Mohali Blast: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम पहुंची मोहाली, आरपीजी के इस्तेमाल की करेगी जांच
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम यह समझने के लिए आई है कि पंजाब पुलिस के खुफिया विभाग की इमारत को आरपीजी के इस्तेमाल से कैसे निशाना बनाया गया।
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मोहाली विस्फोट मामले की जांच के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम मौके पर पहुंच गई है। टीम यह समझने के लिए आई है कि पंजाब पुलिस के खुफिया विभाग की इमारत को आरपीजी के इस्तेमाल से कैसे निशाना बनाया गया। स्पेशल सेल ने पिछले दिनों आईएसआई-खालिस्तान नेटवर्क पर कई खुलासे किए थे।
#UPDATE | May 9th Mohali blast: A Delhi Police Special Cell team reaches Mohali. The team is there to understand how was the Intelligence Department building of Punjab Police targeted with the use of RPG.
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The Spl Cell had made several revelations on ISI-Khalistan network in past — ANI (@ANI) May 11, 2022
इससे पहले पंजाब पुलिस के डीजीपी वीके भावरा ने बताया कि आरपीजी में ट्रिनिट्रोटोल्यूइन (टीएनटी) विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। इसका इस्तेमाल आमतौर पर श्रीनगर में आतंकी हमले के दौरान होता रहा है। डीजीपी ने दावा किया कि पुलिस को कई लीड मिली हैं, जिनके आधार पर जल्द ही इस केस को सुलझा दिया जाएगा। घटनास्थल पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और सेना की टीमें भी पहुंचीं। उधर, मोहाली पुलिस ने सोहाना थाने में विभिन्न धाराओं के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
एयरपोर्ट रोड से अंबाला की ओर भागे हमलावर
अब तक की जांच में पता चला है कि हमलावर अंबाला की ओर भागे हैं। संदिग्ध सफेद रंग की स्विफ्ट कार की आखिरी लोकेशन दप्पर टोल प्लाजा के पास मिली है। सूत्रों ने बताया कि हमलावर स्विफ्ट कार में थे। कार के अंदर से उन्होंने खुफिया मुख्यालय पर आरपीजी को दागा। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर एयरपोर्ट रोड से वाया डेराबस्सी होते हुए अंबाला की ओर जाते दिखे हैं।
एसआई के बयान पर केस दर्ज
मोहाली ब्लास्ट में सोहाना थाने में एसआई बलकार सिंह के बयान पर केस दर्ज हुआ है। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया है कि वह सेक्टर-77 में पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय में कंपनी कमांडर के रूप में तैनात है। घटना वाले दिन वह इमारत के मुख्य गेट पर मौजूद थे। इसी दौरान उन्होंने और उनकी टीम ने कमरा नंबर 418 में एक धमाके की आवाज सुनी। जब वह जांच के लिए पहुंचे तो उन्होंने पाया कि पूरा कमरा धुएं से भरा हुआ था। इस दौरान कमरे की जांच करने पर टीम को कुर्सी पर एक प्रोजेक्टाइल पड़ा मिला। जांच पर पाया कि प्रोजेक्टाइल मुख्यालय के बाहर से दागा गया था जो कार्यालय की बाहरी दीवार से टकराया और फिर एक खिड़की के शीशे को तोड़ कर कमरे की दीवार से जा टकराया।