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नशे को जड़ से उखाड़ने के लिए ग्राम मिशन टीमें बना सामाजिक आंदोलन खड़ा करने की तैयारी
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मोहाली। नशे की मार से जिले को बचाने के लिए ग्रामीण स्तर पर टीमें बनाने का फैसला डीसी गिरीश दियालन ने लिया है। डैपो और बड्डी प्रोग्राम की तर्ज पर यह टीमें ग्रामीण स्तर पर नशे की रोकथाम के लिए काम करेंगी। नशे के खिलाफ लोगों के बीच आंदोलन खड़ा करने के मकसद से इन टीमों का गठन किया जाएगा। जमीनी स्तर पर नशे के प्रभाव व उसके खिलाफ किए जाने वाले कामों का ब्यौरा मौजूद रहे, इसके लिए इन टीमों के साथ पंचायत सेक्रेटरी और पटवारियों को भी जोड़ा जाएगा। इन सरकारी कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने के निर्देश भी डीसी ने दिए हैं।
डीसी गिरीश दियालन ने नशे के खिलाफ जिला मिशन टीम की एक मीटिंग लेते हुए ग्रामीण स्तर पर ग्राम मिशन टीमें बनाने को हरी झंडी दी। डीसी भी मानते हैं कि लोगों के सहयोग के बिना नशे को जड़ से उखाड़ फेंकना मुश्किल है। दियालन ने इन ग्राम मिशन टीमों के जरिए तीहरी रणनीति बनाई है, जो एनफोर्समेंट, नशा मुक्ति और उसकी रोकथाम से जुड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम मिशन टीमों और नशा निगरानी कमेटियों के जरिए एक्शन प्लान को ग्रामीण स्तर पर लागू करें।
डीसी ने संबंधित विभागों और टीमों को गांवों को नशा मुक्त बनाने के लिए किए जाने वाले कामों का रिकार्ड रखने के आदेश दिए हैं। दियालन ने गांवों को नशा मुक्त बनाने के साथ ही एक्शन प्लान की खामियों पर कड़ी नजर रखने के लिए कहा, ताकि प्लान की खामियों को दुरुस्त कर नशे के खिलाफ कारगर मुहिम चलाई जा सके। डीसी ने बताया कि इस एक्शन प्लान को डैपो और बड्डी प्रोग्राम की तर्ज पर ही लागू किया गया है, लेकिन इसमें सरकारी महकमों की भागीदारी भी बनाई गई है। इससे नशे के खिलाफ समाज व सरकारी महकमों के बीच तालमेल के साथ मुहिम खड़ी की जा सके। उन्होंने बताया कि युवा पीढ़ी को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए ग्रामीण स्तर पर खेल मुकाबले और नुक्कड़ नाटक को बढ़ावा दिया जाएगा।
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डीसी ने अधिकारियों को आदेश दिया कि जिले में नशे से ज्यादा प्रभावित, कम प्रभावित व नशा मुक्त गांवों की लिस्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं। डीसी ने बताया कि जरूरत पड़ी तो एसटीएफ के अधिकारियों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। उन्होंने गांवों में नशे के प्रभावों को लेकर तैयार होने वाली लिस्ट का विश्लेषण एसटीएफ से भी करवाए जाने की बात कही। डीसी ने पुलिस को भी स्लम एरिया, नशे की बिक्री वाली संभावित जगहों पर खास निगरानी रखने के निर्देश दिए। वहीं उन्होंने सेहत विभाग को भी निजी नशा मुक्ति केंद्रों व रिहेबिलिटेशन सेंटर्स की जांच करने के साथ ही दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर नजर रखने के निर्देश दिए। मीटिंग में एडीसी साक्षी साहनी, अमनदीप सिंह बैंस, एसपी एच गुरसेवक सिंह, सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह, असिस्टेंट कमिश्नर यशपाल शर्मा के अलावा जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी रविंदर राही शामिल थे।
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डीसी गिरीश दियालन ने नशे के खिलाफ जिला मिशन टीम की एक मीटिंग लेते हुए ग्रामीण स्तर पर ग्राम मिशन टीमें बनाने को हरी झंडी दी। डीसी भी मानते हैं कि लोगों के सहयोग के बिना नशे को जड़ से उखाड़ फेंकना मुश्किल है। दियालन ने इन ग्राम मिशन टीमों के जरिए तीहरी रणनीति बनाई है, जो एनफोर्समेंट, नशा मुक्ति और उसकी रोकथाम से जुड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम मिशन टीमों और नशा निगरानी कमेटियों के जरिए एक्शन प्लान को ग्रामीण स्तर पर लागू करें।
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डीसी ने संबंधित विभागों और टीमों को गांवों को नशा मुक्त बनाने के लिए किए जाने वाले कामों का रिकार्ड रखने के आदेश दिए हैं। दियालन ने गांवों को नशा मुक्त बनाने के साथ ही एक्शन प्लान की खामियों पर कड़ी नजर रखने के लिए कहा, ताकि प्लान की खामियों को दुरुस्त कर नशे के खिलाफ कारगर मुहिम चलाई जा सके। डीसी ने बताया कि इस एक्शन प्लान को डैपो और बड्डी प्रोग्राम की तर्ज पर ही लागू किया गया है, लेकिन इसमें सरकारी महकमों की भागीदारी भी बनाई गई है। इससे नशे के खिलाफ समाज व सरकारी महकमों के बीच तालमेल के साथ मुहिम खड़ी की जा सके। उन्होंने बताया कि युवा पीढ़ी को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए ग्रामीण स्तर पर खेल मुकाबले और नुक्कड़ नाटक को बढ़ावा दिया जाएगा।
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डीसी ने अधिकारियों को आदेश दिया कि जिले में नशे से ज्यादा प्रभावित, कम प्रभावित व नशा मुक्त गांवों की लिस्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं। डीसी ने बताया कि जरूरत पड़ी तो एसटीएफ के अधिकारियों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। उन्होंने गांवों में नशे के प्रभावों को लेकर तैयार होने वाली लिस्ट का विश्लेषण एसटीएफ से भी करवाए जाने की बात कही। डीसी ने पुलिस को भी स्लम एरिया, नशे की बिक्री वाली संभावित जगहों पर खास निगरानी रखने के निर्देश दिए। वहीं उन्होंने सेहत विभाग को भी निजी नशा मुक्ति केंद्रों व रिहेबिलिटेशन सेंटर्स की जांच करने के साथ ही दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर नजर रखने के निर्देश दिए। मीटिंग में एडीसी साक्षी साहनी, अमनदीप सिंह बैंस, एसपी एच गुरसेवक सिंह, सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह, असिस्टेंट कमिश्नर यशपाल शर्मा के अलावा जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी रविंदर राही शामिल थे।