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Mohali News: कबाड़ कारोबारी की हत्या में दोषी को उम्रकैद, पैसों के विवाद में हुई थी वारदात

Sat, 25 Jul 2026 02:11 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2026 02:11 AM IST
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Life imprisonment for convict in scrap dealer's murder; incident stemmed from a financial dispute
मोहाली। कबाड़ कारोबारी जय प्रकाश प्रसाद की हत्या के मामले में मोहाली की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने मंगत सिंह उर्फ मंगा को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह वारदात 8 अक्तूबर 2021 को मुल्लांपुर गढ़ीबदास थाना क्षेत्र के गांव माजरा में हुई थी।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विक्रांत कुमार की अदालत ने यह फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोप साबित करने में सफल रहा। 8 अक्तूबर 2021 को गांव माजरा स्थित कबाड़ की दुकान पर जय प्रकाश प्रसाद पर हमला हुआ था। गंभीर हालत में उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान गांव के सरपंच गुरबिंदर सिंह ने पुलिस को अहम जानकारी दी। उन्होंने घटना से पहले मंगत सिंह और मृतक के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद होते देखा था। सरपंच ने चीखें सुनने के बाद आरोपी को कृपाण के साथ भागते देखा। इसी बयान के आधार पर मंगत सिंह को नामजद कर गिरफ्तार किया गया।
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अहम साक्ष्य और अदालत का फैसला

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल तलवार और खून से सने कपड़े बरामद किए। मृतक का मोबाइल फोन भी आरोपी के पास से मिला था। एफएसएल जांच में हथियार और आरोपी के कपड़ों पर मिला खून जय प्रकाश प्रसाद का पाया गया। अदालत ने इन वैज्ञानिक साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर पर गंभीर चोटों से हुआ क्रेनियोसेरेब्रल ट्रॉमा बताया गया।
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बचाव पक्ष की दलीलें और कोर्ट का रुख

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने जांच में खामियों का आरोप लगाया। उन्होंने प्रत्यक्षदर्शी के बयान पर भी सवाल उठाए। हालांकि, अदालत ने कहा कि केवल जांच में कमी होने से पूरा मामला खारिज नहीं किया जा सकता। अदालत ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया।
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