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विजिलेंस द्वारा गिरफ्तार गिरीश वर्मा के लॉकर से मिली सोने की ज्वेलरी
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मोहाली। आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में विजिलेंस की ओर से गिरफ्तार किए गए जीरकपुर नगर काउंसिल के पूर्व ईओ गिरीश वर्मा की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। शुक्रवार को विजिलेंस ब्यूरो ने उन्हें अदालत में पेश किया। साथ ही आरोपी का रिमांड लेने के लिए दलील रखी कि उनके बैंक लॉकर से लाखों रुपये के सोने के गहने बरामद हुए हैं। ऐसे में हमें गहनों के बारे में पड़ताल करनी है। अदालत ने सभी तथ्यों को सुनने के बाद आरोपी को दो दिन के और रिमांड पर भेज दिया। हालांकि वह सात दिन से रिमांड पर चल रहे हैं।
गिरीश वर्मा पर सरकारी पद का दुरुपयोग कर आय से अधिक संपत्ति बनाने का आरोप है। विजिलेंस की जांच में उनकी 10 संपत्तियां मिली हैं। जिन्हें उन्होंने अपनी पत्नी और बेटे के अलावा अपने नाम पर खरीदा था। इसके अलावा उन्होंने अपने बेटे के नाम दो प्रॉपर्टी डेवलपर फर्मों में भी 01 करोड़ 32 लाख रुपये का निवेश किया था। विजिलेंस ब्यूरो उन अन्य व्यक्तियों की भी जांच कर रहा है। जिन्होंने गिरीश वर्मा के परिवार के सदस्यों के खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर की। इसके अलावा उनकी गुप्त चल-अचल संपत्ति के साथ-साथ उसके उच्च सरकारी अधिकारियों और व्यवसायियों के साथ उसके संबंधों का पता लगाया जाएगा। ताकि आरोपी की ओर से अपनी तैनाती के दौरान विभिन्न स्थानों पर किए गए निवेशों की जांच की जा सके।
बता दें कि गिरीश वर्मा के केस को भी विजिलेंस काफी अहम मानकर चल रही है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि उक्त व्यक्ति के बारे में पता सबको था, लेकिन कोई पहल नहीं कर रहा था। ऐसे में अब उन्होंने सख्त कदम उठाया है और सख्त कार्रवाई की जा रही है।
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गिरीश वर्मा पर सरकारी पद का दुरुपयोग कर आय से अधिक संपत्ति बनाने का आरोप है। विजिलेंस की जांच में उनकी 10 संपत्तियां मिली हैं। जिन्हें उन्होंने अपनी पत्नी और बेटे के अलावा अपने नाम पर खरीदा था। इसके अलावा उन्होंने अपने बेटे के नाम दो प्रॉपर्टी डेवलपर फर्मों में भी 01 करोड़ 32 लाख रुपये का निवेश किया था। विजिलेंस ब्यूरो उन अन्य व्यक्तियों की भी जांच कर रहा है। जिन्होंने गिरीश वर्मा के परिवार के सदस्यों के खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर की। इसके अलावा उनकी गुप्त चल-अचल संपत्ति के साथ-साथ उसके उच्च सरकारी अधिकारियों और व्यवसायियों के साथ उसके संबंधों का पता लगाया जाएगा। ताकि आरोपी की ओर से अपनी तैनाती के दौरान विभिन्न स्थानों पर किए गए निवेशों की जांच की जा सके।
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बता दें कि गिरीश वर्मा के केस को भी विजिलेंस काफी अहम मानकर चल रही है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि उक्त व्यक्ति के बारे में पता सबको था, लेकिन कोई पहल नहीं कर रहा था। ऐसे में अब उन्होंने सख्त कदम उठाया है और सख्त कार्रवाई की जा रही है।
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