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Mohali News: नगर परिषद की पहली बैठक में हुआ हंगामा, विरोध और चर्चा के बाद प्रस्तावों को मिली मंजूरी
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संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। नगर परिषद के हाउस की पहली बैठक में उस समय हंगामा हो गया, जब सफाईकर्मियों का वेतन अगस्त से दोगुना करने का प्रस्ताव सदन में रखा गया। विपक्षी दलों के सदस्यों ने प्रस्ताव पर एतराज जताते हुए कहा कि उन्हें यह स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई कि किन-किन कर्मचारियों को पक्का किया जा रहा है और कर्मचारियों से संबंधित प्रस्ताव की पूरी जानकारी सदस्यों के पास नहीं है। विपक्ष ने मांग की कि प्रस्ताव पर फैसला लेने से पहले अलग बैठक बुलाकर विस्तृत चर्चा की जाए। विरोध के बावजूद प्रस्ताव पर सदन में मतदान हुआ। विधायक कुलजीत सिंह रंधावा, नगर परिषद प्रधान गुरप्रीत सिंह विर्क समेत कुल 15 सदस्यों ने हाथ उठाकर प्रस्ताव के समर्थन में सहमति जताई और 29 में से 15 से अधिक सदस्यों के समर्थन के बाद प्रस्ताव पारित कर दिया गया।
इसके बाद भी बैठक में विभिन्न प्रस्तावों को लेकर पक्ष-विपक्ष के बीच बहस होती रही। जबकि बैठक में वार्ड-3 के पार्षद दीपक नेगी और वार्ड-22 की पार्षद बबीता सांगवान गैरहाजिर रहे। बैठक में परिषद के अन्य पार्षदों ने विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा में हिस्सा लिया। दोनों पार्षदों की गैरहाजिरी के कारण उनके वार्डों से जुड़े मुद्दे बैठक में उनकी ओर से सीधे नहीं उठाए जा सके।
जीरकपुर में पहली बार बनेगी अपनी गोशाला
बैठक के दौरान शहर में नगर परिषद की अपनी गोशाला बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिससे बेसहारा पशुओं को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने और सड़कों पर उनकी संख्या कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही शहर की सीवरेज व्यवस्था को अपग्रेड करने के लिए करीब 323 करोड़ रुपये की लागत से दो नए एसटीपी बनाने और नई सीवरेज लाइनें बिछाने की योजना को मंजूरी प्रदान की गई है, जिससे सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या कम होने और नए क्षेत्रों को बेहतर नेटवर्क से जोड़ने की उम्मीद है। हंगामे के बीच पारित प्रस्तावों के बाद अब इन्हें धरातल पर लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी। इस सबके बीच नगर परिषद हाउस की बैठक में जीरकपुर में अपनी गोशाला बनाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। दरअसल शहर की सड़कों पर बेसहारा पशुओं की मौजूदगी से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी होती है और हादसों का खतरा बना रहता है। गोशाला बनने के बाद बेसहारा पशुओं को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे सड़कों पर पशुओं की संख्या कम होने के साथ यातायात व्यवस्था में सुधार और हादसों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। परिषद की ओर से अब गोशाला के लिए जगह तय करने और अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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ओए कहने पर भड़के पार्षद
बैठक के दौरान एक समय ऐसा आया कि हाउस की पहली बैठक में चर्चा के दौरान कुछ पार्षद आपस में तीखी बहस करने लगे। बहस के दौरान एक पार्टी के पार्षद ने सत्ताधारी पार्टी के पार्षद को ओए कहकर संबोधित किया। इससे सदन में पार्षद भड़क गए। इस दौरान मामले को बढ़ता देख विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने बीच-बचाव करते हुए पार्षदों को शांत कराया और कहा कि सभी सदस्य जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं। उन्हें सदन की गरिमा व मर्यादा बनाए रखनी चाहिए और पार्षदों से व्यक्तिगत टिप्पणी से बचते हुए मुद्दों पर चर्चा करने और एक-दूसरे का सम्मान करने की अपील की। विधायक की समझाइश के बाद माहौल शांत हुआ और बैठक की कार्रवाई आगे जारी रही।
हाउस की पहली बैठक में कुछ प्रस्तावों को छोड़कर लगभग सभी प्रस्तावों को सदन की मंजूरी मिल गई है। अब इन प्रस्तावों पर नियमानुसार आगामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। शहर में लंबे समय से रुके विकास कार्यों में तेजी लाना परिषद की प्राथमिकता है। सड़कों, सीवरेज, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को जल्द आगे बढ़ाकर लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। -गुरप्रीत सिंह विर्क, प्रधान, नगर परिषद जीरकपुर।
