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अस्पतालों से ही दी जाएंगी दवाइयां, बाहर की नहीं लिखी जाएंगी
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मोहाली। जिले की सारी सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं में जरूरी व इमरजेंसी दवाइयों की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। मरीज को बाहर से मिलने वाली दवाइयां न लिखी जाए बल्कि अस्पताल की फार्मेसी में मौजूद दवाइयां ही दी जाए। यह आदेश जिला सिविल सर्जन डॉ. आदर्श पाल कौर ने जिले के स्वास्थ्य अफसरों के साथ हुई आपात बैठक के दौरान दिए। उन्होंने साफ किया है कि स्वास्थ्य संस्थाओं में लोगों को अच्छी ओपीडी व इमरजेंसी सेवाएं देेने में कसर न छोड़ी जाए और मरीजों को कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए।
जानकारी के मुताबिक अमर उजाला द्वारा 27 मई के अंक में ‘मेडिकल कॉलेज में नहीं मिल रही दवा, सरकारी मुफ्त योजना की निकली हवा’ शीर्षक से खबर छापी थी। जैसे ही मामला सामने आया, उसके बाद डीसी अमित तलवार खुद हरकत में आ गए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में जवाब तलब किया था। इसके बाद सिविल सर्जन ने अधिकारियों से बैठक की। इसमें सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य प्रोग्राम व योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने के आदेश दिए। इस काम में ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस मौके पर सहायक सिविल सर्जन डॉ. रेणु सिंह, डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. दलजीत सिंह परदेसी, जिला परिवार नियोजन अफसर डॉ. निधि कौशल, जिला टीकाकरण अफसर डॉ. गिरीश डोगरा, जिला स्वास्थ्य अफसर डॉ. सुभाष कुमार, डॉ. अक्षय, डॉ. विक्रांत, डॉ हरमनदीप कौर व अजय कुमार समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
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दफ्तरों में काम न लटकाया जाए
सिविल सर्जन ने कहा कि लोगों से जुड़ा काम किसी भी अधिकारी के दफ्तर में नहीं लटकना चाहिए। हर दफ्तरी काम समय से पूरा किया जाना चाहिए। अगर किसी अर्जी में कोई कमी या किसी और कागज की जरूरत है तो आवेदक को समय से सूचित किया जाए ताकि हर अर्जी का निपटारा समय से किया जा सके। इस दौरान उन्होंने टीकाकरण, जन्म व मौत सर्टिफिकेट, मुफ्त दवाइयां, खुराक सुरक्षा समेत कई प्रोग्राम की समीक्षा की है।
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जानकारी के मुताबिक अमर उजाला द्वारा 27 मई के अंक में ‘मेडिकल कॉलेज में नहीं मिल रही दवा, सरकारी मुफ्त योजना की निकली हवा’ शीर्षक से खबर छापी थी। जैसे ही मामला सामने आया, उसके बाद डीसी अमित तलवार खुद हरकत में आ गए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में जवाब तलब किया था। इसके बाद सिविल सर्जन ने अधिकारियों से बैठक की। इसमें सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य प्रोग्राम व योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने के आदेश दिए। इस काम में ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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इस मौके पर सहायक सिविल सर्जन डॉ. रेणु सिंह, डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. दलजीत सिंह परदेसी, जिला परिवार नियोजन अफसर डॉ. निधि कौशल, जिला टीकाकरण अफसर डॉ. गिरीश डोगरा, जिला स्वास्थ्य अफसर डॉ. सुभाष कुमार, डॉ. अक्षय, डॉ. विक्रांत, डॉ हरमनदीप कौर व अजय कुमार समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
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दफ्तरों में काम न लटकाया जाए
सिविल सर्जन ने कहा कि लोगों से जुड़ा काम किसी भी अधिकारी के दफ्तर में नहीं लटकना चाहिए। हर दफ्तरी काम समय से पूरा किया जाना चाहिए। अगर किसी अर्जी में कोई कमी या किसी और कागज की जरूरत है तो आवेदक को समय से सूचित किया जाए ताकि हर अर्जी का निपटारा समय से किया जा सके। इस दौरान उन्होंने टीकाकरण, जन्म व मौत सर्टिफिकेट, मुफ्त दवाइयां, खुराक सुरक्षा समेत कई प्रोग्राम की समीक्षा की है।