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मोहाली में महंगाई की मार, पेट्रोल के बाद अब डीजल के रेट सौ के पार
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मोहाली। वीआईपी जिले में पेट्रोल के बाद शुक्रवार को डीजल भी 100 रुपये का रेट पार कर गया। ट्राइसिटी में डीजल के यह सबसे ऊंचे दाम हैैं। अब डीजल के दामों में हुई बढ़ोतरी ने लोगों की मुसीबत और बढ़ा दी है। इसका असर लोगों की रसोई से लेकर दफ्तरों और फैक्ट्रियों तक में दिख रहा है। इससे लोगों का बजट बिगड़ना शुरू हो गया है। वहीं, पेट्रोल पंप मालिकों के कारोबार पर विपरीत असर पड़ रहा है। पेट्रोल पंप मालिक इस चीज से रोष में है। उन्होंने पहले ही 7 नवंबर से संघर्ष पर जाने की चेतावनी दे रखी है।
जानकारी के मुुताबिक वीआईपी जिले में पेट्रोल और डीजल के दामों में आग लगी हुई है। मोहाली में डीजल के दाम 100 रुपये 18 पैसे पर पहुंच गए हैं। जबकि चंडीगढ़ में डीजल की कीमत 96.73 रुपये प्रति लीटर और पंचकूला में 97 प्रति लीटर है। इस चीज का असर हर चीज पर देखने को मिल रहा है। इतना ही नहीं इस वजह से स्कूल बस ऑपरेटर भी बता चुके है कि उन्हें किराए में बढ़ोतरी करनी पड़ेगी। पेट्रोल पंप मालिकों की मानें तो 4 साल पहले यानी की 2017 तक मोहाली के पेट्रोल पंपों की स्थिति थोड़ी अच्छी थी। रोजाना करीब 10 हजार लीटर तेल बेचते थे। जबकि अब तीन हजार लीटर का कारोबार रह गया है। इस संबंधी मोहाली पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के मालिक अशविदंर सिंह मोंगिया ने बताया कि मोहाली में चंडीगढ़ और पंचकूला की तुलना में पेट्रोल और डीजल के रेट काफी अधिक हैं। इस वजह से मोहाली के पंप मालिक घाटे में चल रहे हैं और उन्हें 70 फीसदी तक का नुकसान हो रहा है। ट्राइसिटी में जो भी मोहाली एरिया के पेट्रोल पंप हैं। वह काफी नुकसान उठा रहे हैं। उनकी दलील थी कि जब शराब के रेट ट्राइसिटी में एक समान करने के लिए पहल हो सकती है तो पेट्रोल के रेट क्यों नहीं किए जा सकते हैं।
मोहाली में सबसे अधिक पंप और सबसे ऊंचा वैट
जानकारी के मुताबिक मोहाली में पेट्रोलियम पदार्थों के महंगे होने के पीछे की सबसे बड़ी वजह वैट की ज्यादा दर है। मोहाली में पेट्रोल पर वैट की दर 31.17 फीसदी है, जबकि डीजल पर 19.56 फीसदी है। पंचकूला में पेट्रोल पर वैट की 22.45 फीसदी है और डीजल पर 14.03 फीसदी है। इसी तरह पंचकूला में पेट्रोल पर वैट की दर 26.25 फीसदी और डीजल पर 17.23 फीसदी है। जहां तक पेट्रोल पंपों की संख्या की बात करें तो भी इस मामले में मोहाली आगे है। मोहाली जिले में 68 पेट्रोल पंप हैं। जबकि चंडीगढ़ में 41 और पंचकूला में 40 पंप हैं।
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पेट्रोल-डीजल भरवाने चंडीगढ़ में ज्यादा जाते हैं लोग
ट्राइसिटी में सबसे सस्ते पेट्रोल-डीजल के दाम चंडीगढ़ में हैं। यहीं कारण है कि मोहाली और पंचकूला के लोग भी चंडीगढ़ से पेट्रोल या डीजल अपनी गाड़ियों में भरवाना पसंद करते हैं। इसका फायदा भी चंडीगढ़ के पेट्रोल मालिकों को मिलता है। चंडीगढ़ में रोजाना करीब 18000 लीटर पेट्रोल और करीब 22000 लीटर डीजल बिकता है। जबकि पंचकूला में पेट्रोल करीब 5000 और डीजल करीब 8000 लीटर बिकता है। अगर बात मोहाली की करें तो यहां पर रोजाना सबसे कम करीब 800 लीटर पेट्रोल और 2500 लीटर डीजल बिकता है।
मोहाली के पेट्रोल पंप मालिक ने की थी आत्महत्या
