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Mohali News: हार्टिकल्चर विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर अफसरों की नाक के नीचे चलता रहा ठगी का खेल

Sun, 26 May 2024 05:12 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 26 May 2024 05:12 AM IST
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In the name of providing jobs in the Horticulture Department, a game of fraud continued under the nose of the officers.
चंडीगढ़। हॉर्टिकल्चर विभाग में नौकरी के नाम पर लगभग 700 लोगों से ठगी करने के मामले के तार अब नगर निगम के साथ जुड़ गए हैं। नगर निगम में अफसरों की नाक तले एमओएच के दो कच्चे कर्मचारी विशाल और राजीव ने कई लोगों को ठेकेदार सिमर खेरवाल की फर्जी फर्म में नौकरी लगवानेे का झांसा देकर करीब 22.40 लाख रुपये ठग लिए।
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इसका खुलासा तब हुआ, जब एक महिला को पैसे देने के बाद भी नौकरी नहीं मिली और उसने नगर निगम में पहुंचकर हंगामा किया। इसके बाद विशाल और राजीव के खिलाफ जांच शुरू हुई और सेक्टर-17 थाने में निगम के स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। वहीं, संयुक्त आयुक्त ने विभागीय जांच के आधार पर दोनों को बर्खास्त कर दिया है।
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स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय ने बताया कि विशाल और राजीव पिछले लंबे समय से एमसी कार्यालय के चिकित्सा विभाग अनुभाग में कार्यरत हैं। उन्हें सूचना मिली थी कि विशाल और राजीव ने एक महिला व अन्य लोगों से 20 लाख रुपये की ठगी की है। वहीं, महिला के पति से हाॅर्टिकल्चर विभाग में दोनों को नौकरी दिलवाने के नाम पर 2.40 लाख रुपये नकद लिए हैं। विभागीय जांच के बाद पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस अब विशाल और राजीव को गिरफ्तार करने के प्रयास में जुटी है।
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नयागांव की एक कॉलोनी निवासी महिला अंजलि ने बताया कि वह सेक्टर-17 स्थित नीलम थिएटर के पास शोरूमों में साफ-सफाई करती थी। दिसंबर 2023 में विशाल नामक युवक मिला और सरकारी नौकरी का ऑफर दिया। वह उसकी बातों में आ गई। युवक ने कहा कि इसके लिए डेढ़ लाख रुपये देने होंगे। जब महिला ने कहा कि उनके पास कोई पैसे नहीं हैं तो युवक ने 1.20 लाख रुपये देने के लिए कहा। साथ ही कहा कि कोई ज्वेलरी या अन्य सामान है तो बेचकर दे दे क्योंकि ऐसे मौके बार-बार नहीं आते हैं। महिला ने घर पहुंचकर पति सोनी सिंह से बात की तो उन्होंने ज्वेलरी बेचकर 2.40 लाख रुपये इकट्ठे किए। पैसे लेने के बाद राजीव ने उसे मलोया के पार्क में साफ-सफाई के लिए नौकरी पर लगवा दिया। इसके बाद रोजाना अन्य कर्मचारियों के साथ फोटो कर ग्रुप में भेजकर हाजिरी लगाई जाती थी।

पति को रखवाया, उसे दूसरी जगह लगाने का दिया झांसा

शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि उसने खुद व अपने पति की नौकरी के लिए 2.40 लाख रुपये दिए थे लेकिन पति को नौकरी पर नहीं रखा गया था। इसे लेकर उसने विशाल और राजीव से बातचीत की। विशाल ने बार-बार बहन बोलकर झांसा देता रहा। उसने कहा कि जल्द ही काम पर लगवा देगा। उसे किसी दूसरी कंपनी में लगाना है। इसके ठेकेदार सिमर से बातचीत कर महिला को नौकरी से हटवा दिया और उसकी जगह उसके पति सोनी को मलोया के पार्क में नौकरी पर रखवा दिया लेकिन इसके बाद वह महिला को नौकरी पर नहीं रखवा रहे थे, जबकि वह उससे पहले ही एडवांस पैसे ले चुके थे। बीते मार्च महीने में महिला नगर निगम पहुंची तो खूब हंगामा किया जिसके बाद विशाल ने अपने एक अन्य बड़े अफसर के सामने उसे 20 हजार रुपये देकर कहा कि लोकसभा चुनाव खत्म होते ही वह उसे नौकरी पर रखवा देगा। विशाल और राजीव ने कई अन्य लोगों को नौकरी पर रखवाने के नाम पर 1.20 लाख रुपये के हिसाब से पैसे लिए थे।
निगम की जांच में कबूली पैसे लेने की बात
यह सारा मामला जब नगर निगम अधिकारियों के संज्ञान में आया तो मामले में विभागीय जांच शुरू हुई। निगम के संयुक्त आयुक्त ने विशाल और राजीव को 23 मई को अपने कार्यालय में बुलाकर पूछताछ की। इस दौरान विशाल ने माना कि उसने अंजलि से एक लाख रुपये लेकर राजीव को दिए थे और राजीव ने स्वीकार किया कि उसे लगभग 5-6 महीने पहले विशाल से 75 हजार रुपये मिले थे। राजीव ने बताया कि उसे सेक्टर-25 में रहने वाले रंजीत ने 10 हजार रुपये दिए थे। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर 23 मई को ही आयुक्त ने दोनों कर्मचारियों को नौकरी से निलंबित कर दिया और इनके खिलाफ अब नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा करने का केस दर्ज करवाया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि विशाल ने ठेकेदार सिमर के साथ सेटिंग कर रखी थी और वह जितने लोगों को नौकरी का झांसा देकर उसके पास लेकर आता था, उनसे 1.20 लाख रुपये ऐंठे जाते थे। इस राशि में से सिमर विशाल को 50 प्रतिशत कमीशन देता थी। इसी कमीशन की राशि से करीब 19 लाख रुपये में विशाल ने झामपुर में फ्लैट खरीदा था, जहां सिमर व एजेंट रोहित का पहले से फ्लैट था।

पांच दिन के रिमांड पर ठेकेदार, एजेेंट व जेई

फर्जीवाड़े में गिरफ्तार ठेकेदार सिमर खेरवाल, एजेंट रोहित और हॉर्टिकल्चर विभाग के जेई को पुलिस ने दो दिन का रिमांड खत्म होने के बाद दोबारा पांच दिन के रिमांड पर लिया है। हालांकि, पुलिस पहले ही ठेकेदार व एजेंट की करीब एक करोड़ रुपये की संपति जब्त करके केस के साथ अटैच कर चुकी है लेकिन इन आरोपियों के साथ मिलीभगत में शामिल अन्य के बारे में पूछताछ के लिए रिमांड आगे बढ़वाया गया है। शनिवार को ठेकेदार सिमर की निशानदेही पर दो लाख रुपये बरामद किए गए हैं।
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