फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Former deputy speaker opened front against health minister

सेहतमंत्री के खिलाफ पूर्व डिप्टी स्पीकर ने खोला मोर्चा

Tue, 17 Aug 2021 02:41 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Tue, 17 Aug 2021 02:41 AM IST
विज्ञापन
Former deputy speaker opened front against health minister
मोहाली। बलौंगी गांव की शामलात जमीन में बनी बाल गोपाल गोशाला का मामला गरमा गया है। एक ओर सेहत मंत्री बलबीर सिद्घू दावा कर रहे हैं कि उन्होंने सारे नियमों का पालन कर यह गोशाला बनाई है। जबकि दूसरी तरफ सभी राजनीतिक दलों ने उन पर हमला बोल दिया है। वहीं, इस मामले में पंजाब के पूर्व डिप्टी स्पीकर बीर दविंदर सिंह भी मैदान में उतर आए हैं।
विज्ञापन

उन्होंने इस मामले संबंधी सबूतों के साथ लोकपाल की अदालत में जाने का फैसला किया है। सोमवार को जारी एक ब्यान में बीर दविंदर सिंह ने कहा कि बलौंगी गांव की पंचायत की दस एकड़ चार कनाल एक मरला शामलात जमीन को बाल गोपाल गोशाला से संबंधित ट्रस्ट को 33 सालों के लिए लीज पर देने संबंधी आरटीआई के तहत जानकारी और दस्तावेज प्राप्त करने के लिए उनके द्वारा ब्लॉक विकास और पंचायत अफसर ब्लॉक खरड़ को एक रजिस्टर्ड पत्र नौ अगस्त को भेज दिया गया है।
विज्ञापन

बीर दविंदर सिंह ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत बलौंगी खरड़ की शामलात जमीन को गो सेवा के नाम पर पक्के तौर पर हड़पने की साजिश रची जा रही है। इस बाल गोपाल गोशाला के ट्रस्ट के प्रधान सेहत मंत्री खुद हैं और ट्रस्ट पर दिया गया पता भी मंत्री की निजि रिहायश फेज 7 कोठी नंबर 2222 का है। इस जमीन की बाजारी कीमत 200 करोड़ से ज्यादा की बनती है। इस जमीन पर इनकी नजर इस कारण भी थी कि क्योंकि मंत्री का भाई जीती सिद्घू जो कि मेयर भी है द्वारा गांव बलौंगी को नगर निगम अधीन लाने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

बलौंगी पंचायत की यह जमीन जो सेहतमंत्री के ट्रस्ट को 33 साल के लिए लीज पर दी गई है कि कीमत और बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार के मंत्री की यह कार्रवाई इसी तरह बिना रोकटोक के चलती रही तो यह कीमती जमीन कभी भी फिर से ग्राम पंचायत बलौंगी के कब्जे में वापस नहीं आ सकेगी। उन्होंने कहा कि वह गांव बलौंगी के निवासियों से वादा करते हैं कि आरटीआई एक्ट के तहत दस्तावेज मिलने के बाद वह अपने कानूनी सलाहकारों से सलाह करके सुबूतों को लोकपाल की अदालत में योग्य जांच पड़ताल के लिए पेश करेंगे।

दूर होने लगे हैं सिद्घू के विश्वासपात्र
मंत्री बनने के बाद बलबीर सिंह सिद्घू एक के बाद एक ऐसे फैसले ले रहे है। जिस पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। इस कारण इनके विश्वास पात्र भी दूर होते जा रहे हैं। जिन पंचायतों में सिद्घू का दबदबा माना जाता था वो पंचायतें अब दूूरी बनाने में लगी हैं। विधान सभा चुनाव में सिर्फ छह माह बचे हैं और इस कारण उलट-पुलट हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed