फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Governments should move beyond paper plans and rhetoric: Tikait

कागजी योजनाएं और बयानबाजी से आगे बढ़ें सरकारें: टिकैत

Sat, 04 Oct 2025 02:07 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 04 Oct 2025 02:07 AM IST
विज्ञापन
Governments should move beyond paper plans and rhetoric: Tikait
लालड़ू। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और एसकेएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने आज घग्गर नदी के पास टिवाणा में बने अस्थायी बाँध का दौरा किया। उन्होंने बांध की सेवा कर रही भारतीय किसान यूनियन लखोवाल डेराबस्सी इकाई के प्रयासों की सराहना करते हुए 2 लाख रुपये का दान किया।
विज्ञापन

टिकैत ने पंजाब और केंद्र सरकार से अपील की कि बाढ़ संबंधित योजनाओं को शीघ्र लागू किया जाए ताकि किसानों को वास्तविक मदद मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकारों को कागजी योजनाओं और बयानबाज़ी से आगे बढ़कर ठोस कदम उठाने चाहिए। पानी छोड़ते समय किसी प्रकार का पक्षपात नहीं होना चाहिए और इसका उपयोग केवल बांध बचाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, क्योंकि अनियमित पानी लाखों लोगों के भविष्य पर असर डाल सकता है। टिकैत ने किसानों के जज्बे को सलाम किया, जो बिना सरकारी मदद के एक महीने से ट्रैक्टरों के साथ बांध की सेवा कर रहे हैं।
विज्ञापन

इस अवसर पर नाभा साहिब के समाजसेवियों ने 51 हज़ार रुपये और बसौली गांव के निवासियों ने 25 हज़ार रुपये बांध पर कार्यरत प्रशासकों को दिए। मौके पर हरिंदर सिंह जी लाखोवाल (पंजाब अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन), रतन मान (हरियाणा अध्यक्ष), कुलदीप सिंह (चंडीगढ़ अध्यक्ष), मनप्रीत सिंह अमलाला और अन्य वरिष्ठ किसान नेता उपस्थित थे। टिकैत ने कहा कि जब तक किसानों की गेहूं की बिजाई नहीं हो जाती, वे किसानों के हित में डटे रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed