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गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई : जेल में इंटरव्यू करवाने के मामले में सात पुलिस मुलाजिमों का होगा पॉलीग्राफ टेस्ट

Sat, 19 Apr 2025 12:44 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 19 Apr 2025 12:44 AM IST
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Gangster Lawrence Bishnoi: Polygraph test of seven police personnel will be done in the case of conducting interview in jail
मोहाली। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का जेल में इंटरव्यू करवाने के मामले में सात पुलिस मुलाजिमों का पॉलीग्राफ टेस्ट करवाया जाएगा। मुलाजिमों का पॉलीग्राफ टेस्ट करवाने को लेकर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास की अदालत में याचिका दायर की गई थी। उसे अदालत ने मंजूर कर लिया है। सूत्रों के अनुसार इसी सप्ताह मुलाजिमों का पॉलीग्राफ टेस्ट होगा। एजीडीपी एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स निलभ किशोर सरकारी वकील के साथ मोहाली अदालत में पेश हुए और सब इंस्पेक्टर जगतपाल जग्गू, एएसआई मुख्तियार सिंह, कांस्टेबल सिमरनजीत सिंह, कांस्टेबल हरप्रीत सिंह, कांस्टेबल बलविंदर सिंह, कांस्टेबल सतनाम सिंह, कांस्टेबल अमृतपाल सिंह के पॉलीग्राफ टेस्ट करवाने की अनुमति मांगी।
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अदालत को बताया गया कि उक्त सभी मुलाजिमों के बयान दर्ज किए गए हैं। अदालत को बताया गया कि मामले में जारी अनिवार्य निर्देशों के अनुपालन में उपरोक्त व्यक्तियों की सहमति आवश्यक है ताकि उपरोक्त वैज्ञानिक परीक्षण (पॉलीग्राफ टेस्ट) कराने के लिए उनकी स्वैच्छिकता सुनिश्चित की जा सके। एएसआई मुख्तियार सिंह, कांस्टेबल सिमरनजीत सिंह, कांस्टेबल हरप्रीत सिंह, कांस्टेबल बलविंदर सिंह, कांस्टेबल सतनाम सिंह और कांस्टेबल अमृतपाल सिंह पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए सहमत हो गए हैं। पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की उनकी इच्छा के बारे में उनके बयान दर्ज कर लिए गए हैं। अदालत ने दलीलें सुनने के बाद जांच अधिकारी (आईओ) को नियमों के अनुसार पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति को मंजूर कर लिया।
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क्या होता है पॉलीग्राफ टेस्ट

पॉलीग्राफ टेस्ट को झूठ डिटेक्टर टेस्ट के नाम से भी जाना जाता है। एक उपकरण है जो व्यक्ति के शारीरिक प्रतिक्रियाओं को मापता है जब उनसे सवाल पूछे जाते हैं, यह हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर, श्वसन और त्वचा की चालकता जैसे संकेतकों को रिकॉर्ड करता है, जो कथित तौर पर झूठ बोलने पर बदल जाते हैं। इसका उपयोग आमतौर पर अपराधों की जांच के लिए किया जाता है।
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क्या था मामला
लॉरेंस बिश्नोई इंटरव्यू मामले में सरकार ने बड़ी कार्रवाई कर डीएसपी गुरशेर सिंह संधू सहित छह पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड किया था। इन सभी को 3 अप्रैल 2022 को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का साक्षात्कार आयोजित करने का दोषी पाया गया था। लॉरेंस तब सीआईए पुलिस स्टेशन खरड़ में बंद था। ड्यूटी में कोताही और लापरवाही बरतने के आरोप में इन सभी को सस्पेंड किया गया था। करीब डेढ़ साल बाद लॉरेंस का यह इंटरव्यू एक टीवी चैनल पर चला था जो खूब वायरल हुआ। मोहाली के डीएसपी स्पेशल ऑपरेशन सेल गुरशेर सिंह संधू के अलावा जिन पुलिस कर्मियों को सस्पेंड किया गया था, उनमें समरन वनीत पीपीएस डीएसपी, सब इंस्पेक्टर रीना सीआईए खरड़, सब इंस्पेक्टर एलआर जगतपाल जग्गू एजीटीएफ, सब इंस्पेक्टर एलआर शगनजीत सिंह, एएसआई मुख्तियार सिंह, एचसी ओम प्रकाश शामिल थे।
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