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डेराबस्सी : सरकारी अस्पताल का बढ़ेगा दायरा... सुविधाओं में भी होगा विस्तार, बैठकों का दौर जारी
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डेराबस्सी। लोगों को मिलने वाली सेहत सुविधाओं में विस्तार करने के लिए सरकारी अस्पताल का दायरा बढ़ाए जाने की कवायद शुरू हो गई है। नगर परिषद ने पंचायत विभाग को अस्पताल में शामिल करने के लिए बैठकों का सिलसिला शुरू कर दिया है।
नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है पंचायत विभाग के कार्यालय को दूसरी जगह पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। अस्पताल का दायरा बढ़ने से लोगों को ज्यादा बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी।
नगर परिषद प्रधान रणजीत सिंह रेड्डी का कहना है विभिन्न विभागों के अधिकारियों से बातचीत चल रही है। इस काम को जल्द अमलीजामा पहनाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। लंबे समय से शहरवासी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में परेशानी का सामना कर रहे हैं।
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अस्पताल पर लाखों लोग निर्भर
डेराबस्सी विधानसभा हलके में यह इकलौता सरकारी अस्पताल है। इस पर अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर बसे जीरकपुर, डेराबस्सी और लालड़ू आदि क्षेत्र में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं देने का दारोमदार है। रोज हजारों की संख्या में लोग अस्पताल पहुंचते हैं। अस्पताल में सही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध न होने के कारण उन्हें परेशान होना पड़ता है। उपमंडल स्तर के इकलौते सरकारी अस्पताल पर मरीजों का दबाव अधिक होने के कारण लोगों को ऑपरेशन आदि करवाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। इसके साथ ही कई बार मजबूर होकर लोगों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
पार्किंग तक की व्यवस्था नहीं
जीरकपुर, डेराबस्सी और लालड़ू आदि क्षेत्र की आबादी में कुछ वर्षों में काफी बढ़ी है। इसके साथ ही शहर में निजी अस्पतालों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। अकेले जीरकपुर में छह से अधिक मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल मौजूद हैं। पंजाब सेहत विभाग के अधिकारियों ने शहर की बढ़ती आबादी को देखकर कभी स्थानीय सरकारी अस्पताल के दायरे को बढ़ाने की तरफ ध्यान नहीं दिया। अस्पताल में कार्यरत स्टाफ को अपने वाहन तक खड़े करने के लिए जगह नहीं है। दिन के समय अस्पताल की एंबुलेंस को बाहर मुख्य हाईवे पर खड़ा करना पड़ता है। इसी तरह, डेराबस्सी और लालड़ू में बड़ी संख्या में निजी अस्पताल बनकर तैयार हो चुके हैं। सरकारी अस्पतालों में सही स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलने के कारण लोग निजी अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
अस्पताल पर तीन शहरों के लोग निर्भर हैं। आज प्रत्येक शहर की आबादी लाखों में है। इतनी बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने में अस्पताल प्रबंधन को परेशानी हो रही है। सबसे बड़ी समस्या अस्पताल के पास पर्याप्त जगह न होना है। इस समस्या को देखते हुए नगर परिषद ने अस्पताल के साथ मौजूद पंचायत विभाग कार्यालय को इसमें शामिल करने का फैसला लिया है। -रणजीत सिंह रेड्डी, प्रधान, नगर परिषद डेराबस्सी।
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नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है पंचायत विभाग के कार्यालय को दूसरी जगह पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। अस्पताल का दायरा बढ़ने से लोगों को ज्यादा बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी।
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नगर परिषद प्रधान रणजीत सिंह रेड्डी का कहना है विभिन्न विभागों के अधिकारियों से बातचीत चल रही है। इस काम को जल्द अमलीजामा पहनाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। लंबे समय से शहरवासी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में परेशानी का सामना कर रहे हैं।
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अस्पताल पर लाखों लोग निर्भर
डेराबस्सी विधानसभा हलके में यह इकलौता सरकारी अस्पताल है। इस पर अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर बसे जीरकपुर, डेराबस्सी और लालड़ू आदि क्षेत्र में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं देने का दारोमदार है। रोज हजारों की संख्या में लोग अस्पताल पहुंचते हैं। अस्पताल में सही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध न होने के कारण उन्हें परेशान होना पड़ता है। उपमंडल स्तर के इकलौते सरकारी अस्पताल पर मरीजों का दबाव अधिक होने के कारण लोगों को ऑपरेशन आदि करवाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। इसके साथ ही कई बार मजबूर होकर लोगों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
पार्किंग तक की व्यवस्था नहीं
जीरकपुर, डेराबस्सी और लालड़ू आदि क्षेत्र की आबादी में कुछ वर्षों में काफी बढ़ी है। इसके साथ ही शहर में निजी अस्पतालों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। अकेले जीरकपुर में छह से अधिक मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल मौजूद हैं। पंजाब सेहत विभाग के अधिकारियों ने शहर की बढ़ती आबादी को देखकर कभी स्थानीय सरकारी अस्पताल के दायरे को बढ़ाने की तरफ ध्यान नहीं दिया। अस्पताल में कार्यरत स्टाफ को अपने वाहन तक खड़े करने के लिए जगह नहीं है। दिन के समय अस्पताल की एंबुलेंस को बाहर मुख्य हाईवे पर खड़ा करना पड़ता है। इसी तरह, डेराबस्सी और लालड़ू में बड़ी संख्या में निजी अस्पताल बनकर तैयार हो चुके हैं। सरकारी अस्पतालों में सही स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलने के कारण लोग निजी अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
अस्पताल पर तीन शहरों के लोग निर्भर हैं। आज प्रत्येक शहर की आबादी लाखों में है। इतनी बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने में अस्पताल प्रबंधन को परेशानी हो रही है। सबसे बड़ी समस्या अस्पताल के पास पर्याप्त जगह न होना है। इस समस्या को देखते हुए नगर परिषद ने अस्पताल के साथ मौजूद पंचायत विभाग कार्यालय को इसमें शामिल करने का फैसला लिया है। -रणजीत सिंह रेड्डी, प्रधान, नगर परिषद डेराबस्सी।