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घाटे में चल रही पनकॉम को दोनों हाथों से लूट रही मैनेजमेंट..

Fri, 03 Jun 2022 01:24 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Fri, 03 Jun 2022 01:24 AM IST
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Management looting loss-making Pancom with both hands
मोहाली। पंजाब कम्युनिकेशन लिमिटेड (पनकॉम) मैनेजमेंट में तैनात आलाधिकारी पंजाब के खजाने को दोनों हाथों से लूटने का काम कर रहे हैं। अधिकारियों की लूट का असर यह हुआ कि अब मैनेजमेंट के बोर्ड ने खुद फैसला लेकर इसे बंद करने का फैसला सुना दिया। दूसरी ओर, मैनेजमेंट के फैसले ने सैकड़ों कर्मचारियों को परेशानी में ला दिया है। कंपनी ने इन्हें वीआरएस के लिए 30 जून तक आवेदन देने के लिए पत्र जारी कर दिया है। यह बात बुधवार को पीसीएल इंप्लायज यूनियन की प्रधान कुलदीप कौर और सचिव सीमा मेहता ने पत्रकारवार्ता करके बताई है।
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इंप्लायज यूनियन प्रधान कुलदीप कौर ने बताया कि वर्षों से कंपनी घाटे की मार झेल रही है और मैनेजमेंट ने कभी इसे घाटे से निकालने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। वहीं कैग की रिपोर्ट में हर वर्ष कंपनी की ऑडिट में लाखों रुपए का घाटा दिखाकर रिपोर्ट पंजाब सरकार को सौंपकर इसमें सुधार की बात कही। दूसरी तरफ, पंजाब सरकार ने कंपनी को घाटे से उभारने के लिए मैनेजमेंट को हर तरह से मदद दी, परन्तु मैनेजमेंट ने सरकार की इस मदद का हमेशा दुरुपयोग करके कंपनी को घाटे में धकेलने का काम किया।
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सरकार की मंजूरी बिना 2018 में चहेतों को दे डाली 24 लाख ग्रैच्युटी
इंप्लायज यूनियन की प्रधान कुलदीप कौर और सचिव सीमा मेहता ने मैनेजमेंट कंपनी के आलाधिकारियों पर सरकारी फंडों के दुरुपयोग के आरोप लगाए। 2018 में मैनेजमेंट के रोल पर तैनात अधिकारी जगदीप सिंह भाटिया और रुपिंदर सिंह मैणी ने चहेतों को ग्रैच्युटी के 24 लाख इसके लिए पंजाब सरकार से किसी तरह की मंजूरी नहीं ली गई। हालांकि ग्रैच्युटी के हकदार सभी थे, परन्तु उक्त अधिकारियों ने केवल 4 कर्मचारियों को ग्रैच्युटी देकर सरकार के खजाने को चूना लगाने का काम किया। दूसरी ओर, पंजाब सरकार द्वारा 3 साल के बाद ग्रौच्युटी की रकम को 10 से बढ़ाकर 20 लाख कर दिया, जिसे 2016 से एरिअर के साथ कर्मचारियों को देने की घोषणा हुई। लेकिन 2018 में चहेतों को जारी कर चुकी ग्रैच्युटी के नाम पर बांटी गई रकम के रिकार्ड को छिपाने के लिए मैनेजमेंट के उक्त अधिकारियों ने बोर्ड की बैठक में कंपनी को घाटे में दिखाकर बंद करने का फैसला पारित करवा लिया जबकि पनकॉम में रेगुलर और कांट्रेक्ट को मिलाकर करीब 300 कर्मचारी कार्यरत है, जिन्हें वेतन देने में सरकार हर महीने 25 करोड़ रुपये अदा करती है। घाटे में चल रही कंपनी की वजह से मुलाजिमों को पर हर साल वेतन देने में पंजाब सरकार को करोड़ों रुपये का घाटा झेलना पड़ रहा है। मोहाली में पंजाब सरकार की पंजाब कम्युनिकेशन लिमिटेड में टेलीफोन एक्सचेंज के लिए पैनल बनाए जाते थे, परन्तु अभी इसमें रेलवे के लिए सिग्नल और पावरकॉम के लिए ग्रिड सिस्टम बनाए जाते हैं।
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