साल 2018 में पेट्रोल पंप मालिकों ने भूख हड़ताल की थी। इस समय उनकी दलील थी कि मोहाली की अपेक्षा चंडीगढ़ और पंचकूला में पेट्रोल और डीजल काफी सस्ता है। इस वजह से उनका व्यापार खत्म हो गया है। लोग पेट्रोल-डीजल डलवाने के लिए सीधे चंडीगढ़ जाते हैं। इतना ही नहीं कुछ समय पहले मोहाली के एक नामी पेट्रोल पंप मालिक ने आत्महत्या कर ली थी। पेट्रोल पंप मालिकों का कहना है कि वह सरकार को कई बार इस चीज के बारे में बता चुके हैं, लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
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जानकारी के मुुताबिक वीआईपी जिले में पेट्रोल और डीजल के दामों में आग लगी हुई है। मोहाली में डीजल के दाम 100 रुपये 18 पैसे पर पहुंच गए हैं। जबकि चंडीगढ़ में डीजल की कीमत 96.73 रुपये प्रति लीटर और पंचकूला में 97 प्रति लीटर है। इस चीज का असर हर चीज पर देखने को मिल रहा है। इतना ही नहीं इस वजह से स्कूल बस ऑपरेटर भी बता चुके है कि उन्हें किराए में बढ़ोतरी करनी पड़ेगी। पेट्रोल पंप मालिकों की मानें तो 4 साल पहले यानी की 2017 तक मोहाली के पेट्रोल पंपों की स्थिति थोड़ी अच्छी थी। रोजाना करीब 10 हजार लीटर तेल बेचते थे। जबकि अब तीन हजार लीटर का कारोबार रह गया है। इस संबंधी मोहाली पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के मालिक अशविदंर सिंह मोंगिया ने बताया कि मोहाली में चंडीगढ़ और पंचकूला की तुलना में पेट्रोल और डीजल के रेट काफी अधिक हैं। इस वजह से मोहाली के पंप मालिक घाटे में चल रहे हैं और उन्हें 70 फीसदी तक का नुकसान हो रहा है। ट्राइसिटी में जो भी मोहाली एरिया के पेट्रोल पंप हैं। वह काफी नुकसान उठा रहे हैं। उनकी दलील थी कि जब शराब के रेट ट्राइसिटी में एक समान करने के लिए पहल हो सकती है तो पेट्रोल के रेट क्यों नहीं किए जा सकते हैं।
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मोहाली में सबसे अधिक पंप और सबसे ऊंचा वैट
जानकारी के मुताबिक मोहाली में पेट्रोलियम पदार्थों के महंगे होने के पीछे की सबसे बड़ी वजह वैट की ज्यादा दर है। मोहाली में पेट्रोल पर वैट की दर 31.17 फीसदी है, जबकि डीजल पर 19.56 फीसदी है। पंचकूला में पेट्रोल पर वैट की 22.45 फीसदी है और डीजल पर 14.03 फीसदी है। इसी तरह पंचकूला में पेट्रोल पर वैट की दर 26.25 फीसदी और डीजल पर 17.23 फीसदी है। जहां तक पेट्रोल पंपों की संख्या की बात करें तो भी इस मामले में मोहाली आगे है। मोहाली जिले में 68 पेट्रोल पंप हैं। जबकि चंडीगढ़ में 41 और पंचकूला में 40 पंप हैं।
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पेट्रोल-डीजल भरवाने चंडीगढ़ में ज्यादा जाते हैं लोग
ट्राइसिटी में सबसे सस्ते पेट्रोल-डीजल के दाम चंडीगढ़ में हैं। यहीं कारण है कि मोहाली और पंचकूला के लोग भी चंडीगढ़ से पेट्रोल या डीजल अपनी गाड़ियों में भरवाना पसंद करते हैं। इसका फायदा भी चंडीगढ़ के पेट्रोल मालिकों को मिलता है। चंडीगढ़ में रोजाना करीब 18000 लीटर पेट्रोल और करीब 22000 लीटर डीजल बिकता है। जबकि पंचकूला में पेट्रोल करीब 5000 और डीजल करीब 8000 लीटर बिकता है। अगर बात मोहाली की करें तो यहां पर रोजाना सबसे कम करीब 800 लीटर पेट्रोल और 2500 लीटर डीजल बिकता है।
मोहाली के पेट्रोल पंप मालिक ने की थी आत्महत्या
साल 2018 में पेट्रोल पंप मालिकों ने भूख हड़ताल की थी। इस समय उनकी दलील थी कि मोहाली की अपेक्षा चंडीगढ़ और पंचकूला में पेट्रोल और डीजल काफी सस्ता है। इस वजह से उनका व्यापार खत्म हो गया है। लोग पेट्रोल-डीजल डलवाने के लिए सीधे चंडीगढ़ जाते हैं। इतना ही नहीं कुछ समय पहले मोहाली के एक नामी पेट्रोल पंप मालिक ने आत्महत्या कर ली थी। पेट्रोल पंप मालिकों का कहना है कि वह सरकार को कई बार इस चीज के बारे में बता चुके हैं, लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।