{"_id":"57c9e0d54f1c1b660b2cc319","slug":"mohali-need-based-policy-gmada-mpca-be-shop","type":"story","status":"publish","title_hn":"कंपाउंडिंग फीस कम करने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कंपाउंडिंग फीस कम करने की मांग
ब्यूरो, अमर उजाला/मोहाली
Updated Sat, 03 Sep 2016 01:58 AM IST
विज्ञापन
गमाडा सीए से मुलाकात
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोहाली प्रॉपर्टी कंसलटेंट एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को गमाडा के सीए अमित ढाका से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में शामिल मेंबरों ने गमाडा सीए से कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी मिली है कि गमाडा द्वारा जो नीड बेस्ड पॉलिसी लागू की जा रही है।
उसमें बूथों और बे शॉप्स में बनाई जा रही बेसमेंट को रेगुलराइज किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि जाो कंपाउंडिंग फीस लगाई जा रही है, जो बहुत ज्यादा है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों ने मांग की कि इस फीस में कटौती की जानी चाहिए। ताकि लोगों को इसका फायदा मिल सके।
वहीं, मेंबरों ने मांग की है कि आगामी ऑक्शन के दौरान गमाडा बूथों व बेशॉप्स की अलॉटमेंट समेत बेसमेंट को पहले मंजूरी दे दे। ताकि अलॉटी कंपाउंडिंग फीस के चक्कर से बच सकें। वहीं, उन्होंने मांग की सेक्टर-88/89 के इंटेंट पत्रों की ट्रांसफर संबंधी कार्रवाई निचले स्तर पर ही की जाए। इसके लिए जो पैटर्न चल रहा है, वह काफी सख्त है।
विज्ञापन
इससे लोगों को काफी मुश्किल उठानी पड़ती है। वहीं, मीटिंग में उन्होंने सेक्टर-76 से 80 का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सेक्टर-76 से 80 के जो प्लॉट लिटीगेशन के अधीन आते हैं। उनका अब गमाडा का जमीन मालिकों के साथ समझौता हो चुका है। ऐसे में अलॉटियों को प्लॉट अलॉट करने की प्रक्रिया को आगे किया जाए। प्रतिनिधिमंडल में प्रेसिडेंट सुरिंदर सिंह वालिया, महासचिव एमपी सिंह आनंद, फाइनेंस सेक्रेटरी गुरप्रीत सिंह, ज्वाइंट सेक्रेटरी चरन कमल सिंह व प्रेस सचिव अमनदीप सिंह गुलाटी शामिल थे।
विज्ञापन
उसमें बूथों और बे शॉप्स में बनाई जा रही बेसमेंट को रेगुलराइज किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि जाो कंपाउंडिंग फीस लगाई जा रही है, जो बहुत ज्यादा है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों ने मांग की कि इस फीस में कटौती की जानी चाहिए। ताकि लोगों को इसका फायदा मिल सके।
विज्ञापन
वहीं, मेंबरों ने मांग की है कि आगामी ऑक्शन के दौरान गमाडा बूथों व बेशॉप्स की अलॉटमेंट समेत बेसमेंट को पहले मंजूरी दे दे। ताकि अलॉटी कंपाउंडिंग फीस के चक्कर से बच सकें। वहीं, उन्होंने मांग की सेक्टर-88/89 के इंटेंट पत्रों की ट्रांसफर संबंधी कार्रवाई निचले स्तर पर ही की जाए। इसके लिए जो पैटर्न चल रहा है, वह काफी सख्त है।
विज्ञापन
इससे लोगों को काफी मुश्किल उठानी पड़ती है। वहीं, मीटिंग में उन्होंने सेक्टर-76 से 80 का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सेक्टर-76 से 80 के जो प्लॉट लिटीगेशन के अधीन आते हैं। उनका अब गमाडा का जमीन मालिकों के साथ समझौता हो चुका है। ऐसे में अलॉटियों को प्लॉट अलॉट करने की प्रक्रिया को आगे किया जाए। प्रतिनिधिमंडल में प्रेसिडेंट सुरिंदर सिंह वालिया, महासचिव एमपी सिंह आनंद, फाइनेंस सेक्रेटरी गुरप्रीत सिंह, ज्वाइंट सेक्रेटरी चरन कमल सिंह व प्रेस सचिव अमनदीप सिंह गुलाटी शामिल थे।