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Mohali News: मानव तस्करी व साइबर ठगी मामले में युवती की जमानत खारिज
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मोहाली। विदेशों में मानव तस्करी कर युवाओं से जबरन साइबर ठगी करवाने के मामले में नामजद मोगा निवासी युवती नेहा की जमानत याचिका जिला अदालत ने खारिज कर दी है। अदालत ने मामले को गंभीर मानकर कहा कि आरोपी के पाकिस्तान के नागरिकों से संपर्क सामने आए हैं, ऐसे में गहन जांच जरूरी है। जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है। नेहा ने अपने वकील के माध्यम से जमानत याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने दलील दी कि आरोपी युवती लोगों को कंबोडिया व अन्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में नौकरी का झांसा देकर भेजती थी, जहां उन्हें अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा जाता था। पीड़ितों के पासपोर्ट तक जब्त कर लिए जाते थे और उन्हें जबरन साइबर ठगी करने के लिए मजबूर किया जाता था।
जांच में सामने आया है कि पीड़ितों से बैंक अधिकारी, सरकारी एजेंसी के कर्मचारी बनकर ऑनलाइन ठगी करवाई जाती थी। वहीं बचाव पक्ष ने दलील दी कि नेहा एक 23 वर्षीय मासूम युवती है, जिसे गलत तरीके से फंसाया गया है। भारत लौटते ही उसको गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि मानव तस्करी और विदेश में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जो चिंता का विषय है। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी 25 जनवरी 2026 से हिरासत में है, लेकिन जांच अभी जारी है। अदालत के अनुसार आरोपी के विदेशी, विशेषकर पाकिस्तान के नागरिकों से संपर्क होने के संकेत मिले हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी मामले की गहन जांच आवश्यक हो जाती है। इसके अलावा आरोपी पर ऑनलाइन निवेश घोटालों और फर्जी डिजिटल प्रोफाइल तैयार करने में सहयोग देने के आरोप भी हैं। स्टेट साइबर क्राइम थाना मोहाली में इस संबंध में बीएनएस की विभिन्न धाराओं, आईटी एक्ट की धारा 66डी और इमिग्रेशन एक्ट की धारा 24 के तहत मामला दर्ज है।
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जांच में सामने आया है कि पीड़ितों से बैंक अधिकारी, सरकारी एजेंसी के कर्मचारी बनकर ऑनलाइन ठगी करवाई जाती थी। वहीं बचाव पक्ष ने दलील दी कि नेहा एक 23 वर्षीय मासूम युवती है, जिसे गलत तरीके से फंसाया गया है। भारत लौटते ही उसको गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि मानव तस्करी और विदेश में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जो चिंता का विषय है। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी 25 जनवरी 2026 से हिरासत में है, लेकिन जांच अभी जारी है। अदालत के अनुसार आरोपी के विदेशी, विशेषकर पाकिस्तान के नागरिकों से संपर्क होने के संकेत मिले हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी मामले की गहन जांच आवश्यक हो जाती है। इसके अलावा आरोपी पर ऑनलाइन निवेश घोटालों और फर्जी डिजिटल प्रोफाइल तैयार करने में सहयोग देने के आरोप भी हैं। स्टेट साइबर क्राइम थाना मोहाली में इस संबंध में बीएनएस की विभिन्न धाराओं, आईटी एक्ट की धारा 66डी और इमिग्रेशन एक्ट की धारा 24 के तहत मामला दर्ज है।
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