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बिना बताए बदल लिए घर, गमाडा के अलॉटमेंट लेटर लटके अधर में
ब्यूरो, अमर उजाला/मोहाली
Updated Sat, 18 Jun 2016 12:46 AM IST
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- फोटो : file pic
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ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) की ओर से कई एयरोसिटी अलॉटियों को भेजे गए अलाटमेंट लेटर हवा में हैं। लोगों द्वारा गमाडा को सूचित किए बिना अपने घर बदलने से यह स्थिति पैदा हुई है। इस कारण डाक द्वारा भेजे जा रहे अलॉटमेंट लेटर वापस गमाडा के पास पहुंच रहे हैं।
इसके बाद गमाडा ने लोगों को नसीहत दी है कि यदि उन्होंने अपनी रिहायश बदली है तो इस बारे में अथॉरिटी के ईओ के दफ्तर में प्रार्थना पत्र देकर अपने पते में बदलाव करवाएं। ताकि दोबारा ऐसी स्थिति पैदा न हो। जानकारी के मुताबिक, गमाडा ने 2010 में पहली बार रिहायशी प्लॉटों की स्कीम निकाली थी। इसमें चार हजार प्लॉटों के लिए ड्रॉ निकाला गया था। इसके बाद अब गमाडा ने इलाके को विकसित करने के साथ ही अलाटियों को प्लॉटों का पजेशन देना भी शुरू कर दिया है। वहीं, लोगों को अलाटमेंट लेटर भी भेजे जा रहे हैं।
इसी बीच गमाडा के ध्यान में आया कि कई लोगों को भेजे गए अलॉटमेंट लेटर वापस आ गए हैं। क्योंकि उक्त लोग रिहायशी बदल चुके थे। इसके बाद गमाडा ने सभी लोगों को पता बदलने की स्थिति में अपना एड्रेस गमाडा में नोट करवाने की नसीहत दी है। वहीं, गमाडा के अधिकारियों ने कहा है कि जिनके अलॉटमेंट लेटर वापस आए हैं। वे गमाडा आकर अपने पत्र ले सकते हैं।
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पांच प्रतिशत राशि अलाटमेंट शर्तों के अनुसार
गमाडा अधिकारियों के मुताबिक प्लॉटों की बकाया राशि और पांच फीसदी रकम अलॉटमेंट पत्र की शर्तों के अनुसार जमा करवाने की जिम्मेदारी लोगों की होगी।
चांदपुरी जैसी कई हस्तियां बसेगी एयरोसिटी में
गमाडा की ओर से सिंगापुर की तर्ज पर एयरोसिटी बसाई जा रही है। इसमें कई नामी अफसर, खिलाड़ी और पाक-भारत के बीच हुए युद्ध के हीरो रहे ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी का भी फ्लैट हैं।
ब्रॉशरों से कमाए थे लाखों रुपये
गमाडा की एयरोसिटी स्कीम हिट रही थी। इसमें देश भर से लोगों ने आवेदन किया था। गमाडा ने लाखों रुपये की राशि ब्रॉशरों की कीमत से कमा ली थी। इस प्रोजेक्ट के बाद गमाडा ने न्यू चंडीगढ़ में इको सिटी एक और दो, मेडिसिटी एक और दो व आईटी सिटी जैसे प्रोजेक्ट लॉन्च किए थे।
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इसके बाद गमाडा ने लोगों को नसीहत दी है कि यदि उन्होंने अपनी रिहायश बदली है तो इस बारे में अथॉरिटी के ईओ के दफ्तर में प्रार्थना पत्र देकर अपने पते में बदलाव करवाएं। ताकि दोबारा ऐसी स्थिति पैदा न हो। जानकारी के मुताबिक, गमाडा ने 2010 में पहली बार रिहायशी प्लॉटों की स्कीम निकाली थी। इसमें चार हजार प्लॉटों के लिए ड्रॉ निकाला गया था। इसके बाद अब गमाडा ने इलाके को विकसित करने के साथ ही अलाटियों को प्लॉटों का पजेशन देना भी शुरू कर दिया है। वहीं, लोगों को अलाटमेंट लेटर भी भेजे जा रहे हैं।
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इसी बीच गमाडा के ध्यान में आया कि कई लोगों को भेजे गए अलॉटमेंट लेटर वापस आ गए हैं। क्योंकि उक्त लोग रिहायशी बदल चुके थे। इसके बाद गमाडा ने सभी लोगों को पता बदलने की स्थिति में अपना एड्रेस गमाडा में नोट करवाने की नसीहत दी है। वहीं, गमाडा के अधिकारियों ने कहा है कि जिनके अलॉटमेंट लेटर वापस आए हैं। वे गमाडा आकर अपने पत्र ले सकते हैं।
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पांच प्रतिशत राशि अलाटमेंट शर्तों के अनुसार
गमाडा अधिकारियों के मुताबिक प्लॉटों की बकाया राशि और पांच फीसदी रकम अलॉटमेंट पत्र की शर्तों के अनुसार जमा करवाने की जिम्मेदारी लोगों की होगी।
चांदपुरी जैसी कई हस्तियां बसेगी एयरोसिटी में
गमाडा की ओर से सिंगापुर की तर्ज पर एयरोसिटी बसाई जा रही है। इसमें कई नामी अफसर, खिलाड़ी और पाक-भारत के बीच हुए युद्ध के हीरो रहे ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी का भी फ्लैट हैं।
ब्रॉशरों से कमाए थे लाखों रुपये
गमाडा की एयरोसिटी स्कीम हिट रही थी। इसमें देश भर से लोगों ने आवेदन किया था। गमाडा ने लाखों रुपये की राशि ब्रॉशरों की कीमत से कमा ली थी। इस प्रोजेक्ट के बाद गमाडा ने न्यू चंडीगढ़ में इको सिटी एक और दो, मेडिसिटी एक और दो व आईटी सिटी जैसे प्रोजेक्ट लॉन्च किए थे।