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Mohali News: धोखाधड़ी का आरोपी जाएगा कनाडा, सीबीआई कोर्ट ने दी मंजूरी
Wed, 07 Aug 2024 03:00 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
Updated Wed, 07 Aug 2024 03:00 AM IST
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अदालत की शर्तों पर मिली मंजूरी, बेटी की डिलीवरी पर पहुंचने की लगाई थी गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। धोखाधड़ी मामले में नामजद आरोपी को सीबीआई कोर्ट ने कनाडा जाने की इजाजत दी है। आरोपी मोगा निवासी रछपाल सिंह ने अपने वकील के माध्यम से स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पांच महीने के लिए कनाडा जाने की याचिका दायर कर पासपोर्ट रिलीज करने की मांग की थी जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया है। आरोपी रछपाल सिंह को अदालत की शर्तों पर कनाडा जाने की मंजूरी मिली है। आरोपी रछपाल सिंह के वकील एचएस धनोआ ने अदालत में तर्क दिया कि याचिकाकर्ता की बेटी बलजिंदर कौर सिद्धू 28 सप्ताह की गर्भवती है और वह कनाडा में रहती है। याचिकाकर्ता रछपाल सिंह 22 जुलाई से 23 दिसंबर 2024 तक पांच महीने के लिए अपनी बेटी के पास कनाडा जाना चाहता है। उसकी बेटी बलजिंदर कौर यार्ड मास्टर ड्राइव ब्रैम्पटन, ओंटारियो (कनाडा ) में रहती है। बेटी की डिलीवरी डेट 22 अगस्त है। उसे अपने बच्चे के जन्म से पहले और बाद में शारीरिक और भावनात्मक समर्थन प्रदान करने के लिए अपने माता-पिता (याचिकाकर्ता और उसकी पत्नी) की उपस्थिति की आवश्यकता है। वह वर्तमान में अकेले इस स्थिति का सामना कर रही है, इसलिए उसे कनाडा जाने की अनुमति दी जाए।
वहीं, सीबीआई ने आवेदन के जवाब में कहा है कि याचिकाकर्ता वर्तमान मामले में आरोपियों में से एक है और उस पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के गंभीर आरोप हैं। यदि याचिकाकर्ता को विदेश जाने की अपेक्षित अनुमति दी जाती है, तो पूरी संभावना है कि वह स्वतंत्रता का दुरुपयोग कर सकता है। वह देश से भाग सकता है। उसकी कनाडा जाने की याचिका को रद्द किया जाए।
अदालत ने फैसला सुनाया कि रछपाल सिंह ने अपनी बेटी से मिलने के उद्देश्य से पांच महीने की अवधि के लिए कनाडा जाने की अनुमति मांगी है, जो 28 सप्ताह की गर्भवती है। उपरोक्त तथ्य को ध्यान में रखते हुए और यह कि अभियोजन पक्ष ने कुछ गवाहों की जांच नहीं की गई है। (मामला लगभग अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है) याचिकाकर्ता को 22 जुलाई से 10 अक्टूबर तक अदालत की शर्तों के तहत कनाडा जाने की अनुमति दी जाती है।
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इन शर्तों पर मिली कनाडा जाने की मंजूरी
-शर्त के अनुसार याचिकाकर्ता कनाडा के अलावा किसी अन्य देश की यात्रा नहीं करेगा।
-याचिकाकर्ता किसी भी आधार पर ऊपर बताई गई अवधि से परे विदेश में रहने के लिए कोई और समय नहीं मांगेगा।
-याचिकाकर्ता को 25 लाख रुपये की बैंक गारंटी और इतनी ही राशि की एक जमानत के साथ निजी बांड प्रस्तुत करना होगा, जिसमें यह साबित करना होगा कि वह निर्धारित अवधि के भीतर भारत लौट आएगा।
-याचिकाकर्ता को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उसकी अनुपस्थिति में उसका वकील अदालत में पेश होगा, ताकि कार्यवाही जारी रह सके।
-वह अपनी बेटी का स्थायी पता और संपर्क नंबर भी प्रस्तुत करेगा, यानी वह स्थान जहां वह रहने वाला है।
-याचिकाकर्ता वापस आने पर अदालत में उपस्थित होगा और 23 दिसंबर 2024 को या उससे पहले अपना पासपोर्ट जमा करेगा और अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा।
क्या था मामला