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जीरकपुर। नगर परिषद के हाउस की पहली बैठक में उस समय हंगामा हो गया, जब सफाईकर्मियों का वेतन अगस्त से दोगुना करने का प्रस्ताव सदन में रखा गया। विपक्षी दलों के सदस्यों ने प्रस्ताव पर एतराज जताते हुए कहा कि उन्हें यह स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई कि किन-किन कर्मचारियों को पक्का किया जा रहा है और कर्मचारियों से संबंधित प्रस्ताव की पूरी जानकारी सदस्यों के पास नहीं है। विपक्ष ने मांग की कि प्रस्ताव पर फैसला लेने से पहले अलग बैठक बुलाकर विस्तृत चर्चा की जाए। विरोध के बावजूद प्रस्ताव पर सदन में मतदान हुआ। विधायक कुलजीत सिंह रंधावा, नगर परिषद प्रधान गुरप्रीत सिंह विर्क समेत कुल 15 सदस्यों ने हाथ उठाकर प्रस्ताव के समर्थन में सहमति जताई और 29 में से 15 से अधिक सदस्यों के समर्थन के बाद प्रस्ताव पारित कर दिया गया।
इसके बाद भी बैठक में विभिन्न प्रस्तावों को लेकर पक्ष-विपक्ष के बीच बहस होती रही। जबकि बैठक में वार्ड-3 के पार्षद दीपक नेगी और वार्ड-22 की पार्षद बबीता सांगवान गैरहाजिर रहे। बैठक में परिषद के अन्य पार्षदों ने विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा में हिस्सा लिया। दोनों पार्षदों की गैरहाजिरी के कारण उनके वार्डों से जुड़े मुद्दे बैठक में उनकी ओर से सीधे नहीं उठाए जा सके।
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जीरकपुर में पहली बार बनेगी अपनी गोशाला
बैठक के दौरान शहर में नगर परिषद की अपनी गोशाला बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिससे बेसहारा पशुओं को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने और सड़कों पर उनकी संख्या कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही शहर की सीवरेज व्यवस्था को अपग्रेड करने के लिए करीब 323 करोड़ रुपये की लागत से दो नए एसटीपी बनाने और नई सीवरेज लाइनें बिछाने की योजना को मंजूरी प्रदान की गई है, जिससे सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या कम होने और नए क्षेत्रों को बेहतर नेटवर्क से जोड़ने की उम्मीद है। हंगामे के बीच पारित प्रस्तावों के बाद अब इन्हें धरातल पर लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी। इस सबके बीच नगर परिषद हाउस की बैठक में जीरकपुर में अपनी गोशाला बनाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। दरअसल शहर की सड़कों पर बेसहारा पशुओं की मौजूदगी से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी होती है और हादसों का खतरा बना रहता है। गोशाला बनने के बाद बेसहारा पशुओं को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे सड़कों पर पशुओं की संख्या कम होने के साथ यातायात व्यवस्था में सुधार और हादसों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। परिषद की ओर से अब गोशाला के लिए जगह तय करने और अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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ओए कहने पर भड़के पार्षद
बैठक के दौरान एक समय ऐसा आया कि हाउस की पहली बैठक में चर्चा के दौरान कुछ पार्षद आपस में तीखी बहस करने लगे। बहस के दौरान एक पार्टी के पार्षद ने सत्ताधारी पार्टी के पार्षद को ओए कहकर संबोधित किया। इससे सदन में पार्षद भड़क गए। इस दौरान मामले को बढ़ता देख विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने बीच-बचाव करते हुए पार्षदों को शांत कराया और कहा कि सभी सदस्य जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं। उन्हें सदन की गरिमा व मर्यादा बनाए रखनी चाहिए और पार्षदों से व्यक्तिगत टिप्पणी से बचते हुए मुद्दों पर चर्चा करने और एक-दूसरे का सम्मान करने की अपील की। विधायक की समझाइश के बाद माहौल शांत हुआ और बैठक की कार्रवाई आगे जारी रही।
हाउस की पहली बैठक में कुछ प्रस्तावों को छोड़कर लगभग सभी प्रस्तावों को सदन की मंजूरी मिल गई है। अब इन प्रस्तावों पर नियमानुसार आगामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। शहर में लंबे समय से रुके विकास कार्यों में तेजी लाना परिषद की प्राथमिकता है। सड़कों, सीवरेज, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को जल्द आगे बढ़ाकर लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। -गुरप्रीत सिंह विर्क, प्रधान, नगर परिषद जीरकपुर।