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मोहाली जिले में दो किलोवॉट तक घरेलू बिजली उपभोक्ताओं का पुराना बिल होगा माफ

Tue, 19 Oct 2021 01:45 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Tue, 19 Oct 2021 01:45 AM IST
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In the tehsils of Derabassi and Zirakpur, looting is happening in the name of death.
डेराबस्सी। डेराबस्सी और जीरकपुर की तहसीलों में लोगों से इंतकाल के नाम पर लूट हो रही है। तहसीलों में बैठे दलाल लोगों को इंतकाल देने के नाम पर पैसे वसूल रहे हैं। यह गोरखधंधा मॉल विभाग के बड़े अधिकारियों, जिनमें तहसीलदार और नायब तहसीलदार की देखरेख में चल रहा है। लेकिन वह जानबूझ कर अनजान बने बैठे हैं।
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जैक रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुखदेव चौधरी ने तहसीलों में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने और जिला उपायुक्त से मुलाकात करने का ऐलान किया है। चौधरी ने बताया कि उनके पास बहुत से लोगों की शिकायतें आ रही हैं। शिकायतों के आधार पर जब खुद तहसीलों में जाकर पता किया गया तो एक बड़ा घोटाला सामने आया है।
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उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से तय किए गए नियमों के मुताबिक जब भी कोई व्यक्ति पॉपर्टी की रजिस्ट्री करवाता है तो इंतकाल की फीस उसके पास से रजिस्ट्री फीस में ही ले ली जाती है। इसके बावजूद जीरकपुर और डेराबस्सी तहसीलों में बैठे दलाल इंतकाल के लिए अलग से दो हजार रुपये लोगों से ले रहे हैं। जो लोग यह पैसा नहीं देते हैं उन्हें इंतकाल के लिए महीनों लटकाया जाता है। जबकि नियम के मुताबिक रजिस्ट्री करवाने के बाद इंतकाल करना मॉल विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी है।
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सुखदेव चौधरी ने कहा कि इंतकाल को राइट टू सर्विस के माध्यम से लागू करवाने, इसके लिए आम लोगों को जागरूक करने और तहसीलों में फैले भ्रष्टाचार को बंद करवाने के लिए जैक रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसायटी के प्रतिनिधियों द्वारा जिला उपायुक्त से मुलाकात की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर जिला प्रशासन ने इस संबंधी तहसील परिसरों में बोर्ड नहीं लगाए तो जैक अपने स्तर पर जागरूकता के लिए बोर्ड लगाकर लोगों को भ्रष्टाचार से बचाएगी।
कैसे होता है इंतकाल
किसी भी जमीन या बिल्डिंग की रजिस्ट्री करवाते समय इसके लिए दस्तावेजों के तीन सेट तैयार किए जाते हैं। सब-रजिस्ट्रार इन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के साथ ही पार्टी की फोटो खींचकर उक्त दस्तावेजों में से एक सेट खरीदार को दे देता है। इसी संपत्ति का एक सेट सब-रजिस्ट्रार के कार्यालय के रिकॉर्ड में रख देता है। जबकि तीसरी कापी, जिसे पर्चा रजिस्ट्री भी कहते हैं, कानूनगो दफ्तर को भेज देता है। यहां से आगे हलका कानूनगो और हलका कानूनगो इस दस्तावेज को संबंधित हलके के पटवारी को भेज देता है जिससे इंतकाल दर्ज किया जा सके। इसके बाद रजिस्ट्री का इंतकाल उपभोक्ता को देना होता है।
रिश्वत के आरोप में पकड़े जा चुके पटवारी
जैक रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सुखदेव चौधरी ने कहा कि विजिलेंस की ओर से कई बार पटवारियों को इंतकाल के नाम पर रिश्वत लेते हुए पकड़ा जा चुका है। इसके बावजूद तहसीलों में लोगों से पैसा वसूल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले साल कोरोना के बावजूद सरकार ने फीस बढ़ाकर 600 रुपये कर दी थी, जिसे रजिस्ट्री में ही जोड़ा जाता है। इसके बावजूद यहां से दो-तीन हजार रुपये लिए जा रहे हैं।

स्टिंग ऑपरेशन से करेंगे भंडाफोड़
सुखदेव चौधरी ने कहा कि उनकी संस्था जैक न केवल विजिलेंस ब्यूरो को इस बारे में शिकायत करेगी बल्कि स्टिंग ऑपरेशन करके ऐसे भ्रष्टाचारियों को पकड़वाया जाएगा। जिससे आम लोगों से हो रही लूट से उनको बचाया जा सके।
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