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पंजाब पुलिस के सीनियर आईपीएस बने आईटीबी के एडीजीपी
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मोहाली। पंजाब पुलिस के सीनियर आईपीएस अधिकारी हरप्रीत सिंह सिद्धू अब डेपुटेशन में केंद्र सरकार के अधीन काम करेंगे। केंद्र सरकार की ओर से उन्हें भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबी) का एडिशनल डायरेक्टर जनरल (एडीजीपी) नियुक्त किया गया है। केंद्र सरकार ने इस संबंधी आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही चीफ सेक्रेटरी पंजाब को पत्र लिखा है कि उन्हें तुरंत प्रभाव से रिलीव करें, ताकि वह नई जिम्मेदारी को संभाल सकें।
हरप्रीत सिंह सिद्धू पहले भी डेपुटेशन पर काम कर चुके हैं। 2017 में जब कांग्रेस की कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में सरकार बनी थी। उस समय कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब से नशों को खत्म करने के लिए स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) गठित की थी। साथ ही उनके कहने पर सिद्धू पंजाब में आ गए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें एसटीएफ की कमान सौंप थी। उनकी अगुवाई में एसटीएफ की टीम अच्छा काम कर रही थी। इस दौरान कई ड्रग तस्करी के केसों का उनकी तरफ से खुलाया किया गया। लेकिन राज्य में जैसे ही कुछ समय पहले सत्ता परिवर्तन हुआ। इसके बाद से उक्त अधिकारी अपने आपको असहज महसूस कर रहे थे। साथ ही उन्हें केंद्र डेपुटेशन पर जाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। उनकी तरफ से दो बार इस दिशा कदम उठाए गए। जिसके बाद अब केंद्र सरकार ने उनकी फाइल क्लियर करके उन्हें अहम जिम्मेदारी सौंपी है। वह इस पद पर चार साल के लिए बने रहेंगे। अब सरकार ने भी उन्हें रिलीव करने की तैयार कर ली है। याद रहे कि वह 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी है। पंजाब के मौजूदा डीजीपी गौरव यादव के बैचमेट रह चुके हैं। इस समय उनके पास एडीजीपी एसटीएफ साथ ही एडीजीपी जेल का अतिरिक्त जिम्मेदारी भी है।
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हरप्रीत सिंह सिद्धू पहले भी डेपुटेशन पर काम कर चुके हैं। 2017 में जब कांग्रेस की कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में सरकार बनी थी। उस समय कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब से नशों को खत्म करने के लिए स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) गठित की थी। साथ ही उनके कहने पर सिद्धू पंजाब में आ गए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें एसटीएफ की कमान सौंप थी। उनकी अगुवाई में एसटीएफ की टीम अच्छा काम कर रही थी। इस दौरान कई ड्रग तस्करी के केसों का उनकी तरफ से खुलाया किया गया। लेकिन राज्य में जैसे ही कुछ समय पहले सत्ता परिवर्तन हुआ। इसके बाद से उक्त अधिकारी अपने आपको असहज महसूस कर रहे थे। साथ ही उन्हें केंद्र डेपुटेशन पर जाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। उनकी तरफ से दो बार इस दिशा कदम उठाए गए। जिसके बाद अब केंद्र सरकार ने उनकी फाइल क्लियर करके उन्हें अहम जिम्मेदारी सौंपी है। वह इस पद पर चार साल के लिए बने रहेंगे। अब सरकार ने भी उन्हें रिलीव करने की तैयार कर ली है। याद रहे कि वह 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी है। पंजाब के मौजूदा डीजीपी गौरव यादव के बैचमेट रह चुके हैं। इस समय उनके पास एडीजीपी एसटीएफ साथ ही एडीजीपी जेल का अतिरिक्त जिम्मेदारी भी है।
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