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जसप्रीत की हत्या उसके दो साथियों ने पहचान छुपाने के लिए की थी
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मोहाली। मनीमाजरा निवासी जसप्रीत सिंह की हत्या उसके साथियों ने ही की थी। हत्याकांड के छह दिन बाद पुलिस ने इसका खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी अपनी पहचान छुपाए रखना चाहते थे। मामले में तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि हत्यारोपी फरार हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बलजीत सिंह उर्फ बल्ली, बलविंदर सिंह उर्फ बिल्ला निवासी कुहाडिया वाला थाना अरनीवाला जिला फाजिल्का व प्रीत इंद्र सिंह उर्फ शेरू निवासी वार्ड नंबर नौ धोबिया गली बुढलाडा थाना सिटी बुढलाडा जिला मानसा हाल निवासी एवरी टावर सेक्टर-70 के रूप में हुई है। आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस ने चार दिन का रिमांड लिया है।
एसएएसपी ने प्रेसवार्ता में बताया कि मामले को सुलझाने के लिए डीएसपी (डी) गुरचरन सिंह की अगुवाई में विशेष टीम बनाई थी। इसके बाद टीम ने तीन आरोपियों को पकड़ा। आरोपियों ने बताया जसप्रीत की हत्या में लवप्रीत सिंह निवासी नागोके थाना वैरोवाल जिला तरनतारन व परगट सिंह गांव डीलवाल अर्बन स्टेट (दो) जिला पटियाला शामिल थे। चंडीगढ़ सेक्टर 23 में सोने की दुकान को लूटने में विफल रहने के बाद वे कार से फरार हुए थे। मोहाली के गांव संभालकी के पास उन्होंने जसप्रीत की गोलियां मारकर हत्या कर दी और फरार हो गए। लुटेरों को डर था कि जसप्रीत उनका भेद खोल सकता है। अपनी पहचान छुपाए रखने के मकसद से उन्होंने जसप्रीत को मार डाला।
लूटी रकम साथियों के बैंक खातों में करवाते थे जमा
आरोपियों ने बताया कि लूट को अंजाम देनेे के बाद हासिल हुई रकम को लवप्रीत और परगट सिंह अपने साथियों के बैंक खाते में जमा कराते थे। इसे वह अपने एशो आराम पर खर्च करते थे। पकड़े गए तीनों को हर वारदात की जानकारी होती थी।
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दो प्रॉपर्टी कारोबार व एक एनीमेशन का करता था काम
बलविंदर सिंह उर्फ बिल्ला व इंद्रप्रीतसिंह प्रॉपर्टी का काम भी करते थे। जबकि बलजीत एनीमेशन बनाने की कंपनी में काम करता थ। उन्होंने बताया कि आरोपी लवप्रीत व परगट सिंह जब भी लूट की वारदातों को अंजाम देते थे, तो वह भी अपना हिस्सा लेते थे।
कार लूट केस भी खुला
11 दिसंबर को सेक्टर-82 में मोहाली की मार्केट में जसदीप सिंह नामक व्यक्ति से पिस्टल के बल पर फोर्ड इंडेवर कार लूटी थी। इस संबंधी सोहाना थाने में केस दर्ज हुआ था। इस वारदात को लवप्रीत व परगट सिंह ने अंजाम दिया था। इसके बाद गाड़ी को सेक्टर-79 के मकान में खड़ी कर उसकी बनावट को बदला था। आरोपियों से गाड़ी में पड़ी एक स्टेपनी व मालिक का इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस आदि भी बरामद हुआ है।
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एसएएसपी ने प्रेसवार्ता में बताया कि मामले को सुलझाने के लिए डीएसपी (डी) गुरचरन सिंह की अगुवाई में विशेष टीम बनाई थी। इसके बाद टीम ने तीन आरोपियों को पकड़ा। आरोपियों ने बताया जसप्रीत की हत्या में लवप्रीत सिंह निवासी नागोके थाना वैरोवाल जिला तरनतारन व परगट सिंह गांव डीलवाल अर्बन स्टेट (दो) जिला पटियाला शामिल थे। चंडीगढ़ सेक्टर 23 में सोने की दुकान को लूटने में विफल रहने के बाद वे कार से फरार हुए थे। मोहाली के गांव संभालकी के पास उन्होंने जसप्रीत की गोलियां मारकर हत्या कर दी और फरार हो गए। लुटेरों को डर था कि जसप्रीत उनका भेद खोल सकता है। अपनी पहचान छुपाए रखने के मकसद से उन्होंने जसप्रीत को मार डाला।
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लूटी रकम साथियों के बैंक खातों में करवाते थे जमा
आरोपियों ने बताया कि लूट को अंजाम देनेे के बाद हासिल हुई रकम को लवप्रीत और परगट सिंह अपने साथियों के बैंक खाते में जमा कराते थे। इसे वह अपने एशो आराम पर खर्च करते थे। पकड़े गए तीनों को हर वारदात की जानकारी होती थी।
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दो प्रॉपर्टी कारोबार व एक एनीमेशन का करता था काम
बलविंदर सिंह उर्फ बिल्ला व इंद्रप्रीतसिंह प्रॉपर्टी का काम भी करते थे। जबकि बलजीत एनीमेशन बनाने की कंपनी में काम करता थ। उन्होंने बताया कि आरोपी लवप्रीत व परगट सिंह जब भी लूट की वारदातों को अंजाम देते थे, तो वह भी अपना हिस्सा लेते थे।
कार लूट केस भी खुला
11 दिसंबर को सेक्टर-82 में मोहाली की मार्केट में जसदीप सिंह नामक व्यक्ति से पिस्टल के बल पर फोर्ड इंडेवर कार लूटी थी। इस संबंधी सोहाना थाने में केस दर्ज हुआ था। इस वारदात को लवप्रीत व परगट सिंह ने अंजाम दिया था। इसके बाद गाड़ी को सेक्टर-79 के मकान में खड़ी कर उसकी बनावट को बदला था। आरोपियों से गाड़ी में पड़ी एक स्टेपनी व मालिक का इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस आदि भी बरामद हुआ है।