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खरड़ : स्कूल की फीस जमा न करवाने पर विद्यार्थी बाहर निकाले, अभिभावकों ने किया प्रदर्शन
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खरड़। शहर के नजदीक चप्पड़चिड़ी के गुरुनानक फाउंडेशन स्कूल के विद्यार्थियों के अभिभावकों स्कूल की ओर से स्कूल के वार्षिक खर्चे मांगने पर संघर्ष की राह पर आ गए। उन्होंने स्कूल परिसर में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की तो स्कूल की प्रिंसिपल पिछले गेट चली गईं। इसके बाद अभिभावकों ने स्कूल के खिलाफ एक लिखित शिकायत मोहाली के डीसी और शिक्षा अधिकारी को भेजी है।
अभिभावकों ने बताया कि 12वीं की परीक्षा पर पंजाब सरकार ने रोक लगा दी है। इसके बावजूद स्कूल ने प्रैक्टिकल का पेपर देने के लिए बच्चों को स्कूल बुला लिया। जिन बच्चों ने अप्रैल की फीस जमा नहीं करवाई थी, उन बच्चों को कक्षाओं से बाहर खड़ा कर दिया गया और उनके माता-पिता को फोन करके स्कूल आने को कहा। वहीं जो अभिभावक अपने बच्चों रिजल्ट लेने आए हुए थे, उनको भी अप्रैल की फीस और वार्षिक खर्च के नाम पर पांच हजार से लेकर साढ़े सात हजार रुपये तक जमा करवाने को कहा।
अभिभावकों ने कहा कि वार्षिक शुल्क लेने पर हाईकोर्ट ने पाबंदी लगा रखी है जबकि मासिक फीस वह जमा करवा चुके हैं। स्कूल में करीब तीन घंटे तक हंगामा होता रहा। इस बीच स्कूल की प्रिंसिपल ने अपना कमरा अंदर से बंद कर लिया और पुलिस बुला ली। अभिभावक जब स्कूल के एक कमरे तक गए तो प्रिंसिपल पिछले दरवाजे से चली गईं। बताया जा रहा है कि इस स्कूल का स्टाफ भी प्रबंधन के रवैये से परेशान है और शिक्षिकाओं को वेतन तक कम दिया जा रहा है और कई साल से बढ़ोतरी भी नहीं की जा रही।
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अभिभावकों ने बताया कि 12वीं की परीक्षा पर पंजाब सरकार ने रोक लगा दी है। इसके बावजूद स्कूल ने प्रैक्टिकल का पेपर देने के लिए बच्चों को स्कूल बुला लिया। जिन बच्चों ने अप्रैल की फीस जमा नहीं करवाई थी, उन बच्चों को कक्षाओं से बाहर खड़ा कर दिया गया और उनके माता-पिता को फोन करके स्कूल आने को कहा। वहीं जो अभिभावक अपने बच्चों रिजल्ट लेने आए हुए थे, उनको भी अप्रैल की फीस और वार्षिक खर्च के नाम पर पांच हजार से लेकर साढ़े सात हजार रुपये तक जमा करवाने को कहा।
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अभिभावकों ने कहा कि वार्षिक शुल्क लेने पर हाईकोर्ट ने पाबंदी लगा रखी है जबकि मासिक फीस वह जमा करवा चुके हैं। स्कूल में करीब तीन घंटे तक हंगामा होता रहा। इस बीच स्कूल की प्रिंसिपल ने अपना कमरा अंदर से बंद कर लिया और पुलिस बुला ली। अभिभावक जब स्कूल के एक कमरे तक गए तो प्रिंसिपल पिछले दरवाजे से चली गईं। बताया जा रहा है कि इस स्कूल का स्टाफ भी प्रबंधन के रवैये से परेशान है और शिक्षिकाओं को वेतन तक कम दिया जा रहा है और कई साल से बढ़ोतरी भी नहीं की जा रही।
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