई बार अपने दफ्तर बदल चुका था। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ अक्टूबर 2025 में मामला दर्ज किया था।
डीएसपी सिटी 2 हरसिमरन सिंह बल ने बताया कि आरोपी अपने साथियों राजवीर कौर और बिक्रमदीप सिंह उर्फ फतेह के साथ मिलकर लोगों को विदेश भेजने का झांसा देता था। पुलिस को अब तक 7–8 शिकायतें मिल चुकी हैं, जिनमें आरोप है कि आरोपी ने भोले-भाले लोगों से विदेश भेजने के नाम पर मोटी रकम वसूली, लेकिन न तो उन्हें विदेश भेजा गया और न ही पैसे वापस किए गए। जांच में यह भी सामने आया है कि दफ्तर में सुरक्षा कर्मियों को तैनात कर रखा गया था, जो केवल नए पैसे जमा कराने वालों को ही अंदर जाने देते थे, जबकि रकम वापस मांगने वालों को नीचे से ही लौटा दिया जाता था।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी ने अब तक करीब 1.5 करोड़ रुपये की ठगी एक मामले में की है, जबकि अन्य शिकायतों को मिलाकर यह राशि 2 से 3 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। इसके अलावा, कुछ लोगों को अवैध तरीके से अमेरिका भेजने के लिए ‘डंकी रूट’ का इस्तेमाल किए जाने की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।
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डीएसपी सिटी 2 हरसिमरन सिंह बल ने बताया कि आरोपी अपने साथियों राजवीर कौर और बिक्रमदीप सिंह उर्फ फतेह के साथ मिलकर लोगों को विदेश भेजने का झांसा देता था। पुलिस को अब तक 7–8 शिकायतें मिल चुकी हैं, जिनमें आरोप है कि आरोपी ने भोले-भाले लोगों से विदेश भेजने के नाम पर मोटी रकम वसूली, लेकिन न तो उन्हें विदेश भेजा गया और न ही पैसे वापस किए गए। जांच में यह भी सामने आया है कि दफ्तर में सुरक्षा कर्मियों को तैनात कर रखा गया था, जो केवल नए पैसे जमा कराने वालों को ही अंदर जाने देते थे, जबकि रकम वापस मांगने वालों को नीचे से ही लौटा दिया जाता था।
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पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी ने अब तक करीब 1.5 करोड़ रुपये की ठगी एक मामले में की है, जबकि अन्य शिकायतों को मिलाकर यह राशि 2 से 3 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। इसके अलावा, कुछ लोगों को अवैध तरीके से अमेरिका भेजने के लिए ‘डंकी रूट’ का इस्तेमाल किए जाने की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।
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