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गमाडा से मरम्मत का काम लेना, मरा सांप निगम के गले में डालने जैसा
अमर उजाला ब्यूरो, मोहाली
Updated Sat, 13 Aug 2016 08:39 AM IST
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balveer singh sidhu, MLA Mohali
- फोटो : amar ujala
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कुछ दिन पहले गमाडा से हाउस की मीटिंग में मरम्मत का काम निगम के अधीन लेने के संबंध में प्रस्ताव पास किया गया था। उस समय मेयर कुलवंत सिंह ने दावा किया था कि इससे लोगों को फायदा होगा। वहीं, हर साल गमाडा इन कामों के बदले निगम को तय प्लान के तहत करोड़ों रुपये देगा। इस मामले को लेकर विधायक बलबीर सिंह सिद्धू ने मेयर पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह सब दिखावा है। गमाडा चालीस से 45 करोड़ रुपये शहर के विकास के लिए पहले ही खर्च कर रहा है। उन्होंने बताया कि 50 करोड़ तो मोहाली के पार्कों के लिए चाहिए। वहीं, उन्होंने कहा कि गमाडा की आर्थिक हालत भी ठीक नहीं है।
गमाडा अपने मुलाजिमों को वेतन नहीं दे पा रहा है। वहीं, लोन की किश्तों को चुकाने में असमर्थ है। वह पैसे ही अदायगी कहा से करेगा। यह तो नगर निगम के गले में मरा हुआ सांप डाल दिया गया है। उन्होंने बताया कि सेक्टर-76 से अस्सी तक के सेक्टर तो अभी तक पूरी तरह से विकसित नहीं हुए हैं। इन सेक्टरों के विकास के लिए करोड़ों रुपये जरूरत है। ऐेसे में यह तो लोगों से सरासर धोखा हुआ है।
गमाडा की चिट्ठी को दबाए रखा
विधायक सिद्धू ने बताया कि गमाडा से मरम्मत के काम लेने के लिए जो सरकार से मीटिंग हुई थी। उसमें वह शामिल नहीं हुए थे। वहीं, गमाडा से इस संबंध में जो पत्र आया था। उसे भी उन्होंने दबा कर रखा। उन्होंने कहा कि इलाके में जो कम्युनिटी सेंटर भी 50करोड़ से बनाने होंगे। उन्होंने कहा कि आने वाली हाउस की मीटिंग में इस मुद्दे को उठाएंगे।
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416 करोड़ अधर में
विधायक ने बताया कि पहले सरकार से 416 करोड़ रुपये आने की बात कहीं गई थी। लेकिन अभी तक वह पैसा भी नहीं आया है। वहीं, अब गमाडा से भी पैसा आने की कोई उम्मीद नहीं है। आने वाले तीन महीनों में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लग जाएगी। ऐसे में शहर के लोगों की उम्मीदों का क्या होगा। उन्हें अभी तक कुछ पता नहीं है।
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गमाडा अपने मुलाजिमों को वेतन नहीं दे पा रहा है। वहीं, लोन की किश्तों को चुकाने में असमर्थ है। वह पैसे ही अदायगी कहा से करेगा। यह तो नगर निगम के गले में मरा हुआ सांप डाल दिया गया है। उन्होंने बताया कि सेक्टर-76 से अस्सी तक के सेक्टर तो अभी तक पूरी तरह से विकसित नहीं हुए हैं। इन सेक्टरों के विकास के लिए करोड़ों रुपये जरूरत है। ऐेसे में यह तो लोगों से सरासर धोखा हुआ है।
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गमाडा की चिट्ठी को दबाए रखा
विधायक सिद्धू ने बताया कि गमाडा से मरम्मत के काम लेने के लिए जो सरकार से मीटिंग हुई थी। उसमें वह शामिल नहीं हुए थे। वहीं, गमाडा से इस संबंध में जो पत्र आया था। उसे भी उन्होंने दबा कर रखा। उन्होंने कहा कि इलाके में जो कम्युनिटी सेंटर भी 50करोड़ से बनाने होंगे। उन्होंने कहा कि आने वाली हाउस की मीटिंग में इस मुद्दे को उठाएंगे।
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416 करोड़ अधर में
विधायक ने बताया कि पहले सरकार से 416 करोड़ रुपये आने की बात कहीं गई थी। लेकिन अभी तक वह पैसा भी नहीं आया है। वहीं, अब गमाडा से भी पैसा आने की कोई उम्मीद नहीं है। आने वाले तीन महीनों में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लग जाएगी। ऐसे में शहर के लोगों की उम्मीदों का क्या होगा। उन्हें अभी तक कुछ पता नहीं है।