{"_id":"62ed79b1f09cfe679e6a9c56","slug":"jan-andolan-will-end-single-use-plastic-mohali-news-pkl4587460127","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ जन आंदोलन शुरू करने की जरूरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ जन आंदोलन शुरू करने की जरूरत
विज्ञापन
मोहाली। सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग रोकने के लिए एक जन आंदोलन शुरू करने की जरूरत है ताकि लोग जागरूक हों और पर्यावरण की रक्षा के लिए आगे आएं। ये बातें डीसी अमित तलवार ने शुक्रवार को सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को रोकने संबंधी करवाए गए जिला स्तरीय समागम में कहीं। उन्होंने समागम में शामिल उद्योगपतियों, गैर-सरकारी संगठनों, राजनीतिक नेताओं, स्कूली बच्चों और जनता को सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने की शपथ दिलाई।
समागम में डीसी ने कहा कि सरकार ने एक जुलाई 2022 से राज्य भर में 19 प्रकार के प्लास्टिक उत्पादों के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। कानून के मुताबिक प्रशासन सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग करने वालों के चालान करने के साथ जुर्माना लगा रहा है लेकिन यह मिशन तभी कामयाब होगा जब लोग इस काम के लिए अपने सामाजिक कर्तव्य समझते हुए साथ देंगे। पहले जब हम बाजार से सामान खरीदने जाते थे तो लोग कपड़े का थैला साथ लेकर आते थेे। इस मौके पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मोहाली के अध्यक्ष गुरशरण दास गर्ग, नगर निगम की कमिश्नर नवजोत कौर, एडीसी अमनिंदर कौर बराड़, एडीसी पूजा एस ग्रेवाल समेत कई अधिकारी हाजिर थे।
सरकार ने 19 वस्तुओं पर लगा रखी है पाबंदी
सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर पाबंदी लगा दी है लेकिन इसके बाद भी लोग चोरी छिपे पॉलिथीन लेकर जा रहे है। जिन 19 प्लास्टिक वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाया गया है, वे गैर-बायोडिग्रेडेबल हैं और हमारे मानव जीवन, वनस्पति और वन्य जीवन के लिए खतरा पैदा कर रही हैं। बिखरे पॉलिथीन के लिफाफे पर्यावरण को प्रदूषित करते हैं और पशुओं में प्रवेश कर बीमारी और मौत का कारण बनते हैं। उन्होंने इस मौके पर एक प्रेजेंटेशन भी दिया जिसमें उन्होंने विस्तार से बताया कि किन प्लास्टिक उत्पादों पर प्रतिबंध हैं। यह भी बताया कि कानून को लागू करने के लिए सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए।
विज्ञापन
सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग रोकने के लिए टीमें गठित
डीसी ने कहा कि जिले में सिंगल यूज प्लासिटक के प्रयोग रोकने के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं। जो कि सब्जी मंडी, मॉल और दुकानों आदि विभिन्न स्थानों की औचक जांच कर रही हैं। यदि कोई व्यक्ति इन प्रतिबंधित वस्तुओं का उपयोग करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिस सामान पर पाबंदी लगाई है, उसमें प्लास्टिक की छड़ों के साथ ईयरबड, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइस्क्रीम स्टिक, सजावट के लिए पॉलीस्टायरीन (थर्मोकोल), प्लेट, कप, चश्मा, शामिल हैं। कटलरी जैसे कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे, मिठाई के बक्से के चारों ओर फिल्म लपेटना या पैकिंग करना, निमंत्रण कार्ड और सिगरेट पैकेजिंग, 100 माइक्रोन से नीचे प्लास्टिक या पीवीसी बैनर सख्त वर्जित हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि अब समय आ गया है कि हम प्लास्टिक उत्पादों खासकर पॉलिथीन के लिफाफों का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दें। इसकी जगह जूट और कपड़े की थैलियों का इस्तेमाल करें।
विज्ञापन
समागम में डीसी ने कहा कि सरकार ने एक जुलाई 2022 से राज्य भर में 19 प्रकार के प्लास्टिक उत्पादों के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। कानून के मुताबिक प्रशासन सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग करने वालों के चालान करने के साथ जुर्माना लगा रहा है लेकिन यह मिशन तभी कामयाब होगा जब लोग इस काम के लिए अपने सामाजिक कर्तव्य समझते हुए साथ देंगे। पहले जब हम बाजार से सामान खरीदने जाते थे तो लोग कपड़े का थैला साथ लेकर आते थेे। इस मौके पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मोहाली के अध्यक्ष गुरशरण दास गर्ग, नगर निगम की कमिश्नर नवजोत कौर, एडीसी अमनिंदर कौर बराड़, एडीसी पूजा एस ग्रेवाल समेत कई अधिकारी हाजिर थे।
विज्ञापन
सरकार ने 19 वस्तुओं पर लगा रखी है पाबंदी
सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर पाबंदी लगा दी है लेकिन इसके बाद भी लोग चोरी छिपे पॉलिथीन लेकर जा रहे है। जिन 19 प्लास्टिक वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाया गया है, वे गैर-बायोडिग्रेडेबल हैं और हमारे मानव जीवन, वनस्पति और वन्य जीवन के लिए खतरा पैदा कर रही हैं। बिखरे पॉलिथीन के लिफाफे पर्यावरण को प्रदूषित करते हैं और पशुओं में प्रवेश कर बीमारी और मौत का कारण बनते हैं। उन्होंने इस मौके पर एक प्रेजेंटेशन भी दिया जिसमें उन्होंने विस्तार से बताया कि किन प्लास्टिक उत्पादों पर प्रतिबंध हैं। यह भी बताया कि कानून को लागू करने के लिए सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए।
विज्ञापन
सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग रोकने के लिए टीमें गठित
डीसी ने कहा कि जिले में सिंगल यूज प्लासिटक के प्रयोग रोकने के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं। जो कि सब्जी मंडी, मॉल और दुकानों आदि विभिन्न स्थानों की औचक जांच कर रही हैं। यदि कोई व्यक्ति इन प्रतिबंधित वस्तुओं का उपयोग करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिस सामान पर पाबंदी लगाई है, उसमें प्लास्टिक की छड़ों के साथ ईयरबड, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइस्क्रीम स्टिक, सजावट के लिए पॉलीस्टायरीन (थर्मोकोल), प्लेट, कप, चश्मा, शामिल हैं। कटलरी जैसे कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे, मिठाई के बक्से के चारों ओर फिल्म लपेटना या पैकिंग करना, निमंत्रण कार्ड और सिगरेट पैकेजिंग, 100 माइक्रोन से नीचे प्लास्टिक या पीवीसी बैनर सख्त वर्जित हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि अब समय आ गया है कि हम प्लास्टिक उत्पादों खासकर पॉलिथीन के लिफाफों का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दें। इसकी जगह जूट और कपड़े की थैलियों का इस्तेमाल करें।