61 वर्षीय आरोपी रछपाल सिंह मोगा के विश्वकर्मा चौक ग्रीन फील्ड कॉलोनी मोगा का रहने वाला है। उसके खिलाफ पुलिस स्टेशन न्यू दिल्ली में आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 व 120बी के अलावा पीसी एक्ट की धारा 13 के तहत वर्ष 2002 में मामला दर्ज हुआ था। यह मामला सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में विचाराधीन है, जो फैसले के अंतिम पड़ाव पर है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। धोखाधड़ी मामले में नामजद आरोपी को सीबीआई कोर्ट ने कनाडा जाने की इजाजत दी है। आरोपी मोगा निवासी रछपाल सिंह ने अपने वकील के माध्यम से स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पांच महीने के लिए कनाडा जाने की याचिका दायर कर पासपोर्ट रिलीज करने की मांग की थी जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया है। आरोपी रछपाल सिंह को अदालत की शर्तों पर कनाडा जाने की मंजूरी मिली है। आरोपी रछपाल सिंह के वकील एचएस धनोआ ने अदालत में तर्क दिया कि याचिकाकर्ता की बेटी बलजिंदर कौर सिद्धू 28 सप्ताह की गर्भवती है और वह कनाडा में रहती है। याचिकाकर्ता रछपाल सिंह 22 जुलाई से 23 दिसंबर 2024 तक पांच महीने के लिए अपनी बेटी के पास कनाडा जाना चाहता है। उसकी बेटी बलजिंदर कौर यार्ड मास्टर ड्राइव ब्रैम्पटन, ओंटारियो (कनाडा ) में रहती है। बेटी की डिलीवरी डेट 22 अगस्त है। उसे अपने बच्चे के जन्म से पहले और बाद में शारीरिक और भावनात्मक समर्थन प्रदान करने के लिए अपने माता-पिता (याचिकाकर्ता और उसकी पत्नी) की उपस्थिति की आवश्यकता है। वह वर्तमान में अकेले इस स्थिति का सामना कर रही है, इसलिए उसे कनाडा जाने की अनुमति दी जाए।
वहीं, सीबीआई ने आवेदन के जवाब में कहा है कि याचिकाकर्ता वर्तमान मामले में आरोपियों में से एक है और उस पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के गंभीर आरोप हैं। यदि याचिकाकर्ता को विदेश जाने की अपेक्षित अनुमति दी जाती है, तो पूरी संभावना है कि वह स्वतंत्रता का दुरुपयोग कर सकता है। वह देश से भाग सकता है। उसकी कनाडा जाने की याचिका को रद्द किया जाए।
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अदालत ने फैसला सुनाया कि रछपाल सिंह ने अपनी बेटी से मिलने के उद्देश्य से पांच महीने की अवधि के लिए कनाडा जाने की अनुमति मांगी है, जो 28 सप्ताह की गर्भवती है। उपरोक्त तथ्य को ध्यान में रखते हुए और यह कि अभियोजन पक्ष ने कुछ गवाहों की जांच नहीं की गई है। (मामला लगभग अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है) याचिकाकर्ता को 22 जुलाई से 10 अक्टूबर तक अदालत की शर्तों के तहत कनाडा जाने की अनुमति दी जाती है।
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इन शर्तों पर मिली कनाडा जाने की मंजूरी
-शर्त के अनुसार याचिकाकर्ता कनाडा के अलावा किसी अन्य देश की यात्रा नहीं करेगा।
-याचिकाकर्ता किसी भी आधार पर ऊपर बताई गई अवधि से परे विदेश में रहने के लिए कोई और समय नहीं मांगेगा।
-याचिकाकर्ता को 25 लाख रुपये की बैंक गारंटी और इतनी ही राशि की एक जमानत के साथ निजी बांड प्रस्तुत करना होगा, जिसमें यह साबित करना होगा कि वह निर्धारित अवधि के भीतर भारत लौट आएगा।
-याचिकाकर्ता को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उसकी अनुपस्थिति में उसका वकील अदालत में पेश होगा, ताकि कार्यवाही जारी रह सके।
-वह अपनी बेटी का स्थायी पता और संपर्क नंबर भी प्रस्तुत करेगा, यानी वह स्थान जहां वह रहने वाला है।
-याचिकाकर्ता वापस आने पर अदालत में उपस्थित होगा और 23 दिसंबर 2024 को या उससे पहले अपना पासपोर्ट जमा करेगा और अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा।
क्या था मामला
61 वर्षीय आरोपी रछपाल सिंह मोगा के विश्वकर्मा चौक ग्रीन फील्ड कॉलोनी मोगा का रहने वाला है। उसके खिलाफ पुलिस स्टेशन न्यू दिल्ली में आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 व 120बी के अलावा पीसी एक्ट की धारा 13 के तहत वर्ष 2002 में मामला दर्ज हुआ था। यह मामला सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में विचाराधीन है, जो फैसले के अंतिम पड़ाव पर है।