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Mohali News: कुलविंदर के गजल संग्रह ‘शाम दी शाख ते’ विमोचित
Tue, 09 May 2023 02:07 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
Updated Tue, 09 May 2023 02:07 AM IST
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कुलविंदर के गजल संग्रह ‘शाम दी शाख ते’ विमोचित
मोहाली। जिला भाषा अधिकारी कार्यालय और सुर सांझ कला मंच खरड़ ने मिलकर कुलविंदर के गजल संग्रह ‘शाम दी शाख ते’ पर परिचर्चा कर इसका विमोचन किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. सुरजीत जज, सुखविंदर अमृत और अजमेर सिद्धू ने की और बतौर मुख्यअतिथि सुभाष भास्कर ने शिरकत की। इस कार्यक्रम की शुरुआत भाषा विभाग के विभागीय गीत से हुई। अपने भाषण में प्रो. सुरजीत जज ने कहा कि कुलविंदर की गजल प्रवास की परंपराओं को तोड़ते हुए समकालीन सरोकारों से जुड़ी है। सुखविंदर अमृत और सुभाष भास्कर ने कुलविंदर की शायरी के बारे में बात करते हुए उन्हें मानव संघर्ष का कवि बताया। अजमेर सिद्धू के मुताबिक उनकी शायरी प्रकृति की घटनाओं को गले लगाते हुए लोगों की पीड़ा की शायरी है, लेकिन अपने आशावादी स्वर के कारण यह प्रकाश का काव्य है। इस परिचर्चा में ध्यान सिंह कहलों, डॉ. सुरिंदर गिल, गुरचरण सिंह, बलविंदर सिंह, सुरजीत सुमन, शायर भट्टी, पवनदीप चौहान, जतिंदरपाल सिंह, मनजीत सिंह, लखविंदर सिंह ने भी हिस्सा लिया। संवाद
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मोहाली। जिला भाषा अधिकारी कार्यालय और सुर सांझ कला मंच खरड़ ने मिलकर कुलविंदर के गजल संग्रह ‘शाम दी शाख ते’ पर परिचर्चा कर इसका विमोचन किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. सुरजीत जज, सुखविंदर अमृत और अजमेर सिद्धू ने की और बतौर मुख्यअतिथि सुभाष भास्कर ने शिरकत की। इस कार्यक्रम की शुरुआत भाषा विभाग के विभागीय गीत से हुई। अपने भाषण में प्रो. सुरजीत जज ने कहा कि कुलविंदर की गजल प्रवास की परंपराओं को तोड़ते हुए समकालीन सरोकारों से जुड़ी है। सुखविंदर अमृत और सुभाष भास्कर ने कुलविंदर की शायरी के बारे में बात करते हुए उन्हें मानव संघर्ष का कवि बताया। अजमेर सिद्धू के मुताबिक उनकी शायरी प्रकृति की घटनाओं को गले लगाते हुए लोगों की पीड़ा की शायरी है, लेकिन अपने आशावादी स्वर के कारण यह प्रकाश का काव्य है। इस परिचर्चा में ध्यान सिंह कहलों, डॉ. सुरिंदर गिल, गुरचरण सिंह, बलविंदर सिंह, सुरजीत सुमन, शायर भट्टी, पवनदीप चौहान, जतिंदरपाल सिंह, मनजीत सिंह, लखविंदर सिंह ने भी हिस्सा लिया। संवाद