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Mohali News: कच्चे कर्मियों को पक्का करने की मांग पर गरजे वनकर्मी
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मोहाली। वन विभाग के कच्चे कर्मियों को पक्का करने के लिए कर्मचारियों ने सेक्टर-68 स्थित वन भवन में धरना दिया। मौसम खराब होने के बावजूद राज्य भर से कर्मचारी धरने में पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
धरने का नेतृत्व अमरीक सिंह गढ़शंकर, जसवीर सिंह सीरा, जसविंदर सौजा, रणजीत गुरदासपुर और बलवीर सिंह तरनतारन ने किया। रैली को संबोधित करते मुलाजिम नेता विरसा सिंह, पवन होशियारपुर, अमनदीप सिंह छतबीड़, मलकीत मुक्तसर, सुलखन सिंह मोहाली और सुखदेव जालंधर ने कहा कि विभाग में काम करने वाले तीन साल की सेवा वाले कच्चे कर्मचारियों को पक्का किए जाए। वहीं, 2006 में दस वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले कर्मियों को तत्काल पक्का किया जाए। वन्य जीव विभाग में कार्यरत कर्मियों को 25% अधिक दर से वेतन दिया जाए।
सभा को संबोधित करते हुए जसविंदर संगरूर, सत नारायण मानसा, निसान फिरोजपुर, जसपाल बठिंडा, केवल गढ़शंकर, सेर सिंह सरहिंद, छिंदरपाल सिंह और निर्मल रोपड़ ने मांग की कि समूह श्रमिकों को कम से कम 25 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाना चाहिए। पीएफ और ईआईएस कटौती की जानी चाहिए और वन विभाग में काम की दरें बढ़ाई जानी चाहिएं। रैली के बाद वन कर्मचारियों ने अपनी प्रांतीय टीम और पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विसेज फेडरेशन के नेता नाथ सिंह बुजरक और गीत ककराला पटियाला के नेतृत्व में वन कांप्लेक्सर को घेर लिया। इस दौरान प्रशासन और पुलिस ने बैठक करके वन कर्मियों को 28 अगस्त को बैठक तय करवाकर उन्हें संतुष्ट किया।
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मांगों का समाधान नहीं किया तो करेंगे संंघर्ष
दर्शन लुधियाना, भूपिंदर सिंह साधोहेड़ी, सतनाम संगरूर, भूपिंदर दसूहा, भुविसन लाल जालंधर, अमृतपाल बठिंडा, जगतार सिंह नाभा, गुरबीर फिरोजपुर, कुलदीप गुरदासपुर और हरजिंदर सिंह सरहिंद ने कहा कि अगर सरकार ने वन कर्मियों की मांगों का समाधान नहीं किया तो वह यूनियन के बैनर तले संघर्ष के लिए मजबूर होंगे। धरने में बलबीर फिरोजपुर, तरसेम बलाचौर, बब्बू मानसा, भिंदर घागा, अमरिंदर मोहाली, मेहर फिरोजपुर, बूटा लुधियाना, जगमीत मुक्तसर, कश्मीर लाल, राज कौर तरनतारन, हरबंस कौर, नाजरा बेगम, कश्मीर कौर फिल्लौर आदि नेता शामिल हुए।
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धरने का नेतृत्व अमरीक सिंह गढ़शंकर, जसवीर सिंह सीरा, जसविंदर सौजा, रणजीत गुरदासपुर और बलवीर सिंह तरनतारन ने किया। रैली को संबोधित करते मुलाजिम नेता विरसा सिंह, पवन होशियारपुर, अमनदीप सिंह छतबीड़, मलकीत मुक्तसर, सुलखन सिंह मोहाली और सुखदेव जालंधर ने कहा कि विभाग में काम करने वाले तीन साल की सेवा वाले कच्चे कर्मचारियों को पक्का किए जाए। वहीं, 2006 में दस वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले कर्मियों को तत्काल पक्का किया जाए। वन्य जीव विभाग में कार्यरत कर्मियों को 25% अधिक दर से वेतन दिया जाए।
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सभा को संबोधित करते हुए जसविंदर संगरूर, सत नारायण मानसा, निसान फिरोजपुर, जसपाल बठिंडा, केवल गढ़शंकर, सेर सिंह सरहिंद, छिंदरपाल सिंह और निर्मल रोपड़ ने मांग की कि समूह श्रमिकों को कम से कम 25 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाना चाहिए। पीएफ और ईआईएस कटौती की जानी चाहिए और वन विभाग में काम की दरें बढ़ाई जानी चाहिएं। रैली के बाद वन कर्मचारियों ने अपनी प्रांतीय टीम और पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विसेज फेडरेशन के नेता नाथ सिंह बुजरक और गीत ककराला पटियाला के नेतृत्व में वन कांप्लेक्सर को घेर लिया। इस दौरान प्रशासन और पुलिस ने बैठक करके वन कर्मियों को 28 अगस्त को बैठक तय करवाकर उन्हें संतुष्ट किया।
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मांगों का समाधान नहीं किया तो करेंगे संंघर्ष
दर्शन लुधियाना, भूपिंदर सिंह साधोहेड़ी, सतनाम संगरूर, भूपिंदर दसूहा, भुविसन लाल जालंधर, अमृतपाल बठिंडा, जगतार सिंह नाभा, गुरबीर फिरोजपुर, कुलदीप गुरदासपुर और हरजिंदर सिंह सरहिंद ने कहा कि अगर सरकार ने वन कर्मियों की मांगों का समाधान नहीं किया तो वह यूनियन के बैनर तले संघर्ष के लिए मजबूर होंगे। धरने में बलबीर फिरोजपुर, तरसेम बलाचौर, बब्बू मानसा, भिंदर घागा, अमरिंदर मोहाली, मेहर फिरोजपुर, बूटा लुधियाना, जगमीत मुक्तसर, कश्मीर लाल, राज कौर तरनतारन, हरबंस कौर, नाजरा बेगम, कश्मीर कौर फिल्लौर आदि नेता शामिल हुए।