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गमाडा ने टीडीआई के दो सेक्टर्स की ली सुध पर पांच की बदहाली पर साधी चुप्पी
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मोहाली। एयरपोर्ट रोड पर बसे टीडीआई के पांच सेक्टरों के बाशिदों ने भी गमाडा के कंप्लीशन सर्टिफिकेट पर सवाल उठाते हुए रद्द करने की मांग की है। इससे पहले टीडीआई के दो सेक्टरों के लिए गमाडा द्वारा जारी कंप्लीशन सर्टिफिकेट की जांच के लिए रिव्यू कमेटी बनाई गई है। पिछले कई सालों से टीडीआई के सेक्टरों में बसे लोग जनसुविधाओं की कमी और प्रोमोटर्स की वादाखिलाफी को लेकर आवाज उठा रहे हैं।
मोहाली में सेक्टर 74ए, 110, 111, 116, 117, 118 व 119 को टीडीआई ने डवलप किया था। इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए गमाडा की तरफ से टीडीआई को पार्शियल कंम्पलीशन सर्टिफिकेट भी जारी किया जा चुका है। इन सेक्टर्स के बाशिदों की रेजिडेंट वेलफयेर सोसाइटीज यहां की खामियों को लंबे समय से गमाडा सहित जिला प्रशासन व सरकार के सामने उठाती आ रही हैं। टीडीआई के इन सेक्टर्स में रह रहे परिवार प्रमोटर्स की वादाखिलाफी के चलते बदतर हालात में रहने को मजबूर हैं। टीडीआई सिटी के नाम से डवअलप इन सेक्टर्स में न तो सड़कें हैं, न सीवरेज, न पार्किंग, न अस्पताल और न ही लोगों की सिक्योरिटी की कोई व्यवस्था है। वाटर सप्लाई और स्ट्रीट लाइटों का भी बुरा हाल है। सीवरेज बुरी हालत में हैं, रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम नदारद है। यह हालात तब हैं जब यहां के हर परिवार से प्रमोटर्स डेवलपमेंट और मेंटेनेंस चार्ज के नाम पर हर साल मोटी रकम वसूल रहे हैं। हालात यह हैं कि लोग यहां घर बनाने के अपने फैसले पर अब पछता रहे हैं। सेक्टर 110 व 111 के लोगों ने पिछले साल नवंबर में गमाडा को दी गई शिकायत पर सुनवाई करते हुए एक रिव्यू कमेटी का गठन किया है। गमाडा के अतिरिक्त मुख्य प्रशासक राजेश धीमान ने टीडीआई को जारी कंम्पलीशन सर्टिफिकेट की जांच के लिए यह रिव्यू कमेटी बनाई है।
रिव्यू कमेटी बनने से इन दो सेक्टर्स के लोगों को तो राहत की उम्मीद जगी है, लेकिन सेक्टर 74ए, 116, 117, 118 व 119 के लोग अभी भी नाउम्मीदी के साव्ए में हैं। इन पांच सेक्टर्स के लोग भी लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। इन लोगों ने पिछले लोकसभा चुनावों को बहिष्कार भी किया था। इसके बावजूद सरकार या किसी राजनैतिक दल ने इनकी सुध नहीं ली। इन पांच सेक्टर्स के लिए भी गमाडा द्वारा टीडीआई को कंप्लीशन सर्टिफिकेट दिया जा चुका है। जिन आधार पर कंप्लीशन सर्टिफिकेट दिया गया है, वो आधारभूत सुविधाएं यहां नजर ही नहीं आतीं। गमाडा द्वारा टीडीआई को जारी कंप्लीशन सर्टिफिकेट पर टीडीआई रेजिडेंट राइट प्रोटैक्शन एंड वैलफेयर सोसाइटी ने सितंबर में बिंदुवार एक नोटिस टीडीआई प्रबंधन ो भेजा था। जिसकी प्रतिलिपी गमाडा सहित अन्य संबंधित विभागों के आला अधिकारियों को भेजी गई थी। इसका भी अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। सोसाइटी का कहना है कि पर्मोटर्स ने जो वादे एग्रीमेंट में किए थे वो पूरे नहीं किए गए। जबकि गमाडा ने एग्रीमेंट के इन्हीं बिन्दुओं के आधार पर कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी किया है। जो सरासर गलत है।
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बाक्स
खानापूर्ति के लिए बना है टीडीआई क्लब
इलाके की डेवलपमेंट और मेेंटेनेंस के लिए प्रमोटर्स ने टीडीआई क्लब के नाम से एक एसोसिएशन बनाई हुई है। इसके प्रधान टीडीआई ग्रुप के चेयरमैन रविंदर तनेजा हैं। तनेजा के चार नुमाइंदे एसोसिएशन के कर्ताधर्ता हैं। हालांकि रेसिडेंट्स को भी इसमें रखा गया है, लेकिन उनकी समस्याओं का हल फिर भी नहीं हो रहा। इलाके में रह रहे लोगों का कहना है कि इस एसोसिएशन की बैठक खानापूर्ति से ज्यादा कुछ नहीं होती। उनका कहना है कि प्लाट खरीदने से पहले प्रमोटर्स ने उन्हें इलाके की डेवलपमेंट को लेकर बड़े-बड़े सब्जबाग दिखाए थे।
