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गमाडा के पास फंड की कमी, कब्रिस्तान की नहीं बनेगी बाउंड्री वॉल

Sat, 09 Jul 2016 01:13 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मोहाली
ब्यूरो, अमर उजाला/मोहाली Updated Sat, 09 Jul 2016 01:13 AM IST
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सेक्टर-57 स्थित कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल का मामला अधर में लटक गया है। इस मामले में शुक्रवार को बीजेपी पार्षद अशोक झा की अगुवाई में मुस्लिम वेलफेयर एसोसिएशन के एक प्रतिनिधि मंडल ने गमाडा के सीए से मुलाकात की। साथ ही कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि कब्रिस्तान के ठीक सामने क्वार्टर बने हैं। इससे लोगों को समस्या आती है। 
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इस पर गमाडा के सीए ने प्रतिनिधि मंडल को जवाब दिया गमाडा के पास फंड की कमी है। ऐसे में इस समय वहां पर बाउंड्री वॉल नहीं बनाई जा सकती है। ऐसे में लोगों की सुविधा के लिए वहां कंटीली तार लगा देते हैं। पार्षद ने बताया कि सीए ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि फंड आने पर बाउंड्री वॉल करवा दी जाएगी।
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जिक्रयोग है कि मोहाली में श्मशान घाट के सामने बहुत ही पुराना कब्रिस्तान है। इसके सामने ही सेक्टर-57 के क्वार्टर हैं। जहां पर काफी परिवार रहते हैं। ऐसे में वहां पर बाउंड्री वॉल की सख्त जरूरत है, लेकिन जानबूझकर इसे लटकाया जा रहा है।
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मुख्यमंत्री के आदेश का भी नहीं हुआ पालन
पार्षद ने बताया कि दो माह पहले मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी के प्रतिनिधि मंडल ने सीएम प्रकाश सिंह बादल से मुलाकात की थी। इस दौरान सीएम ने गमाडा को हिदायत दी थी कब्रिस्तान में बाउंड्री वॉल बना दी जाए, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। इसी बीच गमाडा के सीए की बदली हो गई। इस कारण सीएम के आदेश का पालन नहीं हो पाया।


कहां गए गमाडा के करोड़ों रुपये
इस मामले में समाजसेवी अतुल शर्मा भी आगे आ गए हैं। उनका कहना है कि हर दो माह बाद गमाडा करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी नीलाम करता है। इसके अलावा गमाडा को एयरोसिटी, इकोसिटी व आईटी सिटी से करोड़ों रुपये का मुनाफा हुआ है।  यह बात सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर गमाडा के करोड़ों रुपये कहां जा रहे हैं। 
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