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नेशनल हाईवे पर राहगीरों के लिए अवैध रास्ते बने परेशानी

Thu, 10 Mar 2022 01:44 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Thu, 10 Mar 2022 01:44 AM IST
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Illegal roads become trouble for passers-by on National Highway
मोहाली। लालड़ू से लेकर कुराली और मोरिंडा सड़क पर नामी कंपनियां किस तरह नेशनल हाईवे पर प्रोजेक्ट बनाकर इसको जल्दी बेचने की आड़ में नियमों को ताक पर रखकर कार्रवाई को अंजाम देती हैं। इसका असर यह होता है कि अवैध रास्तों से ट्रैफिक सीधा मुख्य हाईवे पर आ जाता है और मुख्य हाईवे से निकलने वाले ट्रैफिक को आवाजाही के दौरान हादसों का कारण बनते हैं। दूसरी ओर, अब इन अवैध रास्तों को लेकर आरटीए सख्त हो गया है, जो एनएचआईए को साथ लेकर कार्रवाई को अंजाम देने में लगा हुआ है।
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जानकारी के मुताबिक, जिले में पड़ते अंबाला-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर रियल एस्टेट से जुड़ी नामी कंपनियों द्वारा रेजिडेंशियल और कामर्शियल प्रोजेक्टों का निर्माण किया जाता है और हाईवे पर प्रोजेक्टों को निर्माण करने का मकसद जल्द से जल्द प्रोजेक्ट को बेचकर पैसा कमाना होता है। दूसरी ओर, नामी कंपनियों द्वारा फ्लैट्स और शोरूम बेचते समय लोगों को यह कहा जाता है कि प्रोजेक्ट की सीधी कनेक्टीविटी नेशनल हाईवे से है, जिसको लेकर व्यक्ति कंपनियों को मुंह मांगे दाम देकर फ्लैट व शोरूम खरीद लेते हैं।
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कंपनियां करती हैं अवैध रास्तों का निर्माण
आरटीए विभाग को मिली शिकायत में बताया कि अंबाला-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर फ्रेंडस एनक्लेव नामक कॉलोनी के रास्ते की आड़ में नामी कंपनी की ओर से अवैध कट निकालकर रास्ता सीधा हाईवे से जोड़ लिया है, जिसका असर यह हुआ कि कॉलोनी से निकलने वाला ट्रैफिक सर्विस लेन के बजाय मुख्य हाईवे पर आ रहा है। दूसरी ओर, मुख्य हाईवे पर चलने वाले तेज रफ्तार ट्रैफिक को आवाजाही के दौरान मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
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ये है नियम
एनएचएआई के अधिकारियों की मानें तो नेशनल हाईवे पर नामी कंपनियों को रास्ता सीधा नहीं दिया जाता, बल्कि सर्विस लेन से रास्ता प्रदान किया जाता है। लेकिन इसके लिए शर्त है कि पहले उसे आवेदन देना होता हैं, जिसमें कंपनी को डेढ़ वर्ष के लिए सर्विस लेन बनाकर रास्ता दिया जाता है। अगर व्यक्ति डेढ़ वर्ष में सर्विस लेन नहीं बनाता तो उसके आवेदन को रद्द कर दिया जाता है। लेकिन कुछ कंपनियां सर्विस लेन की आड़ में मुख्य हाईवे से रास्ते जोड़ लेते हैं, जिसका खामियाजा मुख्य हाईवे से निकलने वाले तेज रफ्तार ट्रैफिक को भुगतना पड़ता है।
91 खतरनाक प्वाइंट्स
जानकारी के मुताबिक जिले में होने वाले सड़क हादसों के आंकड़ों पर नजर मारी जाए तो सामने आता है कि सड़क हादसों की चपेट में आकर प्रतिदिन एक व्यक्ति की मौत हो रही है और मृतकों में अधिकतर नेशनल हाईवे पर स्थित शहरों में रहने वाले हैं। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से 91 ऐसे प्वाइंट्स को खतरनाक घोषित किया गया हैं, जिनमें नेशनल हाईवे के कट्स भी शामिल हैं।
आगे की कार्रवाई करेंगे
इस मामले की शिकायत मिली थी और विभाग के अधिकारियों की ओर से की गई जांच में सामने आया है कि नामी कंपनी के प्रबंधकों ने सर्विस लेन के बजाय रास्ता सीधा नेशनल हाईवे से जोड़ लिया है। जिसके बाद मामले को एनएचएआई को ट्रांसफर कर दिया गया है, जो इससे आगे की कार्रवाई को अंजाम देंगे। -सुखविंदर कुमार, आरटीए, मोहाली।

नियम तोड़े तो कंपनी पर होगी कार्रवाई
यह हाईवे से जुड़े अवैध कट का मामला हमारे पास आ चुका है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए गए हैं। अगर कंपनी की ओर से नियमों की अवहेलना की गई तो इसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -प्रदीप अत्री, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई।
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