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मोहाली में सेक्टर 74ए, 110, 111, 116, 117, 118 व 119 को टीडीआई ने डवलप किया था। इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए गमाडा की तरफ से टीडीआई को पार्शियल कंम्पलीशन सर्टिफिकेट भी जारी किया जा चुका है। इन सेक्टर्स के बाशिदों की रेजिडेंट वेलफयेर सोसाइटीज यहां की खामियों को लंबे समय से गमाडा सहित जिला प्रशासन व सरकार के सामने उठाती आ रही हैं। टीडीआई के इन सेक्टर्स में रह रहे परिवार प्रमोटर्स की वादाखिलाफी के चलते बदतर हालात में रहने को मजबूर हैं। टीडीआई सिटी के नाम से डवअलप इन सेक्टर्स में न तो सड़कें हैं, न सीवरेज, न पार्किंग, न अस्पताल और न ही लोगों की सिक्योरिटी की कोई व्यवस्था है। वाटर सप्लाई और स्ट्रीट लाइटों का भी बुरा हाल है। सीवरेज बुरी हालत में हैं, रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम नदारद है। यह हालात तब हैं जब यहां के हर परिवार से प्रमोटर्स डेवलपमेंट और मेंटेनेंस चार्ज के नाम पर हर साल मोटी रकम वसूल रहे हैं। हालात यह हैं कि लोग यहां घर बनाने के अपने फैसले पर अब पछता रहे हैं। सेक्टर 110 व 111 के लोगों ने पिछले साल नवंबर में गमाडा को दी गई शिकायत पर सुनवाई करते हुए एक रिव्यू कमेटी का गठन किया है। गमाडा के अतिरिक्त मुख्य प्रशासक राजेश धीमान ने टीडीआई को जारी कंम्पलीशन सर्टिफिकेट की जांच के लिए यह रिव्यू कमेटी बनाई है।
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रिव्यू कमेटी बनने से इन दो सेक्टर्स के लोगों को तो राहत की उम्मीद जगी है, लेकिन सेक्टर 74ए, 116, 117, 118 व 119 के लोग अभी भी नाउम्मीदी के साव्ए में हैं। इन पांच सेक्टर्स के लोग भी लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। इन लोगों ने पिछले लोकसभा चुनावों को बहिष्कार भी किया था। इसके बावजूद सरकार या किसी राजनैतिक दल ने इनकी सुध नहीं ली। इन पांच सेक्टर्स के लिए भी गमाडा द्वारा टीडीआई को कंप्लीशन सर्टिफिकेट दिया जा चुका है। जिन आधार पर कंप्लीशन सर्टिफिकेट दिया गया है, वो आधारभूत सुविधाएं यहां नजर ही नहीं आतीं। गमाडा द्वारा टीडीआई को जारी कंप्लीशन सर्टिफिकेट पर टीडीआई रेजिडेंट राइट प्रोटैक्शन एंड वैलफेयर सोसाइटी ने सितंबर में बिंदुवार एक नोटिस टीडीआई प्रबंधन ो भेजा था। जिसकी प्रतिलिपी गमाडा सहित अन्य संबंधित विभागों के आला अधिकारियों को भेजी गई थी। इसका भी अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। सोसाइटी का कहना है कि पर्मोटर्स ने जो वादे एग्रीमेंट में किए थे वो पूरे नहीं किए गए। जबकि गमाडा ने एग्रीमेंट के इन्हीं बिन्दुओं के आधार पर कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी किया है। जो सरासर गलत है।
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खानापूर्ति के लिए बना है टीडीआई क्लब
इलाके की डेवलपमेंट और मेेंटेनेंस के लिए प्रमोटर्स ने टीडीआई क्लब के नाम से एक एसोसिएशन बनाई हुई है। इसके प्रधान टीडीआई ग्रुप के चेयरमैन रविंदर तनेजा हैं। तनेजा के चार नुमाइंदे एसोसिएशन के कर्ताधर्ता हैं। हालांकि रेसिडेंट्स को भी इसमें रखा गया है, लेकिन उनकी समस्याओं का हल फिर भी नहीं हो रहा। इलाके में रह रहे लोगों का कहना है कि इस एसोसिएशन की बैठक खानापूर्ति से ज्यादा कुछ नहीं होती। उनका कहना है कि प्लाट खरीदने से पहले प्रमोटर्स ने उन्हें इलाके की डेवलपमेंट को लेकर बड़े-बड़े सब्जबाग दिखाए थे।