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Mohali News: सेक्टर-62 में कॉमर्शियल साइटों के रेट तीन गुना ज्यादा, नहीं बिकी बड़ी साइटें

Fri, 17 Oct 2025 01:12 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 17 Oct 2025 01:12 AM IST
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In Sector 62, rates of commercial sites are three times higher, but large sites remain unsold.
मोहाली। कभी पंजाब में रियल एस्टेट विकास की पहचान माने जाने वाले गमाडा (ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी) का अब कारोबार कुछ इलाकों और सेक्टरों को छोड़कर मंदी की गिरफ्त में है। गमाडा की ओर से बुधवार को करवाई गई ई-नीलामी में फिर से गमाडा को झटका लगा है। एक साल में हुई नीलामी में तीसरी बार गमाडा को सेक्टर-62 की छह काॅमर्शियल साइटों को खरीदार फिर से नहीं मिला है। गमाडा की तरफ से काॅमर्शियल साइटों के रेट तीन गुणा ज्यादा होने के कारण यह साइट नहीं बिकी है। गमाडा ने इन साइटों का करीब 75 करोड़ रुपये प्रति एकड़ से ज्यादा का रेट होने के कारण साइट नहीं बिक पा रही है। आसपास के इलाके में अच्छी लोकेशन की जमीन की कीमत करीब आठ करोड़ से लेकर 15 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक है। इसी कारण एयरोसिटी और आईटी सिटी जैसी हाई-वैल्यू लोकेशन को छोड़ बाकी जगह निवेशकों की दिलचस्पी खत्म होती दिख रही है।
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जानकारी के अनुसार गमाडा की ई-नीलामी में काॅमर्शियल और इंडस्ट्रियल साइटों के लिए उम्मीद के मुताबिक बोलीदाता नहीं पहुंचे। नीलामी में एरोसिटी की तीन मिक्स यूज लैंड, सेक्टर-66बी में आठ होटल की साइटों, ग्रुप हाउसिंग, पेट्रोल पंप व स्कूल साइटें को फिर से रखा गया था जो कि इस बार भी नहीं बिकी। इसके अलावा एरोसिटी के ब्लाक डी में करीब 12 एकड़ की कामर्शियल साइट भी अधूरी रह गई है। साथ ही एरोसिटी के साथ बसे आईटी सिटी में दो दो एकड़ के चार प्लाटों के लिए भी गमाडा को खरीदार नहीं मिला।
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सेक्टर-78 के सभी 17 शोरूम बिके, सेक्टर-69 के दो शोरूम व एक बूथ बिका
गमाडा की ओर से की गई ई-नीलामी में एरोसिटी के शोरूमों के अलावा सेक्टर 78 एक सेक्टर था्, जिसके 17 शोरूमों को नीलामी में रखा गया था। इसका आरक्षित मूल्य करीब साढ़े छह करोड़ से लेकर दस करोड़ था। इन सभी शोरूमों को खरीदार मिलने से गमाडा को काफी मुनाफा हुआ है। वहीं पुराने सेक्टरों में से सिर्फ सेक्टर-69 के दो शोरूम व एक बूथ बिका है।
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प्राइवेट बिल्डरों से मिल रही कड़ी टक्कर
गमाडा की धीमी मंजूरी प्रक्रिया और कठोर भुगतान शर्तें निवेशकों को निराश कर रही हैं। इसके विपरीत प्राइवेट बिल्डरों की योजनाओं में आसान किस्तें, तुरंत कब्जा और मॉडर्न सुविधाएं मिल रही हैं। इस वजह से बड़ी संख्या में खरीदार अब निजी प्रोजेक्ट्स की ओर रुख कर रहे हैं।




पुराने सेक्टरों में सुविधाओं की कमी भी बड़ी वजह
गमाडा के पुराने सेक्टरों में सड़क, सीवरेज, लाइटिंग और पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी अब निवेशकों को रोक रही है। कई साइटों तक पब्लिक ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी कमजोर है, जिससे कारोबारी उपयोग के लिए ये जगहें आकर्षक नहीं रह गईं।
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